यह अभूतपूर्व इंटरनेट स्लोडाउन दो चरणों में हुआ। 10 अगस्त को, मध्य ताइवान के एक बड़े हिस्से में, जिसमें प्रमुख शहर ताइचुंग भी शामिल है, मोबाइल इंटरनेट धीमा कर दिया गया । 13 अगस्त को, यह स्लोडाउन उत्तरी ताइवान में दोहराया गया, जिसमें राजधानी ताइपे और छह अन्य शहर एवं क्षेत्र शामिल थे
। प्रत्येक स्लोडाउन लगभग 30 मिनट तक चला
।
इस दौरान, केवल बुनियादी मोबाइल फोन सेवाएं काम करती रहीं; एटीएम, ट्रैफिक सिग्नल, लैंडलाइन और फिक्स्ड-लाइन इंटरनेट जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे प्रभावित नहीं हुए । इस ड्रिल का उद्देश्य यह परीक्षण करना था कि यदि किसी आपात स्थिति—प्राकृतिक आपदा से लेकर सैन्य हमले तक—में बैंडविड्थ दुर्लभ हो जाए तो आम नागरिक और महत्वपूर्ण सेवाएं कैसे संवाद करेंगी
। प्रभावित क्षेत्रों में द्वीप की लगभग 70% आबादी रहती है ।
2026 के हान कुआंग अभ्यास 5 अगस्त से 14 अगस्त तक चले, जो अब तक के सबसे लंबे अभ्यासों में से एक रहे । इन ड्रिलों का ध्यान असममित युद्ध, नागरिक लचीलापन और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर केंद्रित था
। प्रमुख घटक इस प्रकार थे:
13 अगस्त को, पूरे ताइपे में एयर रेड सायरन बजे; सड़कों को खाली कराया गया, सार्वजनिक स्थानों को खाली किया गया, और नागरिकों को एक समन्वित नागरिक सुरक्षा ड्रिल के हिस्से के रूप में घरों के अंदर जाने का निर्देश दिया गया । शहरी लचीलापन अभ्यास पहली बार पूरी तरह से सैन्य-केंद्रित हान कुआंग कार्यक्रम में एकीकृत किए गए, जो एक दिन से बढ़ाकर दो दिन कर दिए गए
।
लगभग 20,000 रिजर्विस्टों को बुलाया गया और उन्होंने नियमित सेना के साथ युद्ध और सहायक भूमिकाओं में भाग लिया, जिससे द्वीप की सामूहिक लामबंदी क्षमताओं का परीक्षण हुआ ।
13 अगस्त की सुबह-सुबह, सैन्य पुलिस ने ताइपे के वानहुआ जिले में गुआंगफू ब्रिज पर एक रक्षात्मक नाकाबंदी ड्रिल का मंचन किया। सैनिकों ने पुल पर गैबियन और जर्सी बैरियर लगाकर दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को राजधानी में आगे बढ़ने से रोकने का अनुकरण किया ।
13 अगस्त को, ताइवान की नौसेना और तटरक्षक बल ने द्वीप के पूर्वी तट पर एक संयुक्त नाकाबंदी-विरोधी अभियान चलाया। एक यूशान-क्लास लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक ने आवश्यक आपूर्ति ले जाने वाले एक व्यापारी जहाज का अनुकरण किया, जबकि नौसेना और तटरक्षक बल के जहाजों—जिसमें एक माइनस्वीपर एक सुरक्षित नेविगेशन चैनल साफ कर रहा था—ने इसे बंदरगाह तक एस्कॉर्ट किया। यह पहली बार था जब दोनों सेवाओं ने इस परिदृश्य में एक साथ काम किया ।
पहली बार, ड्रिल में अमेरिकी-प्रेरित 'बैकब्रीफ' (या कन्फर्मेशन ब्रीफ) विधियों को शामिल किया गया, जिसमें अधीनस्थ अपनी योजनाओं को कमांडरों को समझाते हैं ताकि निष्पादन से पहले समझ और इरादे की पुष्टि हो सके । विश्लेषकों ने कहा कि यह अमेरिकी सेना के साथ गहरे परिचालन तालमेल और अधिक विकेंद्रीकृत, अग्रिम-पंक्ति निर्णय लेने की ओर बदलाव को दर्शाता है ।
पूरे अभ्यास के दौरान, ताइवान की रक्षा योजना पर एक बड़ा रणनीतिक प्रश्न मंडरा रहा था: लगभग $14 बिलियन मूल्य का एक नया अमेरिकी हथियार पैकेज जिसकी उम्मीद थी, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इसे मंजूरी नहीं दी गई थी । ट्रंप ने मई 2026 में बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी शिखर वार्ता के बाद कहा था कि उन्होंने इस बिक्री के साथ आगे बढ़ने का फैसला नहीं किया है । ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने सार्वजनिक रूप से वाशिंगटन से इसे जल्दी मंजूरी देने का आग्रह किया
। यह अनिश्चितता एक उल्लेखनीय बदलाव था, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने दिसंबर 2025 में ताइवान के लिए रिकॉर्ड $11 बिलियन के हथियार पैकेज को मंजूरी दी थी ।
पूरे 10 दिवसीय हान कुआंग अभ्यास के दौरान, चीन ने द्वीप के चारों ओर सैन्य दबाव बढ़ा दिया। चीनी वायु सेना के विमान और नौसेना के जहाजों को ताइवान के पास बार-बार पाया गया, जिसमें पूर्वी तट के पास के पानी भी शामिल थे, जहां नाकाबंदी-विरोधी ड्रिल हुई थी । चीन ने अमेरिकी हथियारों की बिक्री का विरोध दोहराया और उसी अवधि के दौरान क्षेत्र में अपने स्वयं के सैन्य अभ्यास किए
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