शेयर की कीमत और P/E आगे देखते हैं। खनन कंपनियों के शेयरों ने स्पॉट कीमतों में तेज गिरावट को रीयल-टाइम में शामिल करना शुरू कर दिया। जुलाई के अंत और अगस्त में Q2 के नतीजे घोषित होने तक, सोना पहले ही 4,000-4,100 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था । बाज़ार ने भविष्य की कम कमाई को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में P/E अनुपात को संकुचित कर दिया।
कुल मिलाकर, इन शीर्ष उत्पादकों ने क्षेत्र का अब तक का दूसरा सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन किया, हालांकि Q1 2026 इससे भी बेहतर था क्योंकि तब सोने का औसत और भी ऊंचा (4,873 डॉलर प्रति औंस) था ।
रिकॉर्ड नकदी प्रवाह के बावजूद, पूरे क्षेत्र का मूल्य-आय (P/E) अनुपात गिरकर लगभग 16.5 गुना पर आ गया, और कुछ कंपनियां तो इससे भी कम पर कारोबार कर रही हैं ।
बाज़ार ने प्रभावी रूप से यह निष्कर्ष निकाला कि ये कमाई चक्र के शिखर की थी और सोने की मौजूदा कीमतों पर टिकाऊ नहीं है। Q2 में स्पॉट गोल्ड 14.1% गिरा और जनवरी के लगभग 5,595 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर से 26.3% नीचे आ गया, जिससे भविष्य की कमाई के अनुमानों में कटौती हुई ।
संदर्भ के लिए, तेजी के बाज़ार में सोना खनन कंपनियां ऐतिहासिक रूप से 20-25 गुना कमाई पर कारोबार करती हैं। मौजूदा 12-16 गुना का संपीड़न दर्शाता है कि बाज़ार सोने की कीमतों में मंदी की आशंका जता रहा है, जो अभी पूरी तरह से सामने नहीं आई है ।
खनन कंपनियों के पास कुल 41.3 अरब डॉलर का नकद भंडार है, जो साल-दर-साल 73% अधिक है। यह सोने की कीमतों में उछाल के दौरान रिकॉर्ड मुक्त नकदी प्रवाह से बना है । अकेले न्यूमॉन्ट ने Q2 में 2.2 अरब डॉलर का रिकॉर्ड मुक्त नकदी प्रवाह उत्पन्न किया
। यह नकदी प्रदान करती है:
यह पूरी तस्वीर का सबसे महत्वपूर्ण डेटा है। विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने Q2 2026 में रिकॉर्ड 288.9 से 289 टन सोना खरीदा, जो Q1 के संशोधित 57 टन से पांच गुना और साल-दर-साल 62-74% अधिक है ।
यह खरीदारी स्पष्ट रूप से प्रति-चक्रीय (counter-cyclical) थी। केंद्रीय बैंकों ने किसी भी Q2 में सबसे अधिक सोना उस समय खरीदा जब कीमतें 16% गिर रही थीं ।
यह संरचनात्मक तेजी (structural bull case) का मामला है: आधिकारिक क्षेत्र की मांग अब भू-राजनीतिक विविधीकरण (डी-डॉलरीकरण) से प्रेरित है, न कि कीमतों की गति से। केंद्रीय बैंक सामरिक हेज के रूप में सोना खरीद रहे हैं, न कि सट्टेबाजी के लिए।
निकट अवधि में मंदी के कारण:
दीर्घकालिक तेजी के कारण: