CBC Group के CEO फू वेई के अनुसार, चीन अगले दस साल में Pfizer, Novartis जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर देने वाली एक घरेलू फार्मा कंपनी खड़ी कर सकता है [7][8]। चीन में दवा की खोज की लागत अमेरिका और यूरोप से 30 40% कम है, और क्लिनिकल ट्रायल 2 3 गुना तेज़ हैं [3]। 2025 में चीन के NMPA ने रिकॉर्ड 76 नई दवाओं को मंजूरी दी...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: How, according to analysts such as CBC Group CEO Fu Wei, is China’s biotech sector positioned to compete with global drug giants over the ne. Article summary: At the 2026 Hong Kong Global Health Summit, CBC Group CEO Fu Wei argued that China is on track to produce a home-grown pharmaceutical company capable of competing with global drug giants within a decade [7][8]. His forec. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
पिछले तीन दशकों से दुनिया में दवा अनुसंधान और विकास (R&D) का एक ही प्रमुख मॉडल था - अमेरिका के नेतृत्व वाला इकोसिस्टम। लेकिन CBC Group के CEO फू वेई का मानना है कि वह दौर खत्म हो रहा है। 2026 के हांगकांग ग्लोबल हेल्थ समिट में उन्होंने तर्क दिया कि चीन एक दूसरा, समानांतर R&D इकोसिस्टम बना रहा है और अगले दशक में यहाँ एक घरेलू फार्मास्युटिकल कंपनी उभर सकती है जो Pfizer, Novartis और Roche जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर दे सके ।
यह भविष्यवाणी अकेली नहीं है। इसे तेज़ होती नियामक मंजूरियों, क्लिनिकल ट्रायल में उछाल और सीमा पार लाइसेंसिंग सौदों के आंकड़े समर्थन करते हैं, जिन्होंने वैश्विक बायोटेक परिदृश्य को बदल दिया है। आइए समझते हैं कि चीन का बायोटेक सेक्टर कैसे प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है और उस भविष्यवाणी के पीछे क्या कारण हैं।
फू वेई का मुख्य तर्क संरचनात्मक है। उन्होंने समिट में कहा, "पिछले तीन दशकों से दुनिया में सिर्फ एक वैश्विक अनुसंधान और विकास इकोसिस्टम था, और वह था अमेरिका। पिछले दस वर्षों में, एक समानांतर इकोसिस्टम - चीन - उभरा है।"
यह दूसरा इकोसिस्टम अमेरिकी मॉडल की नकल नहीं है। यह वैश्विक फार्मा को दवा की खोज और विकास के लिए एक वास्तविक विकल्प प्रदान करता है, जो मौजूदा पश्चिमी ढाँचे के साथ-साथ काम करता है । फू वेई का तर्क है कि यही स्वतंत्रता इस उभार को चक्रीय नहीं, बल्कि टिकाऊ बनाती है।
चीन की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को अक्सर सिर्फ सस्तेपन (cost arbitrage) के रूप में देखा जाता है, लेकिन विश्लेषक इसे "एक ऐसा दक्षता लाभ बताते हैं जो सामान्य लागत लाभों से परे है" । आंकड़े खुद बयान करते हैं:
McKinsey के आंकड़े पूरी दवा विकास प्रक्रिया में इस समय और लागत के लाभ की पुष्टि करते हैं । गति अब एक अस्थायी मूल्य लाभ नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक प्रतिस्पर्धात्मक खाई (competitive moat) बन गई है
।
चीन के राष्ट्रीय चिकित्सा उत्पाद प्रशासन (NMPA) ने 2025 में रिकॉर्ड 76 नई दवाओं को मंजूरी दी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 58.3% अधिक है। इनमें से 80% से अधिक रासायनिक दवाएँ और 90% से अधिक जैविक दवाएँ घरेलू उत्पाद थीं ।
नियामक सुधार एक प्रमुख चालक रहा है। चीन में पहली बार मनुष्यों पर परीक्षण (first-in-human) की मंजूरी का समय 2015 से पहले के 501 दिनों से घटकर आज केवल 87 दिन रह गया है, जो 30 कार्य दिवसों की आपत्ति-आधारित IND समीक्षा द्वारा समर्थित है । सरकार विदेशी नैदानिक डेटा को स्वीकार करने और R&D कर प्रोत्साहन लागू करने की ओर भी बढ़ रही है, जिससे बाजार तक पहुँचने का रास्ता और छोटा हो रहा है ।
वैश्विक नवीन दवा उम्मीदवारों में चीन की हिस्सेदारी 2018 में 8% से बढ़कर 2026 तक 30% हो गई है, जबकि इसी अवधि में अमेरिका की हिस्सेदारी 47% से घटकर 36% हो गई है । क्लिनिकल ट्रायल की मात्रा में बदलाव और भी चौंकाने वाला है: चीन ने 2021 में कुल क्लिनिकल ट्रायल मात्रा में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया और तब से हर साल यह बढ़त बढ़ा रहा है। 2025 तक, चीन में लगभग 7,100-7,700 ट्रायल हुए, जबकि अमेरिका में यह संख्या लगभग 6,200-6,300 रही
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वैश्विक लाइसेंसिंग बाजार इस पाइपलाइन की परिपक्वता को दर्शाता है। चीनी कंपनियों से आउट-लाइसेंसिंग सौदे 2025 में रिकॉर्ड $137.7 बिलियन तक पहुँच गए । 2026 की शुरुआत तक, चीनी कंपनियाँ कुल वैश्विक आउट-लाइसेंसिंग मूल्य का लगभग 69% हिस्सा थीं
। अकेले 2026 की पहली तिमाही में, सीमा पार लाइसेंसिंग सौदे रिकॉर्ड $60 बिलियन के थे ।
तेज़ी से बढ़त के बावजूद, कई विश्लेषकों का मानना है कि चीन के बायोटेक सेक्टर की स्पष्ट सीमाएँ हैं। 2026 के मध्य में Cure द्वारा किए गए वरिष्ठ बायोटेक अधिकारियों के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि जहाँ चीन क्लिनिकल डेवलपमेंट पैमाने और आपूर्ति श्रृंखला में अग्रणी है, वहीं बायोमेडिकल विज्ञान की गुणवत्ता और व्यावसायिक पहुँच में अमेरिका अभी भी आगे है ।
चीन की मुख्य ताकत अभी भी उन क्षेत्रों में है जहाँ लागत प्रभावशीलता महत्वपूर्ण है - सक्रिय दवा सामग्री (API) का निर्माण, अनुबंध अनुसंधान और मौजूदा उपचारों के 'मी-टू' और 'मी-बेटर' संस्करण तैयार करना । यह मौलिक जीवविज्ञान और प्रथम श्रेणी (first-in-class) नवाचार में अभी भी पीछे है
। फू वेई का दशक भर का समय एक पूर्वानुमान है, कोई निश्चितता नहीं। यह नियामक सुधारों की निरंतरता, पाइपलाइन की परिपक्वता और प्रारंभिक चरण के अणुओं को स्वीकृत, वैश्विक स्तर पर विपणन योग्य दवाओं में बदलने की क्षमता पर निर्भर करता है।
चीन का बायोटेक सेक्टर दूसरा वैश्विक R&D इकोसिस्टम बना रहा है जो पहले से ही दवाओं की खोज, विकास और लाइसेंसिंग के तरीके को नया आकार दे रहा है। लागत और गति के लाभ संरचनात्मक हैं, अस्थायी नहीं। लेकिन इन लाभों को एक ऐसी घरेलू ब्लॉकबस्टर दवा निर्माता कंपनी में बदलना - जो प्रथम श्रेणी के नवाचार और वैश्विक व्यावसायीकरण में आमने-सामने प्रतिस्पर्धा कर सके - अभी भी एक काम चालू है। अगला दशक ही बताएगा कि यह समानांतर इकोसिस्टम सच्चा प्रतिद्वंद्वी बनता है या नहीं।
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CBC Group के CEO फू वेई के अनुसार, चीन अगले दस साल में Pfizer, Novartis जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर देने वाली एक घरेलू फार्मा कंपनी खड़ी कर सकता है [7][8]।
CBC Group के CEO फू वेई के अनुसार, चीन अगले दस साल में Pfizer, Novartis जैसी दिग्गज कंपनियों को टक्कर देने वाली एक घरेलू फार्मा कंपनी खड़ी कर सकता है [7][8]। चीन में दवा की खोज की लागत अमेरिका और यूरोप से 30 40% कम है, और क्लिनिकल ट्रायल 2 3 गुना तेज़ हैं [3]।
2025 में चीन के NMPA ने रिकॉर्ड 76 नई दवाओं को मंजूरी दी, जो पिछले साल से 58.3% अधिक है [5]।