रिस्टैड एनर्जी का अनुमान: रूसी कच्चे तेल का उत्पादन 2026 में 8.95 मिलियन और 2027 में 8.6 मिलियन बैरल प्रति दिन तक गिर जाएगा, जो यूक्रेनी ड्रोन हमलों और प्रतिबंधों का नतीजा है। जुलाई 2026 में अकेले 18 रिफाइनरियों पर हमला, रूस का तेल शोधन 2002 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। आईईए को 2027 में 4.61 मिलियन बैरल...
शोध उत्तर

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रूसी कच्चे तेल का उत्पादन तीन ताकतों – यूक्रेनी ड्रोन हमले, कड़े पश्चिमी प्रतिबंध, और पुराने होते कुओं की कमज़ोर संरचना – के दबाव में है। रिस्टैड एनर्जी (Rystad Energy) और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) लगातार अपने पूर्वानुमानों को घटा रहे हैं। जैसे-जैसे उत्पादन गिरता जा रहा है, रूस की अपने शेष खरीदारों पर पकड़ ढीली पड़ती जा रही है, खासकर तब जब 2027 से वैश्विक बाजार में बड़े पैमाने पर तेल की अधिकता की आशंका है ।
रिस्टैड एनर्जी ने 14 अगस्त 2026 को अपने एक संशोधित पूर्वानुमान में कहा कि रूस का कच्चा तेल उत्पादन 2026 में औसतन 8.95 मिलियन बैरल प्रति दिन और 2027 में 8.6 मिलियन बैरल प्रति दिन तक गिर जाएगा। पिछले अनुमान की तुलना में यह 90,000 बैरल प्रति दिन की कमी है । आईईए ने भी इसी तरह कटौती की है: उसके अनुसार रूस का तेल उत्पादन 2026 में औसतन 8.9 मिलियन बैरल प्रति दिन और 2027 में 8.8 मिलियन बैरल प्रति दिन रहेगा, जबकि 2025 में यह 9.2 मिलियन बैरल प्रति दिन था
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जुलाई 2026 में रूस का वास्तविक कच्चा तेल उत्पादन घटकर 8.76 मिलियन बैरल प्रति दिन पर आ गया, जो उसके अपने ओपेक+ (OPEC+) लक्ष्य से भी कम है । लगातार चौथे साल उत्पादन में गिरावट दर्ज की जा रही है। कार्नेगी एंडोमेंट के अनुसार यह गिरावट 2030 तक लगभग 8 मिलियन बैरल प्रति दिन और 2035 तक 7 मिलियन बैरल प्रति दिन से भी नीचे जा सकती है
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2026 की शुरुआत से यूक्रेन ने रूसी रिफाइनरियों पर ड्रोन हमलों की दर दोगुनी कर दी । मई 2026 तक मध्य रूस की लगभग सभी प्रमुख रिफाइनरियों को अपना उत्पादन बंद या कम करने पर मजबूर होना पड़ा
। जुलाई 2026 में अकेले 18 रिफाइनरियों पर हमले हुए, जिसमें देश की सबसे बड़ी ओम्स्क (Omsk) रिफाइनरी भी शामिल थी। इससे रूस का तेल शोधन 2002 के बाद अपने 24 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया
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अगस्त में ओर्स्क (Orsk) रिफाइनरी पर हमला हुआ और उसे पूरी तरह बंद करना पड़ा। वहां की मरम्मत में छह महीने तक लग सकते हैं क्योंकि ज़रूरी उपकरण आयातित हैं और प्रतिबंधों के कारण उनके पुर्जे नहीं मिल पा रहे हैं । मई 2026 में रूसी कच्चे तेल का उत्पादन साल-दर-साल लगभग 5% गिरकर 8.7 मिलियन बैरल प्रति दिन रह गया, जो लक्ष्य से 10% कम था
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यूक्रेन के डीप-स्ट्राइक अभियान में भंडारण सुविधाओं, टैंकरों और बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया। जुलाई 2026 में अकेले कम से कम 30 यूक्रेनी हमले दर्ज किए गए, जिनमें पांच बड़े टैंकर, पांच बंदरगाह सुविधाएं और दो पाइपलाइन शामिल थे । काला सागर पर स्थित नोवोरोस्सिय्स्क (Novorossiysk) बंदरगाह, जो रूसी कच्चे तेल का एक प्रमुख निर्यात केंद्र है, वहां भी व्यवधान उत्पन्न हुआ है, जिससे समुद्री निर्यात की विश्वसनीयता को खतरा है
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यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन, अमेरिका और उनके सहयोगियों ने रूसी कच्चे तेल की कीमत सीमा को धीरे-धीरे कम किया है और अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए हैं। EU के 18वें प्रतिबंध पैकेज में सितंबर 2025 से कच्चे तेल की कीमत सीमा घटाकर 47.60 डॉलर प्रति बैरल कर दी गई थी, जिसे 2026 की शुरुआत में और घटाकर 44.10 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया । अमेरिकी सीनेट ने अगस्त 2026 में 'लिंडसे ओ ग्रैहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' पारित किया, जो रूसी तेल आयात करने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान करता है ।
इन प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल की शिपिंग और बीमा लागत प्रति यात्रा 10-20% तक बढ़ गई है, जिससे लाभप्रदता घटी है और एशिया को निर्यात धीमा पड़ा है । ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन के अनुसार, प्रतिबंध निर्यात को रोककर नहीं, बल्कि उसे कम लाभदायक बनाकर असर डालते हैं: रूस को अपने तेल की ढुलाई पर भारी रकम खर्च करनी पड़ती है, जो हर यात्रा पर कार्गो की कीमत का 10-20% होता है ।
तत्काल व्यवधानों से परे, रूस के सामने एक गहरी संरचनात्मक समस्या है। रिस्टैड एनर्जी बताता है कि पुराने और अधिक पानी वाले (हाई-वॉटर-कट) कुएं लंबे समय तक बेकार पड़े रहते हैं, जिससे प्रभावी अतिरिक्त क्षमता कम हो जाती है। वहीं, बड़े पैमाने पर नए तेल क्षेत्रों के विकास (ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट) के अभाव में रूस 2027 के बाद पुराने क्षेत्रों से उत्पादन में गिरावट की भरपाई नहीं कर पाएगा ।
रिस्टैड का अनुमान है कि रूस की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता – जिसे सभी बाधाएं हटा लेने पर तुरंत बहाल किया जा सकता है – 2026 में लगभग 620,000 बैरल प्रति दिन है, जो 2027 में मामूली रूप से 700,000 बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकती है। इस क्षमता का अधिकांश हिस्सा पुराने कुओं से जुड़ा है, जिन्हें ओपेक+ कोटा के तहत बंद किया गया था और आसानी से फिर से शुरू नहीं किया जा सकता ।
रूसी तेल उत्पादकों ने 2025 में ड्रिलिंग को तीन साल के सबसे निचले स्तर (29,140 किलोमीटर उत्पादन कुएं) पर ला दिया, जो 2024 से 3.4% कम है। प्रतिबंधों और कम राजस्व ने निवेश को प्रभावित किया । यह कम निवेश प्राकृतिक रूप से हो रही गिरावट को और बढ़ा देता है। पश्चिमी साइबेरिया के खांटी-मानसीस्क (Khanty-Mansiysk) क्षेत्र में, जो देश के लगभग 40% उत्पादन के लिए जिम्मेदार है, उत्पादन 2009 से लगातार घट रहा है और 2019 से 2024 के बीच इसमें 13% से अधिक की गिरावट आई है ।
उपलब्ध सबूतों से पुष्टि होती है कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने नोवोरोस्सिय्स्क सहित काला सागर बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। जून 2026 में नोवोरोस्सिय्स्क में कच्चे तेल की लोडिंग में मासिक आधार पर 68% की वृद्धि हुई, लेकिन यह आंशिक रूप से बाल्टिक बंदरगाहों से रूट बदलने के कारण था, जो बाधित हो गए थे । हालांकि, इस बात का कोई प्रत्यक्ष स्रोत उपलब्ध नहीं है कि नोवोरोस्सिय्स्क में व्यवधानों के कारण ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 88.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। व्यापक संदर्भ – ईरानी व्यवधानों, रूसी गिरावट और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने सहित कई स्रोतों से वैश्विक आपूर्ति में कमी – ने तेल बाजारों पर दबाव बनाए रखा है। आईईए ने 2026 में गहराती वैश्विक आपूर्ति की कमी पर ध्यान दिया है ।
रूस की अपने शेष ग्राहकों – मुख्य रूप से चीन और भारत – पर बढ़त कमज़ोर पड़ रही है। इसके कई कारण हैं:
संक्षेप में कहें तो, रूस चारों तरफ से दबाव में है – ड्रोन हमले उसकी उत्पादन और शोधन क्षमता को नष्ट कर रहे हैं; प्रतिबंध लाभप्रदता को काट रहे हैं और लेनदेन की लागत बढ़ा रहे हैं; पुराने कुएं और कम निवेश उत्पादन आधार को सिकोड़ रहे हैं; और 2027 में आने वाला वैश्विक अधिशेष उसकी पहले से कम होती ग्राहक संख्या पर बची-खुची मोलभाव करने की शक्ति को भी खत्म कर देगा।
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रिस्टैड एनर्जी का अनुमान: रूसी कच्चे तेल का उत्पादन 2026 में 8.95 मिलियन और 2027 में 8.6 मिलियन बैरल प्रति दिन तक गिर जाएगा, जो यूक्रेनी ड्रोन हमलों और प्रतिबंधों का नतीजा है।
रिस्टैड एनर्जी का अनुमान: रूसी कच्चे तेल का उत्पादन 2026 में 8.95 मिलियन और 2027 में 8.6 मिलियन बैरल प्रति दिन तक गिर जाएगा, जो यूक्रेनी ड्रोन हमलों और प्रतिबंधों का नतीजा है। जुलाई 2026 में अकेले 18 रिफाइनरियों पर हमला, रूस का तेल शोधन 2002 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
आईईए को 2027 में 4.61 मिलियन बैरल प्रति दिन के वैश्विक अधिशेष की उम्मीद, जो चीन और भारत जैसे खरीदारों के सामने रूस की मोलभाव करने की शक्ति को और कमजोर करेगा।