व्यावहारिक रूप से Apple ऐसी रोक चाहता है जिससे OpenAI और io Products कथित रूप से Apple की तकनीक या गोपनीय जानकारी पर आधारित AI डिवाइस अथवा अन्य उत्पाद विकसित न कर सकें। Apple का तर्क है कि अंतिम फैसला आने तक जानकारी का इस्तेमाल जारी रहने से उसे ऐसी क्षति हो सकती है जिसकी भरपाई बाद में पैसे से नहीं हो पाएगी।
नवीनतम अदालत में दाखिल दस्तावेजों में Apple ने अपने आरोपों का दायरा Liu, Tan और Yu-Ting Peng से आगे बढ़ाया है। कंपनी का कहना है कि उसकी जांच में 11 अन्य पूर्व Apple कर्मचारियों के बारे में जानकारी मिली है, जो कथित गोपनीय जानकारी हासिल करने या इस्तेमाल करने की घटनाओं के गवाह हो सकते हैं या उनमें किसी तरह शामिल रहे हो सकते हैं।
इसका अर्थ यह नहीं है कि Apple ने इन सभी 11 लोगों के खिलाफ गलत काम साबित कर दिया है। कंपनी इन लोगों की संभावित जानकारी या भूमिका को जल्द सबूत जुटाने की अनुमति मांगने का आधार बता रही है, ताकि अदालत के सामने यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में क्या हुआ था।
Apple का आरोप है कि उसके अप्रकाशित उत्पादों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पर चर्चा की गई और उसे साझा किया गया। कंपनी ने कम-से-कम एक मामले में यह भी कहा है कि OpenAI में इंटरव्यू से पहले किसी कर्मचारी ने गोपनीय दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट लिए। Apple का यह भी दावा है कि कुछ कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ने के बाद Apple द्वारा जारी किए गए डिवाइस या डेटा अपने पास रखे।
Apple का व्यापक तर्क है कि उसके उत्पाद विकास और इंजीनियरिंग से जुड़ी जानकारी OpenAI की उपभोक्ता डिवाइस योजनाओं के लिए उपयोगी हो सकती थी। इन योजनाओं में io Products से जुड़ा हार्डवेयर काम भी शामिल है। io Products वह डिवाइस स्टार्टअप है जिसे Apple के पूर्व डिजाइन प्रमुख Jony Ive से जोड़ा गया है।
जल्द सबूत जुटाने का अनुरोध इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Apple के अनुसार उसे अभी कथित पहुंच, डेटा अपने पास रखने और संभावित इस्तेमाल की पूरी सीमा का पता नहीं है। कंपनी दस्तावेज और पूछताछ के जरिए यह स्पष्ट करना चाहती है कि जानकारी किस-किस के पास गई और क्या वह OpenAI या io Products तक पहुंची।
OpenAI ने Apple के घटनाक्रम के वर्णन को खारिज किया है। उसकी सार्वजनिक प्रतिक्रिया में आरोपों को झूठा और “completely without merit” यानी पूरी तरह निराधार बताया गया। कंपनी ने मुकदमे को “careless, aggressive and oddly personal” यानी लापरवाह, आक्रामक और असामान्य रूप से निजी भी कहा। OpenAI का कहना है कि उसके पास Apple के ट्रेड सीक्रेट्स न तो हैं और न ही वह उन्हें चाहती है।
OpenAI ने यह भी कहा है कि Apple ने पूर्व कर्मचारियों के आचरण का गलत चित्रण किया है और प्रस्तावित निषेधाज्ञा की जरूरत नहीं है। अपने कानूनी जवाब में कंपनी ने Liu और Tan का बचाव किया तथा मुकदमा खारिज करने की मांग की।
OpenAI की दलील का एक अहम हिस्सा यह है कि विवादित जानकारी कानूनी रूप से संरक्षित ट्रेड सीक्रेट्स की श्रेणी में आती भी है या नहीं और Apple ने उसे पर्याप्त रूप से सुरक्षित रखा था या नहीं। OpenAI का कहना है कि Apple की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की प्रक्रिया ने उसके दावे को कमजोर किया। साथ ही, कंपनी का तर्क है कि अपने काम के लिए उसे Apple की गोपनीय सामग्री की जरूरत नहीं थी।
फिलहाल अदालत के सामने मुख्य सवाल यह नहीं है कि अंतिम मुकदमे में Apple जीतेगा या नहीं। तत्काल सवाल यह है कि क्या अदालत पूरी सुनवाई से पहले सबूत जुटाने की प्रक्रिया तेज करेगी और OpenAI तथा संबंधित पक्षों पर अंतरिम पाबंदियां लगाएगी।
Apple का कहना है कि सबूत सुरक्षित रखने और अपनी मानी जा रही गोपनीय जानकारी के आगे इस्तेमाल को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई जरूरी है। OpenAI इसके विपरीत इन अनुरोधों को झूठे या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए आरोपों पर आधारित और अनावश्यक बता रहा है। अदालत का फैसला यह तय करेगा कि पक्षों को कितनी जल्दी दस्तावेज और गवाहियां उपलब्ध करानी होंगी और क्या OpenAI के हार्डवेयर संबंधी काम पर मुकदमे के दौरान अस्थायी रोक लग सकती है।
अभी इस मामले का सबसे बड़ा मोड़ यही है कि यह केवल ट्रेड सीक्रेट्स के कथित दुरुपयोग पर मुकदमा नहीं रह गया है। अब लड़ाई सबूतों की जांच और मुकदमा लंबित रहने के दौरान उत्पाद विकास जारी रखने की क्षमता पर भी है।