यूक्रेन के कृषि मंत्री तारास वायसोत्स्की ने 2026-27 सीजन के लिए निर्यात पूर्वानुमान को 12% तक घटाकर 38-40 मिलियन टन कर दिया है । ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे सीजन के लिए कृषि शिपमेंट पिछले अनुमानों से 54% तक नीचे गिर सकते हैं ।
यूक्रेन ने तीसरे पक्ष (तुर्की) के माध्यम से रूस को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें दोनों पक्षों द्वारा काला सागर में नागरिक लक्ष्यों पर हमलों को पारस्परिक रूप से रोकने का सुझाव दिया गया था । तुर्की ने 8 अगस्त को यह प्रस्ताव मास्को को भेजा था। रूस ने इस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
14 अगस्त को क्रेमलिन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि मॉस्को को ऐसे 'आधे-अधूरे उपायों' का कोई आधार नहीं दिखता, जो यूक्रेन को 'सांस लेने की जगह' (ब्रीदिंग स्पेस) देंगे । उन्होंने यूक्रेन पर नागरिक शिपिंग के खिलाफ 'बेशर्म आतंकवादी कृत्यों' का आरोप लगाया । रूस ने 2022-2023 के काला सागर अनाज पहल (ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव) जैसी किसी भी व्यवस्था में लौटने से भी साफ इनकार कर दिया । विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी 14 अगस्त को दोहराया कि रूस ऐसी किसी भी शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा जो यूक्रेन के पूर्ण आत्मसमर्पण की उसकी मांगों को पूरा न करे ।
यूक्रेन के कृषि मंत्री तारास वायसोत्स्की ने 2026-27 सीजन के लिए निर्यात पूर्वानुमान को 12% तक घटाकर 38-40 मिलियन टन कर दिया है । ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरे सीजन के लिए कृषि शिपमेंट पिछले अनुमानों से 54% तक नीचे गिर सकते हैं ।
यूक्रेन ने तीसरे पक्ष (तुर्की) के माध्यम से रूस को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें दोनों पक्षों द्वारा काला सागर में नागरिक लक्ष्यों पर हमलों को पारस्परिक रूप से रोकने का सुझाव दिया गया था । तुर्की ने 8 अगस्त को यह प्रस्ताव मास्को को भेजा था। रूस ने इस प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
14 अगस्त को क्रेमलिन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि मॉस्को को ऐसे 'आधे-अधूरे उपायों' का कोई आधार नहीं दिखता, जो यूक्रेन को 'सांस लेने की जगह' (ब्रीदिंग स्पेस) देंगे । उन्होंने यूक्रेन पर नागरिक शिपिंग के खिलाफ 'बेशर्म आतंकवादी कृत्यों' का आरोप लगाया । रूस ने 2022-2023 के काला सागर अनाज पहल (ब्लैक सी ग्रेन इनिशिएटिव) जैसी किसी भी व्यवस्था में लौटने से भी साफ इनकार कर दिया । विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी 14 अगस्त को दोहराया कि रूस ऐसी किसी भी शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा जो यूक्रेन के पूर्ण आत्मसमर्पण की उसकी मांगों को पूरा न करे ।