खास बात यह है कि सिर्फ अमेरिकी उद्यमों (एंटरप्राइज) के API ट्रैफिक में भी चीनी मॉडलों की हिस्सेदारी 2026 के मध्य तक साप्ताहिक रूप से 46% तक पहुंच गई थी, जबकि अमेरिकी मॉडलों की हिस्सेदारी उसी सेगमेंट में 35.7% रह गई थी ।
चीन में विकसित ओपन-वेट मॉडल्स ने 2026 के मध्य तक के एक साल में हगिंग फेस (Hugging Face) के कुल 41% डाउनलोड हासिल किए, जबकि अमेरिकी मॉडलों का हिस्सा 36.5% था । इस तरह चीन इस प्लेटफॉर्म पर ओपन-मॉडल डाउनलोड का सबसे बड़ा पहचाना जाने वाला राष्ट्रीय स्रोत बन गया
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अलीबाबा का Qwen परिवार सितंबर 2025 में मेटा (Meta) के लामा (Llama) को पीछे छोड़ते हुए हगिंग फेस पर सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला LLM परिवार बन गया । जनवरी 2026 तक Qwen ने 1 बिलियन क्यूम्युलेटिव डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया
। एक अकादमिक ATOM रिपोर्ट के अनुसार, चीनी ओपन मॉडल्स ने अगस्त 2025 तक क्यूम्युलेटिव डाउनलोड में अमेरिकी मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया था, और मार्च 2026 तक यह अंतर 400 मिलियन डाउनलोड से अधिक हो गया
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एक चेतावनी: डेटा बहुत केंद्रित है। हगिंग फेस पर शीर्ष 200 मॉडल्स (कुल मॉडल्स का 0.01%) सभी डाउनलोड का 49.6% हिस्सा हैं । इसलिए यह नेतृत्व एक व्यापक इकोसिस्टम के बजाय कुछ ही बड़े मॉडल्स (डीपसीक R1, Qwen, MiMo) की देन है। फिर भी, चलन स्पष्ट है।
अफ्रीका के टेक हब्स में डेवलपर्स ताकतवर अमेरिकी मॉडल्स की बजाय चीनी मॉडल्स को चुन रहे हैं, क्योंकि वे सस्ते, आसानी से उपलब्ध और अनुकूलित (कस्टमाइज) किए जा सकने वाले हैं । उदाहरण के लिए, युगांडा के एक स्टार्टअप ने अलीबाबा के मॉडल का इस्तेमाल करके स्थानीय भाषा के लिए सनफ्लावर (Sunflower) नामक एक AI टूल बनाया
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चीनी AI कंपनियां मेज़बान देशों के साथ साझेदारी कर रही हैं ताकि स्थानीय भाषाओं और उद्योगों के लिए AI मॉडल विकसित किए जा सकें, जो अमेरिकी मॉडल्स में अक्सर नज़रअंदाज कर दिए जाते हैं । जुलाई 2026 में शंघाई में आयोजित वर्ल्ड AI कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने विकासशील देशों के लिए अगले पांच वर्षों में 5,000 AI प्रशिक्षण स्लॉट देने का वादा किया, जो इकोसिस्टम को अपने साथ जोड़ने का एक सीधा निवेश है
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हडसन इंस्टीट्यूट (Hudson Institute) के अनुसार, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के लिए चीनी ऑफ़र को "नकारना मुश्किल" है, क्योंकि अमेरिकी मॉडल, भले ही अधिक उन्नत हों, बहुत महंगे और कम सुलभ हैं । माइक्रोसॉफ्ट की एक रिपोर्ट में पाया गया कि ग्लोबल साउथ में 60% से अधिक AI ट्रैफिक अब चीनी ओपन-सोर्स AI मॉडल्स पर आधारित है ।
AI बाजार अब एक ऐसा बुनियादी ढांचा स्तर बन रहा है जहां सामर्थ्य (किफायती) और तैनाती (डिप्लॉयमेंट) सबसे मायने रखता है, न कि सिर्फ बेंचमार्क स्कोर। चीनी ओपन-वेट मॉडल ये सुविधाएं देते हैं:
फिर भी, अपनाए जाने का चलन स्पष्ट है: AI रेस अब ऐसे चरण में प्रवेश कर चुकी है जहां उपलब्धता और किफायती होना, बेंचमार्क स्कोर जितना ही मायने रखता है, और चीन ने इसमें एक मजबूत बढ़त बना ली है।