सिंगापुर का AI4S, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का S$120 मिलियन का कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य परिकल्पना चुनने से लेकर प्रयोग, सॉफ्टवेयर सत्यापन और उपयोगी तकनीक विकसित करने तक वैज्ञानिक प्रक्रिया में AI को शामिल करना है। 16 जून 2026 को घोषित पहले आठ प्रोजेक्ट AI विशेषज्ञों, विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदा...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How is Singapore’s $120 million national AI for Science (AI4S) programme, announced through eight research projects in June 2026, using arti. Article summary: Singapore’s AI4S is a S$120 million National Research Foundation programme designed to make AI part of the scientific workflow—from choosing hypotheses and running experiments to verifying software and producing deployab. Topic tags: general web, agents, ai, automation, workflow. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, chart
सिंगापुर का AI for Science (AI4S) कार्यक्रम S$120 मिलियन का राष्ट्रीय शोध कार्यक्रम है। इसका लक्ष्य AI को विज्ञान के अलग-थलग सहायक उपकरण के बजाय पूरे वैज्ञानिक कार्यप्रवाह का हिस्सा बनाना है—परिकल्पना चुनने, प्रयोगों की योजना बनाने, डेटा जुटाने, परिणामों की जांच करने और प्रयोगशाला की खोजों को उपयोगी तकनीकों में बदलने तक।
इसके पहले आठ प्रोजेक्ट 16 जून 2026 को शुरू किए गए। इनमें सिंगापुर के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ अंतरराष्ट्रीय साझेदार शामिल हैं। हालांकि, इनकी घोषित क्षमताएं अभी भविष्य के शोध-लक्ष्य हैं; इन्हें पहले से सिद्ध व्यावसायिक परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) और यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो का S$10 मिलियन Materials Data Foundry AI, रोबोटिक्स और प्रयोग के दौरान होने वाले मापों को एक खुली स्वचालित प्रयोगशाला में जोड़ेगा।
आम तौर पर AI मॉडल प्रकाशित शोध-पत्रों में उपलब्ध सामग्री-गुणों के आंकड़ों पर प्रशिक्षित होते हैं। इस प्रोजेक्ट में मॉडल को नए प्रयोगों से ऐसा डेटा देने की योजना है, जो यह बताए कि किसी सामग्री को बनाने की परिस्थितियां उसके वास्तविक प्रदर्शन को कैसे प्रभावित करती हैं। लक्ष्य हजारों नहीं, बल्कि दसियों हजार प्रतिक्रियाओं, प्रयोगों में बनाई जा सकने वाली सामग्रियों और खुले सॉफ्टवेयर टूल्स का डेटासेट तैयार करना है।
इसका उद्देश्य केवल AI द्वारा सुझाए गए नए यौगिकों की सूची बनाना नहीं, बल्कि दोहराई जा सकने वाली वास्तविक “रेसिपी” तैयार करना है—यानी ऐसी निर्माण-विधियां जिन्हें प्रयोगशाला से आगे औद्योगिक स्तर पर परखा जा सके। संभावित क्षेत्रों में सिलिकॉन से आगे की और क्वांटम तकनीक के लिए सामग्री, स्वच्छ हाइड्रोजन से जुड़े टिकाऊ इलेक्ट्रोकैटेलिस्ट और जंग-रोधी कोटिंग्स शामिल हैं।
A*STAR और Imperial College London का लगभग S$10 मिलियन का कार्यक्रम एक Surface Science Foundation Model और क्लाउड प्लेटफॉर्म विकसित करेगा। इसका उद्देश्य कैटेलिस्ट के गुणों और उन्हें बनाने की परिस्थितियों का अनुमान लगाना है। ऐसे कैटेलिस्ट स्वच्छ ईंधन, CO₂ से बने कच्चे माल और जैव-आधारित रसायनों के विकास में उपयोगी हो सकते हैं।
कार्यक्रम के प्राथमिक विवरण में कंप्यूटेशनल स्क्रीनिंग को 500 गुना तेज करने का लक्ष्य बताया गया है। इसलिए “लगभग पांच गुना तेज और सस्ता” जैसे दावों को सावधानी से देखना चाहिए, जब तक यह स्पष्ट न हो कि वे किसी अलग, बाद की विकास-प्रक्रिया के मापदंड से संबंधित हैं।
NUS और Imperial ऐसे प्रोग्राम-रीजनिंग टूल्स विकसित कर रहे हैं, जो सॉफ्टवेयर का स्वचालित विश्लेषण, परीक्षण और औपचारिक सत्यापन कर सकें। इनका लक्ष्य यह साबित करना है कि कोड अपेक्षित तरीके से काम करता है। साथ ही, कम औपचारिक तर्क-पद्धतियों की मदद से बिना दस्तावेज वाले पुराने कोड को समझने की कोशिश की जाएगी।
इन टूल्स का परीक्षण नेटवर्क प्रोटोकॉल और Linux kernel के हिस्सों जैसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर पर किया जाना है। दीर्घकालिक विचार यह है कि AI एजेंट किसी दूसरे AI सिस्टम द्वारा लिखे गए कोड का भी ऑडिट कर सकें।
NUS और A*STAR का MultiOmicsFM DNA, RNA और जीन-गतिविधि से जुड़े डेटा को अलग-अलग देखने के बजाय एक साथ समझने वाला foundation model बनाने की योजना रखता है। इसमें सिंगापुर के बहु-जातीय आबादी से जुड़े डेटासेट का उपयोग रोग-जोखिम अनुसंधान और mRNA उपचारों को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकता है।
वहीं BloodCounts! प्रोजेक्ट सामान्य पूर्ण रक्त-जांच के सभी मूल मापदंडों को रक्त-स्मियर की तस्वीरों के साथ मिलाकर DeepCBC मॉडल विकसित करेगा। उद्देश्य एक आम रक्त-जांच से अधिक चिकित्सकीय जानकारी निकालना और स्ट्रोक तथा कैंसर जैसी स्थितियों के जोखिम का अनुमान लगाने में सहायता करना है।
NUS और University of Illinois का ARCS प्रोजेक्ट दक्षिण-पूर्व एशिया के खेतों के लिए ज्ञान-आधारित कृषि डिजिटल ट्विन विकसित करेगा। डिजिटल ट्विन किसी वास्तविक खेत या कृषि-क्षेत्र का आभासी प्रतिनिधित्व होता है, जिसमें वास्तविक अवलोकन-आधारित डेटा को फसल-विज्ञान के सिद्धांतों के साथ जोड़ा जाता है।
इससे बुआई के समय, संसाधनों के उपयोग और आपूर्ति-श्रृंखला से जुड़े निर्णयों के लिए समझ में आने वाले पूर्वानुमान और निर्णय-सहायता उपकरण तैयार करने का लक्ष्य है। यानी केवल अपारदर्शी AI भविष्यवाणी नहीं, बल्कि उसके पीछे के कृषि-संदर्भ को भी समझाने की कोशिश होगी।
पूरे पोर्टफोलियो में ऊर्जा-परिवहन को बेहतर बनाने के लिए AI-डिजाइन किए गए इंटरफेस पर काम भी शामिल है। इस तरह आठों प्रोजेक्ट सामग्री-विज्ञान, कंप्यूटिंग, जीवन-विज्ञान, ऊर्जा, कृषि, कैटेलिसिस, जीनोमिक्स और रक्त-विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में फैले हैं। AI4S को किसी एक उद्योग तक सीमित रखने के बजाय सिंगापुर ने इसे बहु-विषयी वैज्ञानिक पहल के रूप में तैयार किया है।
AI संभावित सामग्री, अणु, प्रयोग या कोड सुझा सकता है। लेकिन यह तय करने के लिए कि वे वास्तव में बनाए जा सकते हैं, सुरक्षित हैं और उपयोगी साबित होंगे, स्वचालित प्रयोगशालाओं, बड़े पैमाने की स्क्रीनिंग, वास्तविक माप और औपचारिक सत्यापन की जरूरत होगी। Materials Data Foundry इसी closed loop—AI सुझाव से प्रयोग और प्रयोग से नए डेटा—का सबसे स्पष्ट उदाहरण है।
AI4S ऐसे “द्विभाषी” वैज्ञानिक तैयार करने पर भी जोर देता है, जो AI के साथ-साथ सामग्री-विज्ञान, जीवन-विज्ञान या क्वांटम विज्ञान जैसे क्षेत्रों को समझते हों। ऐसे शोधकर्ता मॉडल को केवल डेटा नहीं देंगे, बल्कि वैज्ञानिक सवाल, डेटा की गुणवत्ता और प्रयोगशाला की व्यावहारिक सीमाएं भी शुरुआत से परिभाषित कर सकेंगे।
नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का वित्तपोषण, CREATE परिसर के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, साझा डिजिटल और प्रयोगात्मक ढांचा, खुले टूल्स तथा उद्योग साझेदार—इन सबके माध्यम से सिंगापुर AI-आधारित शोध और उसके व्यावहारिक रूपांतरण का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनने की कोशिश कर रहा है। Imperial के दोनों कार्यक्रम Imperial Global Singapore के जरिए CREATE में संचालित होंगे और दुनिया भर के शोधकर्ताओं के लिए उपलब्धता का लक्ष्य रखते हैं।
अंततः AI4S की सफलता इस बात से मापी जाएगी कि क्या ये प्रोजेक्ट केवल मॉडल की भविष्यवाणियां तेज करते हैं या फिर प्रमाणित निर्माण-विधियां, बेहतर कैटेलिस्ट, चिकित्सकीय निर्णय-सहायता के ठोस प्रमाण और भरोसेमंद सॉफ्टवेयर जैसे बड़े पैमाने पर उपयोग योग्य परिणाम भी देते हैं।
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सिंगापुर का AI4S, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का S$120 मिलियन का कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य परिकल्पना चुनने से लेकर प्रयोग, सॉफ्टवेयर सत्यापन और उपयोगी तकनीक विकसित करने तक वैज्ञानिक प्रक्रिया में AI को शामिल करना है।
सिंगापुर का AI4S, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का S$120 मिलियन का कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य परिकल्पना चुनने से लेकर प्रयोग, सॉफ्टवेयर सत्यापन और उपयोगी तकनीक विकसित करने तक वैज्ञानिक प्रक्रिया में AI को शामिल करना है। 16 जून 2026 को घोषित पहले आठ प्रोजेक्ट AI विशेषज्ञों, विषय विशेषज्ञ वैज्ञानिकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को साथ ला रहे हैं; इनके परिणाम अभी शोध लक्ष्य हैं, सिद्ध व्यावसायिक उपलब्धियां नहीं।
S$10 मिलियन का Materials Data Foundry AI, रोबोटिक्स और वास्तविक प्रयोगों को जोड़कर उन्नत सेमीकंडक्टर, स्वच्छ हाइड्रोजन और टिकाऊ कोटिंग्स के लिए दोहराई जा सकने वाली निर्माण विधियां खोजेगा।