ये ड्रोन हमले कोई अलग-थलग घटना नहीं हैं। ये ईरान के IRGC द्वारा UAE के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और खाड़ी के समुद्री रास्तों को निशाना बनाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
ADNOC ने स्वीकार किया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य में उसके 15 जहाजों पर हमला किया जा चुका है, जिसमें अकेले 14 अगस्त के हमलों से पहले के सप्ताह में तीन जहाज शामिल हैं । ADNOC होर्मुज के माध्यम से कच्चे तेल की ढुलाई के लिए एक महत्वपूर्ण शटल सिस्टम संचालित करता है, जिसमें इराकी कच्चा तेल भी शामिल है, जो इसे हमलों के लिए एक स्थायी और उच्च-मूल्य वाला लक्ष्य बनाता है ।
इन्हीं घटनाओं के बीच, 9 अगस्त 2026 को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट पर सरकारी नियंत्रण वाले बंदरगाह शहर मोखा (Mokha) पर एक समन्वित मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इस हमले में कम से कम 25 प्रोजेक्टाइल दागे गए, जिससे हाल ही में बहाल किए गए बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा ।
विभिन्न स्रोतों के अनुसार, मोखा में इस हमले में कम से कम 7 से 11 लोग मारे गए (जिनमें नागरिक और सैन्यकर्मी दोनों शामिल हैं) और 15 से 32 लोग घायल हुए ।
इसी दिन, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर जाजान (Jazan) में स्थित सऊदी अरामको (Saudi Aramco) की रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का दावा किया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रिफाइनरी में आग लगने की पुष्टि की, जिसे बुझा दिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है ।
ये हमले बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab Al-Mandeb strait) शिपिंग रूट के लिए सीधा खतरा हैं और यमन में पूर्ण पैमाने पर गृह युद्ध लौटने की आशंकाओं को बढ़ाते हैं। ये सब उस समय हुआ जब सऊदी अरब ने तुर्की और पाकिस्तान के साथ एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे ।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और मध्य पूर्व दूत जेरेड कुश्नर (Jared Kushner) ने 17 अगस्त 2026 के सप्ताह में इज़राइल और काहिरा की यात्रा की योजना बनाई। रॉयटर्स, ब्लूमबर्ग और एक्सियोस जैसे स्रोतों के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य गाजा शांति योजना को आगे बढ़ाना है, जिसमें हमास के निरस्त्रीकरण और संभावित इज़राइली वापसी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जनवरी 2026 के बाद यह उनकी पहली इज़राइल यात्रा होगी ।