ऊर्जा विशिष्ट मांगें: ट्रम्प प्रशासन ने कतर के साथ मिलकर EU से मीथेन उत्सर्जन नियमों को ढीला करने का आग्रह किया, यह चेतावनी देते हुए कि इससे ब्लॉक की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा हो सकता है । वाशिंगटन चाहता है कि यूरोप अमेरिका की तरह ही नियामक बदलाव करे ताकि जीवाश्म ईंधन उत्पादन बढ़ाने में आसानी हो ।
जमीनी स्तर पर परिणाम: इन प्रयासों के ठोस परिणाम सामने आए हैं। नवंबर 2025 में यूरोपीय संसद ने ESG नियमों को बड़े पैमाने पर कम करने के पक्ष में मतदान किया, जिससे मूल रूप से CSRD (कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग डायरेक्टिव) के दायरे में आने वाली 90% से अधिक कंपनियों को छूट मिल गई । फरवरी 2026 में EU सदस्य देशों ने CSDDD (कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी ड्यू डिलिजेंस डायरेक्टिव) के तहत सप्लाई चेन ड्यू डिलिजेंस नियमों को कमजोर करने की अंतिम मंजूरी दी, जो अमेरिका और कतर के लगातार दबाव के बाद आया ।
नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड का विरोध: 7 अगस्त 2026 को, दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड (1.7 ट्रिलियन डॉलर) ने SEC के मई 2026 के प्रस्ताव का विरोध करते हुए औपचारिक टिप्पणी दायर की। इस प्रस्ताव के तहत SEC 2024 के जलवायु-संबंधित खुलासा नियमों को पूरी तरह रद्द करना चाहता है। फंड ने कहा कि वह SEC को कंपनियों से जलवायु जोखिम और खर्च का खुलासा करवाने वाले नियमों को "पूरी तरह खत्म करने की सिफारिश नहीं करता" ।
निवेशकों का व्यापक गठबंधन: रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कई संस्थागत निवेशक और एसेट मैनेजर SEC के इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि अनिवार्य, मानकीकृत जलवायु खुलासा को खत्म करने से अनिश्चितता पैदा होगी और निवेशकों के निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी ।
यूरोपीय निवेशक क्यों चिंतित हैं: अमेरिकी बाजारों में बड़े निवेश वाले यूरोपीय एसेट मैनेजर और सॉवरेन फंड पोर्टफोलियो जोखिम का आकलन करने, EU नियमों के तहत अपनी ESG बाध्यताओं को पूरा करने और पूंजी आवंटन के फैसले लेने के लिए मानकीकृत जलवायु डेटा पर निर्भर हैं। SEC का कदम उनके लिए आवश्यक तुलनीयता और स्थिरता को खत्म कर देगा ।
अलग-अलग दिशाएं: फरवरी 2026 में EU ने लगभग 80% कंपनियों को CSRD और CSDDD से छूट दी । वहीं, अमेरिका अपने जलवायु खुलासा ढांचे को पूरी तरह रद्द करने की ओर बढ़ रहा है। ब्रिटेन ने ISSB-संरेखित मानकों को अंतिम रूप दिया है, जिससे अटलांटिक के दोनों ओर एक "तीन-गति" वाली व्यवस्था बन गई है ।
प्रतिस्पर्धात्मक गतिशीलता: यूरोपीय सरकारों ने ESG नियमों में कमी का कारण प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान बताया है। उनका कहना है कि सख्त नियम EU कंपनियों को उन अमेरिकी फर्मों के मुकाबले नुकसान में डालते हैं जो हल्के नियमों के तहत काम करती हैं ।
मूल तनाव: अमेरिका व्यापार प्रतिस्पर्धा के नाम पर EU पर नियम ढीला करने का दबाव बना रहा है। दूसरी ओर, यूरोपीय निवेशक वाशिंगटन से नियम न ढीला करने का आग्रह कर रहे हैं। यह त्रिकोणीय गतिशीलता मूलभूत वैचारिक विभाजन को रेखांकित करती है: वाशिंगटन ऊर्जा प्रभुत्व और कम नियामक बोझ को प्राथमिकता देता है, जबकि EU (अपनी हालिया वापसी के बावजूद) और यूरोपीय निवेशक अभी भी दीर्घकालिक जोखिम मूल्य निर्धारण और पूंजी प्रबंधन के लिए अनिवार्य जलवायु जवाबदेही को महत्व देते हैं।
ऊर्जा विशिष्ट मांगें: ट्रम्प प्रशासन ने कतर के साथ मिलकर EU से मीथेन उत्सर्जन नियमों को ढीला करने का आग्रह किया, यह चेतावनी देते हुए कि इससे ब्लॉक की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा हो सकता है । वाशिंगटन चाहता है कि यूरोप अमेरिका की तरह ही नियामक बदलाव करे ताकि जीवाश्म ईंधन उत्पादन बढ़ाने में आसानी हो ।
जमीनी स्तर पर परिणाम: इन प्रयासों के ठोस परिणाम सामने आए हैं। नवंबर 2025 में यूरोपीय संसद ने ESG नियमों को बड़े पैमाने पर कम करने के पक्ष में मतदान किया, जिससे मूल रूप से CSRD (कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग डायरेक्टिव) के दायरे में आने वाली 90% से अधिक कंपनियों को छूट मिल गई । फरवरी 2026 में EU सदस्य देशों ने CSDDD (कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी ड्यू डिलिजेंस डायरेक्टिव) के तहत सप्लाई चेन ड्यू डिलिजेंस नियमों को कमजोर करने की अंतिम मंजूरी दी, जो अमेरिका और कतर के लगातार दबाव के बाद आया ।
नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड का विरोध: 7 अगस्त 2026 को, दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड (1.7 ट्रिलियन डॉलर) ने SEC के मई 2026 के प्रस्ताव का विरोध करते हुए औपचारिक टिप्पणी दायर की। इस प्रस्ताव के तहत SEC 2024 के जलवायु-संबंधित खुलासा नियमों को पूरी तरह रद्द करना चाहता है। फंड ने कहा कि वह SEC को कंपनियों से जलवायु जोखिम और खर्च का खुलासा करवाने वाले नियमों को "पूरी तरह खत्म करने की सिफारिश नहीं करता" ।
निवेशकों का व्यापक गठबंधन: रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कई संस्थागत निवेशक और एसेट मैनेजर SEC के इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि अनिवार्य, मानकीकृत जलवायु खुलासा को खत्म करने से अनिश्चितता पैदा होगी और निवेशकों के निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी ।
यूरोपीय निवेशक क्यों चिंतित हैं: अमेरिकी बाजारों में बड़े निवेश वाले यूरोपीय एसेट मैनेजर और सॉवरेन फंड पोर्टफोलियो जोखिम का आकलन करने, EU नियमों के तहत अपनी ESG बाध्यताओं को पूरा करने और पूंजी आवंटन के फैसले लेने के लिए मानकीकृत जलवायु डेटा पर निर्भर हैं। SEC का कदम उनके लिए आवश्यक तुलनीयता और स्थिरता को खत्म कर देगा ।
अलग-अलग दिशाएं: फरवरी 2026 में EU ने लगभग 80% कंपनियों को CSRD और CSDDD से छूट दी । वहीं, अमेरिका अपने जलवायु खुलासा ढांचे को पूरी तरह रद्द करने की ओर बढ़ रहा है। ब्रिटेन ने ISSB-संरेखित मानकों को अंतिम रूप दिया है, जिससे अटलांटिक के दोनों ओर एक "तीन-गति" वाली व्यवस्था बन गई है ।
प्रतिस्पर्धात्मक गतिशीलता: यूरोपीय सरकारों ने ESG नियमों में कमी का कारण प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान बताया है। उनका कहना है कि सख्त नियम EU कंपनियों को उन अमेरिकी फर्मों के मुकाबले नुकसान में डालते हैं जो हल्के नियमों के तहत काम करती हैं ।
मूल तनाव: अमेरिका व्यापार प्रतिस्पर्धा के नाम पर EU पर नियम ढीला करने का दबाव बना रहा है। दूसरी ओर, यूरोपीय निवेशक वाशिंगटन से नियम न ढीला करने का आग्रह कर रहे हैं। यह त्रिकोणीय गतिशीलता मूलभूत वैचारिक विभाजन को रेखांकित करती है: वाशिंगटन ऊर्जा प्रभुत्व और कम नियामक बोझ को प्राथमिकता देता है, जबकि EU (अपनी हालिया वापसी के बावजूद) और यूरोपीय निवेशक अभी भी दीर्घकालिक जोखिम मूल्य निर्धारण और पूंजी प्रबंधन के लिए अनिवार्य जलवायु जवाबदेही को महत्व देते हैं।