लाल सागर निर्यात 'डार्क' हो गया। सऊदी अरब के लाल सागर पर स्थित यानबू टर्मिनल से हाल ही में सभी क्रूड लोडिंग टैंकर ट्रैकिंग ट्रांसपोंडर बंद करके की गई है, ताकि हौथी हमलों से बचा जा सके । विश्लेषकों का कहना है कि पिछले हफ्तों में यानबू की हर लोडिंग 'डार्क' रही है ।
मात्रा में भारी गिरावट। जुलाई में दो सप्ताह के भीतर सऊदी लाल सागर टर्मिनलों से साप्ताहिक क्रूड लोडिंग में 36% की गिरावट आई, और हौथी नाकाबंदी ने सऊदी दैनिक निर्यात को 40% तक कम कर दिया । लाल सागर के रास्ते एशिया जाने वाले 3 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक सऊदी क्रूड को अब बहुत लंबे वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जा रहा है ।
होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद। होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी काफी हद तक अनुपयोगी बना हुआ है, जिससे निर्यात क्षमता पर दबाव और बढ़ गया है । रास तन्नूरा में सऊदी अरब का मुख्य खाड़ी टर्मिनल संघर्ष शुरू होने के बाद से सामान्य निर्यात स्तर से नीचे काम कर रहा है ।
सऊदी अरामको ने एशिया के लिए सितंबर में अरब लाइट क्रूड की आधिकारिक बिक्री मूल्य (OSP) ओमान/दुबई बेंचमार्क से 2 डॉलर प्रति बैरल छूट पर निर्धारित किया, जो जून 2020 के बाद का सबसे निचला स्तर है । इससे पहले अगस्त 2026 में 1.50 डॉलर प्रति बैरल की छूट दी गई थी, जो दो दशकों में सबसे बड़ी एक महीने की कटौती थी ।
यह मूल्य कटौती खरीदारों के सामने आने वाली काफी अधिक लॉजिस्टिक लागत और अनिश्चितता को दर्शाती है। हालांकि अरामको ने सीईओ अमीन नासिर के अनुसार कुल निर्यात को लगभग 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन बनाए रखा है, जो सामान्य मात्रा का लगभग 70% है — लेकिन मार्ग परिवर्तनों ने यात्रा के समय में हफ्तों का इजाफा किया है और माल ढुलाई लागत में काफी वृद्धि की है।
नए मूल्य निर्धारण तंत्र पर विचार। अरामको ने कम से कम दो चीनी रिफाइनरों को सूचित किया है कि वह मिस्र के भूमध्यसागरीय बंदरगाह सिदी केरिर पर लोड किए जाने वाले क्रूड के लिए एक अलग आधिकारिक बिक्री मूल्य शुरू कर सकता है, जो वैकल्पिक मार्ग की उच्च लागत को दर्शाता है । जुलाई 2026 के अंत तक यह तंत्र अंतिम रूप नहीं दिया गया था । भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों ने कथित तौर पर यानबू से लोडिंग मूल्यों की तुलना में सिदी केरिर से कार्गो के लिए 5 से 10 डॉलर प्रति बैरल की छूट मांगी है ।
| उपाय | विवरण |
|---|---|
| SUMED पाइपलाइन / सिदी केरिर मार्ग | सऊदी क्रूड को मिस्र की SUMED पाइपलाइन (ऐन सोखना से भूमध्य सागर पर सिदी केरिर तक) के जरिए भेजा जा रहा है, फिर एशिया पहुंचने के लिए केप ऑफ गुड होप के चक्कर लगाकर भेजा जा रहा है — जिससे यात्रा में चार सप्ताह तक का समय और काफी अधिक माल ढुलाई लागत जुड़ रही है । अगस्त में सिदी केरिर से निर्यात लगभग 2.3 मिलियन बैरल/दिन तक पहुंच गया, जो एक महीने पहले लगभग 1 मिलियन बैरल/दिन था । |
| ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन (पेट्रोलाइन) का विस्तार | सऊदी अरब पूर्वी तेल क्षेत्रों को लाल सागर बंदरगाह यानबू से जोड़ने वाली 1,200 किमी लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के बहु-अरब डॉलर के विस्तार में तेजी ला रहा है। निर्यात के लिए वर्तमान ~5 मिलियन बैरल/दिन की क्षमता को होर्मुज जलडमरूमध्य को स्थायी रूप से बायपास करने के लिए 1-2 मिलियन बैरल/दिन बढ़ाने का अध्ययन किया जा रहा है । सीईओ अमीन नासिर ने पुष्टि की कि कंपनी क्षमता वृद्धि का सक्रिय रूप से अध्ययन कर रही है और नए मार्गों की पहचान कर रही है । |
| डार्क शिपिंग | यानबू में लोड होने वाले टैंकर हौथी बलों द्वारा पहचान और हमले से बचने के लिए AIS ट्रैकिंग सिग्नल के बिना नौकायन कर रहे हैं । |
| टैंकर बाजार में कसावट | बड़े पैमाने पर मार्ग परिवर्तन ने वैश्विक टैंकर आपूर्ति को कस दिया है और माल ढुलाई दरों को बढ़ा दिया है। वेरी लार्ज क्रूड कैरियर के लिए चार्टर दरें संघर्ष से पहले की तुलना में कभी-कभी तीन गुना हो गई हैं । |
सिदी केरिर और अफ्रीका के चक्कर के इस मार्ग से प्रति बैरल अतिरिक्त माल भाड़ा, ईंधन, बीमा और पाइपलाइन शुल्क में लगभग 5 डॉलर जुड़ने का अनुमान है ।
इस बात की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि अलग सिदी केरिर OSP को औपचारिक रूप से लागू किया गया है — यह जुलाई 2026 के अंत तक एशियाई खरीदारों के साथ चर्चा के अधीन बना हुआ है । पेट्रोलाइन विस्तार और SUMED रूटिंग सऊदी अरब की दोहरी रणनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं: एक अल्पकालिक समाधान और एक स्थायी बुनियादी ढांचा निवेश, ताकि संकीर्ण जलमार्गों पर निर्भरता कम की जा सके जो क्षेत्रीय शत्रुता से खतरे में पड़ सकते हैं।
लाल सागर निर्यात 'डार्क' हो गया। सऊदी अरब के लाल सागर पर स्थित यानबू टर्मिनल से हाल ही में सभी क्रूड लोडिंग टैंकर ट्रैकिंग ट्रांसपोंडर बंद करके की गई है, ताकि हौथी हमलों से बचा जा सके । विश्लेषकों का कहना है कि पिछले हफ्तों में यानबू की हर लोडिंग 'डार्क' रही है ।
मात्रा में भारी गिरावट। जुलाई में दो सप्ताह के भीतर सऊदी लाल सागर टर्मिनलों से साप्ताहिक क्रूड लोडिंग में 36% की गिरावट आई, और हौथी नाकाबंदी ने सऊदी दैनिक निर्यात को 40% तक कम कर दिया । लाल सागर के रास्ते एशिया जाने वाले 3 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक सऊदी क्रूड को अब बहुत लंबे वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जा रहा है ।
होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद। होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी काफी हद तक अनुपयोगी बना हुआ है, जिससे निर्यात क्षमता पर दबाव और बढ़ गया है । रास तन्नूरा में सऊदी अरब का मुख्य खाड़ी टर्मिनल संघर्ष शुरू होने के बाद से सामान्य निर्यात स्तर से नीचे काम कर रहा है ।
सऊदी अरामको ने एशिया के लिए सितंबर में अरब लाइट क्रूड की आधिकारिक बिक्री मूल्य (OSP) ओमान/दुबई बेंचमार्क से 2 डॉलर प्रति बैरल छूट पर निर्धारित किया, जो जून 2020 के बाद का सबसे निचला स्तर है । इससे पहले अगस्त 2026 में 1.50 डॉलर प्रति बैरल की छूट दी गई थी, जो दो दशकों में सबसे बड़ी एक महीने की कटौती थी ।
यह मूल्य कटौती खरीदारों के सामने आने वाली काफी अधिक लॉजिस्टिक लागत और अनिश्चितता को दर्शाती है। हालांकि अरामको ने सीईओ अमीन नासिर के अनुसार कुल निर्यात को लगभग 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन बनाए रखा है, जो सामान्य मात्रा का लगभग 70% है — लेकिन मार्ग परिवर्तनों ने यात्रा के समय में हफ्तों का इजाफा किया है और माल ढुलाई लागत में काफी वृद्धि की है।
नए मूल्य निर्धारण तंत्र पर विचार। अरामको ने कम से कम दो चीनी रिफाइनरों को सूचित किया है कि वह मिस्र के भूमध्यसागरीय बंदरगाह सिदी केरिर पर लोड किए जाने वाले क्रूड के लिए एक अलग आधिकारिक बिक्री मूल्य शुरू कर सकता है, जो वैकल्पिक मार्ग की उच्च लागत को दर्शाता है । जुलाई 2026 के अंत तक यह तंत्र अंतिम रूप नहीं दिया गया था । भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों ने कथित तौर पर यानबू से लोडिंग मूल्यों की तुलना में सिदी केरिर से कार्गो के लिए 5 से 10 डॉलर प्रति बैरल की छूट मांगी है ।
| उपाय | विवरण |
|---|---|
| SUMED पाइपलाइन / सिदी केरिर मार्ग | सऊदी क्रूड को मिस्र की SUMED पाइपलाइन (ऐन सोखना से भूमध्य सागर पर सिदी केरिर तक) के जरिए भेजा जा रहा है, फिर एशिया पहुंचने के लिए केप ऑफ गुड होप के चक्कर लगाकर भेजा जा रहा है — जिससे यात्रा में चार सप्ताह तक का समय और काफी अधिक माल ढुलाई लागत जुड़ रही है । अगस्त में सिदी केरिर से निर्यात लगभग 2.3 मिलियन बैरल/दिन तक पहुंच गया, जो एक महीने पहले लगभग 1 मिलियन बैरल/दिन था । |
| ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन (पेट्रोलाइन) का विस्तार | सऊदी अरब पूर्वी तेल क्षेत्रों को लाल सागर बंदरगाह यानबू से जोड़ने वाली 1,200 किमी लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के बहु-अरब डॉलर के विस्तार में तेजी ला रहा है। निर्यात के लिए वर्तमान ~5 मिलियन बैरल/दिन की क्षमता को होर्मुज जलडमरूमध्य को स्थायी रूप से बायपास करने के लिए 1-2 मिलियन बैरल/दिन बढ़ाने का अध्ययन किया जा रहा है । सीईओ अमीन नासिर ने पुष्टि की कि कंपनी क्षमता वृद्धि का सक्रिय रूप से अध्ययन कर रही है और नए मार्गों की पहचान कर रही है । |
| डार्क शिपिंग | यानबू में लोड होने वाले टैंकर हौथी बलों द्वारा पहचान और हमले से बचने के लिए AIS ट्रैकिंग सिग्नल के बिना नौकायन कर रहे हैं । |
| टैंकर बाजार में कसावट | बड़े पैमाने पर मार्ग परिवर्तन ने वैश्विक टैंकर आपूर्ति को कस दिया है और माल ढुलाई दरों को बढ़ा दिया है। वेरी लार्ज क्रूड कैरियर के लिए चार्टर दरें संघर्ष से पहले की तुलना में कभी-कभी तीन गुना हो गई हैं । |
सिदी केरिर और अफ्रीका के चक्कर के इस मार्ग से प्रति बैरल अतिरिक्त माल भाड़ा, ईंधन, बीमा और पाइपलाइन शुल्क में लगभग 5 डॉलर जुड़ने का अनुमान है ।
इस बात की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि अलग सिदी केरिर OSP को औपचारिक रूप से लागू किया गया है — यह जुलाई 2026 के अंत तक एशियाई खरीदारों के साथ चर्चा के अधीन बना हुआ है । पेट्रोलाइन विस्तार और SUMED रूटिंग सऊदी अरब की दोहरी रणनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं: एक अल्पकालिक समाधान और एक स्थायी बुनियादी ढांचा निवेश, ताकि संकीर्ण जलमार्गों पर निर्भरता कम की जा सके जो क्षेत्रीय शत्रुता से खतरे में पड़ सकते हैं।