2. लाल सागर में हौथी व्यवधान
ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों ने लाल सागर में नाकाबंदी कर रखी है, जिससे स्वेज नहर का उपयोग करने वाले जहाजों को अफ्रीका के चक्कर लगाने या दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। इसने वैश्विक शिपिंग में बाधाओं को और बढ़ा दिया है और दबाव पनामा नहर पर भी बढ़ा दिया है ।
3. अल नीनो के कारण सूखा और क्षमता में कमी
पनामा में अल नीनो (El Niño) के प्रभाव से भारी सूखा पड़ा है, जिससे नहर के तालों (locks) को पानी देने वाली गैटुन झील (Gatun Lake) का जलस्तर गिर गया है । NOAA (अमेरिकी मौसम एजेंसी) ने 'बहुत शक्तिशाली' अल नीनो की संभावना 90% से अधिक बताई है
। 2023-2024 के पिछले गंभीर सूखे में, दैनिक पारगमन आधे (36 से 18) हो गए थे [26 (source ID 15 मैप किया गया)]। अब फिर से ऐसे ही प्रतिबंध लागू होने से मांग बढ़ने के बावजूद आपूर्ति सीमित हो रही है।
4. नीलामी कीमतों में विस्फोट
इन चारों कारकों का संयुक्त प्रभाव जबरदस्त है। अगस्त 2026 में नियोपनामैक्स तालों (बड़े जहाजों के लिए) के लिए दैनिक नीलामी की कीमत औसतन $1.1 मिलियन पर पहुंच गई है, जो 2025 की समान अवधि की तुलना में 16 गुना से अधिक है । अलग-अलग नीलामियां $4 मिलियन (कंटेनर शिप सीसपैन बेनेफैक्टर, 11 अगस्त) और अब $4.6 मिलियन (जी. अरेट, 14 अगस्त) पर पहुंच गई हैं
। पनामा नहर प्राधिकरण (Panama Canal Authority) का कहना है कि यह अस्थायी बाजार की स्थिति है, न कि कोई निर्धारित शुल्क
, लेकिन रुझान स्पष्ट है: सूखे के कारण आपूर्ति सीमित है और युद्ध के कारण मांग बढ़ी है। परिणामस्वरूप, नहर एक क्षमता सीमा (सूखा) और मांग के एक मजबूत स्तर (युद्ध) के बीच फंस गई है। नीलामी की कीमतें इस दबाव को कम करने का एक वाल्व बन गई हैं और वैश्विक ऊर्जा व्यापार मार्गों का एक नया नक्शा तैयार हो रहा है।