कड़े लागत-नियंत्रण से नेटवर्क अपग्रेड, रखरखाव या क्षमता विस्तार टलने का जोखिम पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में भविष्य में कवरेज कमजोर होने, नेटवर्क पर भीड़ बढ़ने, सेवा गुणवत्ता घटने या तकनीकी प्लेटफॉर्म बदलते समय व्यवधान की आशंका हो सकती है।
हालांकि, अभी ऐसा पर्याप्त प्रमाण नहीं है कि Keppel ने नेटवर्क निवेश घटाने का फैसला कर लिया है या M1 की नेटवर्क गुणवत्ता में गिरावट शुरू हो चुकी है। इसलिए इसे संभावित जोखिम के रूप में ही देखा जाना चाहिए, स्थापित तथ्य के रूप में नहीं।
पुनर्गठन के दौरान M1 के लिए पारदर्शी और समय पर संवाद महत्वपूर्ण होगा। कंपनी को चाहिए कि वह:
विशेषज्ञों ने भी कहा है कि टेलीकॉम पुनर्गठन के दौरान ग्राहकों से सक्रिय और स्पष्ट संवाद भरोसा बनाए रखने की कुंजी है।
M1 को Simba Telecom को बेचने का सौदा तब अटक गया, जब Singapore की Infocomm Media Development Authority (IMDA)—देश की दूरसंचार नियामक संस्था—ने अपनी समीक्षा निलंबित कर दी। IMDA को जानकारी मिली थी कि Simba मोबाइल सेवाएं देने के लिए ऐसे रेडियो-फ्रीक्वेंसी बैंड का इस्तेमाल कर सकता है, जो उसे आवंटित नहीं किए गए थे। नियामक ने कहा कि जांच में उल्लंघन साबित होने पर उचित प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा रुकने के बाद Keppel ने बिक्री समझौते को 21 मई 2026 की तय अंतिम समय-सीमा पर समाप्त होने दिया। इसके बाद Simba की मूल कंपनी Tuas ने भी समझौता समाप्त कर दिया।
सौदा आगे न बढ़ पाने के बाद Keppel ने अपनी आकस्मिक योजना लागू की है। इसके तहत 90 दिनों का कार्यक्रम M1 के आकार और कार्यबल को व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप करने तथा लागत घटाने पर केंद्रित है। साथ ही, Keppel भविष्य में M1 से हिस्सेदारी बेचने के अवसरों के लिए खुला है।
उपभोक्ताओं के लिए असली कसौटी यह होगी कि M1 दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ सेवा की गति, विकल्पों की विविधता, नेटवर्क की मजबूती और ग्राहकों की समस्याओं के मानवीय समाधान को कितना बनाए रख पाता है।