OpenAI ने मई/जून 2026 के अंत में ही SEC (अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग) के पास गोपनीय रूप से S-1 (IPO के लिए प्रारंभिक दस्तावेज) दाखिल कर दिया था, जिसमें गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली अगुआई कर रहे हैं . कंपनी सितंबर में $852 बिलियन से $1 ट्रिलियन के बीच मूल्यांकन पर लिस्टिंग का लक्ष्य बना रही है
. यह $7 बिलियन का टेंडर एक दबाव-राहत वाल्व की तरह काम करता है: यह कर्मचारियों को IPO से पहले ही नकदी देता है, जबकि IPO के बाद लॉक-अप अवधि में वे अपने शेयर नहीं बेच सकेंगे। इससे IPO से पहले के संवेदनशील समय में प्रतिभा को बनाए रखने में मदद मिलती है
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अप्रैल 2026 में, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट दी थी कि OpenAI नए उपयोगकर्ताओं और राजस्व के अपने आंतरिक लक्ष्यों को हासिल करने में विफल रहा है, जिससे नेतृत्व में इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि क्या कंपनी अपने डेटा सेंटरों पर होने वाले भारी खर्च को जारी रख सकती है . मार्च 2026 तक OpenAI का सालाना राजस्व लगभग $25 बिलियन (प्रति माह $2 बिलियन) था
, लेकिन लीक हुए 2025 के ऑडिटेड वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, कंपनी को $13.07 बिलियन की मान्यता प्राप्त आय पर $20.9 बिलियन का परिचालन घाटा हुआ था, जिसे "122% नकारात्मक मार्जिन" कहा गया
. यानी, कंपनी जितना कमा रही है, उससे कहीं ज्यादा खर्च कर रही है। $7 बिलियन का बायबैक कंपनी की कमाई से नहीं, बल्कि निवेशकों के नकद से किया गया है ताकि घाटे के बावजूद कर्मचारियों को नकदी दी जा सके
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OpenAI इस समय एक नए ट्रेंड का हिस्सा है। पहले की तकनीकी कंपनियां जल्दी से पब्लिक हो जाती थीं, लेकिन अब स्पेसX, स्ट्राइप, डेटाब्रिक्स और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां लंबे समय तक प्राइवेट रहती हैं। ये कंपनियां IPO पर जल्दबाजी करने के बजाय, समय-समय पर सेकेंडरी टेंडर ऑफर (शेयर बायबैक) के जरिए कर्मचारियों को लिक्विडिटी देती हैं . इससे उन्हें अपनी सार्वजनिक शुरुआत का समय खुद चुनने, तिमाही नतीजों की जांच से बचने और अपने निवेशक आधार को चुनने की सुविधा मिलती है। OpenAI का यह $7 बिलियन का टेंडर अब तक के सबसे बड़े टेंडर में से एक है, जो इसके विशाल प्राइवेट वैल्यूएशन और कर्मचारियों को लिक्विडिटी देने के बढ़ते दबाव को दर्शाता है।