अमेरिकी न्याय प्रशासन कार्यालय (AOUSC) 2029 से अपनी वार्षिक वायरटैप रिपोर्ट में स्पाइवेयर और हैकिंग टूल्स के इस्तेमाल के लिए एक नई श्रेणी जोड़ेगा। यह नई रिपोर्ट केवल लाइव कॉल और मैसेजेज़ की रीयल टाइम इंटरसेप्शन को कवर करेगी, न कि डिवाइस सर्च या FISA जैसी राष्ट्रीय सुरक्षा निगरानी को। सीनेटर रॉन वायडेन, EFF और ACLU ज...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What is the new U.S. judiciary policy starting in 2029 to publicly disclose how often judges authorize wiretaps carried out with spyware and. Article summary: Starting in 2029, the U.S. judiciary will for the first time publicly disclose how many times federal judges authorize wiretaps carried out with spyware and hacking tools — a category the government calls network investi. Topic tags: general, government, general web, user generated, education. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, wat
अमेरिकी न्यायपालिका ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह 2029 से सार्वजनिक रूप से यह बताएगी कि न्यायाधीशों ने स्पाइवेयर और हैकिंग टूल्स के इस्तेमाल से होने वाले वायरटैप को कितनी बार अधिकृत किया है। यह एक ऐसी निगरानी पद्धति है जिसे सरकार 'नेटवर्क इन्वेस्टिगेटिंग टेक्नीक्स' (NITs) कहती है ।
अमेरिकी न्याय प्रशासन कार्यालय (AOUSC) लगभग दो दशकों से 'वायरटैप रिपोर्ट' प्रकाशित करता आ रहा है, जो Title III ऑफ द ओम्निबस क्राइम कंट्रोल एंड सेफ स्ट्रीट्स एक्ट 1968 के तहत अनिवार्य है । यह रिपोर्ट बताती है कि संघीय और राज्य स्तर पर कितने वायरटैप अधिकृत किए गए, किन राज्यों में, और किस तरह के अपराधों के लिए
।
अब इसमें एक नई श्रेणी जोड़ी जाएगी: स्पाइवेयर/हैकिंग। AOUSC के प्रवक्ता के अनुसार, इसके लिए रिपोर्टिंग फॉर्म और प्रक्रियाओं को अपडेट करना होगा, यही वजह है कि यह बदलाव 2028 के रिपोर्टिंग साइकल से लागू होगा, जिसका डेटा 2029 में प्रकाशित होगा ।
क्या कवर होगा: यह नई श्रेणी विशेष रूप से उन स्पाइवेयर और हैकिंग टूल्स पर नज़र रखेगी जिनका इस्तेमाल लाइव, रीयल-टाइम संचार (जैसे फोन कॉल, टेक्स्ट मैसेज) को इंटरसेप्ट करने के लिए किया जाता है । यह NITs का वह हिस्सा है जो Title III के तहत 'वायरटैप' की कानूनी परिभाषा में आता है।
क्या कवर नहीं होगा:
FBI कम से कम 1998 से हैकिंग टूल्स और स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन अब तक इस बात का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं था कि न्यायाधीशों ने इन तकनीकों को कितनी बार अधिकृत किया ।
सीनेटर रॉन वायडेन, इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (EFF) और ACLU लंबे समय से इस डेटा को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे। उनका तर्क है कि गुप्त निगरानी, जो जनता के सामने जवाबदेह नहीं है, चौथे संशोधन के सिद्धांतों के खिलाफ है ।
AOUSC ने इस बदलाव की जानकारी सीनेटर वायडेन के कार्यालय को दी है । अब, एक स्थापित और कानूनी रूप से अनिवार्य सार्वजनिक रिपोर्ट में एक समर्पित श्रेणी जोड़कर, सरकार की यह पहले से अंधेरे में रहने वाली निगरानी प्रथा एक मापने योग्य और तुलनीय डेटा पॉइंट में बदल जाएगी। शोधकर्ता, कांग्रेस और आम जनता अब यह देख पाएंगे कि सरकार कितनी बार अमेरिकियों पर नज़र रखने के लिए स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर रही है — जो सूचित निगरानी और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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अमेरिकी न्याय प्रशासन कार्यालय (AOUSC) 2029 से अपनी वार्षिक वायरटैप रिपोर्ट में स्पाइवेयर और हैकिंग टूल्स के इस्तेमाल के लिए एक नई श्रेणी जोड़ेगा।
अमेरिकी न्याय प्रशासन कार्यालय (AOUSC) 2029 से अपनी वार्षिक वायरटैप रिपोर्ट में स्पाइवेयर और हैकिंग टूल्स के इस्तेमाल के लिए एक नई श्रेणी जोड़ेगा। यह नई रिपोर्ट केवल लाइव कॉल और मैसेजेज़ की रीयल टाइम इंटरसेप्शन को कवर करेगी, न कि डिवाइस सर्च या FISA जैसी राष्ट्रीय सुरक्षा निगरानी को।
सीनेटर रॉन वायडेन, EFF और ACLU जैसे गोपनीयता अधिवक्ताओं का कहना है कि यह बदलाव चौथे संशोधन के तहत नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।