बोल्सोनारो और उनके समर्थकों ने आरोपों से इनकार करते हुए मोराएस को राजनीतिक रूप से पक्षपाती बताया। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि न्यायिक शक्तियों का इस्तेमाल हिरासत और अभिव्यक्ति पर अनुचित नियंत्रण के लिए किया गया।
30 जुलाई 2025 को अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय यानी OFAC ने मोराएस को ग्लोबल मैग्निट्स्की कार्यक्रम के तहत प्रतिबंधित किया था। अमेरिकी आरोप था कि उन्होंने मनमानी पूर्व-परीक्षण हिरासतों को मंजूरी दी और ब्राजील में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया।
ऐसे प्रतिबंधों का सामान्य प्रभाव यह होता है कि अमेरिकी अधिकार-क्षेत्र के अधीन आने वाली संबंधित संपत्ति और संपत्ति-संबंधी हितों को अवरुद्ध कर दिया जाता है। साथ ही, अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों को प्रतिबंधित व्यक्ति के साथ लेन-देन करने से रोक दिया जाता है।
22 सितंबर को अमेरिकी प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए मोराएस की पत्नी विवियाने बार्सी डी मोराएस और उनके परिवार से जुड़ी होल्डिंग कंपनी, Lex Instituto de Estudos Jurídicos, को भी प्रतिबंधित किया। अमेरिका ने इन दोनों को मोराएस के समर्थन नेटवर्क का हिस्सा बताया था।
ब्राजील में इन कदमों को एक असाधारण हस्तक्षेप के रूप में देखा गया, क्योंकि प्रतिबंध एक मौजूदा सुप्रीम कोर्ट जस्टिस के खिलाफ ब्राजील की अपनी न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े फैसलों को लेकर लगाए गए थे। आलोचकों का कहना था कि मानवाधिकार प्रतिबंधों के औजार का इस्तेमाल किसी दूसरे लोकतांत्रिक देश के न्यायिक और राजनीतिक विवाद पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
वॉशिंगटन का रुख इसके उलट था। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे न्यायिक शक्ति के दुरुपयोग और सेंसरशिप का मामला बताया।
मोराएस के खिलाफ प्रतिबंधों ने पहले से कमजोर कूटनीतिक संबंधों को और जटिल बना दिया। इसी अवधि में ब्राजील से आने वाले सामान पर लगाए गए अमेरिकी व्यापारिक उपायों, जिनमें 50 प्रतिशत टैरिफ भी शामिल थे, पर बातचीत मुश्किल हुई।
विश्लेषकों ने कहा कि बोल्सोनारो पर लगाए गए प्रतिबंधों और मोराएस के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के एक साथ आने से राजनीतिक और व्यापारिक संवाद की गुंजाइश बेहद सीमित हो गई थी।
12 दिसंबर 2025 को OFAC ने मोराएस और Lex Institute को अपनी प्रतिबंध सूची से हटा दिया। उसी समय की रिपोर्टों के अनुसार, उनकी पत्नी पर लगाए गए प्रतिबंध भी समाप्त कर दिए गए थे।
अमेरिकी सरकार की सार्वजनिक डीलिस्टिंग सूचना में नाम हटाए जाने की पुष्टि है, लेकिन इस फैसले की विस्तृत वजह नहीं बताई गई। इसलिए उपलब्ध आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर प्रतिबंध हटाने का निश्चित कारण स्थापित नहीं किया जा सकता।
यदि अमेरिका मोराएस के खिलाफ कार्रवाई फिर से शुरू करता है, तो यह सामान्य कानूनी कदम के बजाय दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने का संकेत होगा। संभावित उपायों में संपत्ति को दोबारा ब्लॉक करना और लेन-देन पर रोक लगाना शामिल हो सकता है।
ब्रासीलिया का संभावित रुख यह होगा कि उसके न्यायालयों और आपराधिक कार्यवाहियों से जुड़े मामले ब्राजील की संप्रभुता के दायरे में आते हैं और उन पर अमेरिकी दबाव स्वीकार्य नहीं है। ऐसी स्थिति में ब्राजील जवाबी कूटनीतिक या आर्थिक कदमों पर विचार कर सकता है, हालांकि उसका सटीक रुख अभी पुष्ट नहीं है।
व्यापक आर्थिक जोखिम भी मौजूद हैं। राजनीतिक प्रतिशोध और टैरिफ का चक्र निवेश में अनिश्चितता, वित्तीय अनुपालन की बढ़ती लागत और दोनों देशों के व्यापार में व्यवधान पैदा कर सकता है।