मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की पूरी कहानी: 16 और 18 जून को हुए हमले, तबाही, जवाबी कार्रवाई
16 जून 2026 को मॉस्को की गज़प्रॉम नेफ्ट रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कम से कम 25 ड्रोन नष्ट, फैक्ट्री में आग, चारों हवाई अड्डों पर उड़ान प्रतिबंध। 18 जून को दूसरा हमला, कम से कम 194 ड्रोन रोके गए, पाँच जगह आग, 17 घायल, रूस का सबसे बड़ा हवाई अड्डा खाली कराया गया। दोनों हमलों ने रिफाइनरी की 100% क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग को ठप...
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16 जून 2026 को मॉस्को की गज़प्रॉम नेफ्ट रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कम से कम 25 ड्रोन नष्ट, फैक्ट्री में आग, चारों हवाई अड्डों पर उड़ान प्रतिबंध।
18 जून को दूसरा हमला, कम से कम 194 ड्रोन रोके गए, पाँच जगह आग, 17 घायल, रूस का सबसे बड़ा हवाई अड्डा खाली कराया गया।
दोनों हमलों ने रिफाइनरी की 100% क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग को ठप कर दिया; यूरो+ कॉम्प्लेक्स को इतना नुकसान कि कम से कम छह महीने की मरम्मत, जुलाई तक आंशिक काम भी नहीं शुरू।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने हमलों को रूसी बमबारी का 'पूरी तरह से उचित जवाब' बताया, इसे 'लंबी दूरी की पाबंदियाँ' (लॉन्ग रेंज सैंक्शन) कहा।
What is the full account of the Ukrainian drone strikes on the Moscow Oil Refinery on June 16 and June 18, including the scale of the attackAI-generated editorial hero image for What is the full account of the Ukrainian drone strikes on the Moscow Oil Refinery on June 16 and June 18, including the scale of the attack.
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16 और 18 जून 2026 को यूक्रेन ने मॉस्को की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर दो बड़े ड्रोन हमले किए, जिसने रूस की युद्ध मशीन को बड़ा झटका दिया। आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या हुआ और इसके परिणाम क्या रहे।
16 जून का हमला: पहला झटका
16 जून की सुबह, यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोनों ने मॉस्को के दक्षिण-पूर्व में कापोत्न्या (Kapotnya) जिले में स्थित गज़प्रॉम नेफ्ट मॉस्को रिफाइनरी पर हमला बोला। यह रिफाइनरी क्रेमलिन से मात्र 15 किलोमीटर दूर है ।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि कम से कम एक ड्रोन ने रिफाइनरी को नुकसान पहुँचाया और शहर के ऊपर कुल 25 ड्रोनों को 'नष्ट' किया गया । इस हमले में रिफाइनरी में आग लग गई। यह संयंत्र मॉस्को क्षेत्र का सबसे बड़ा ईंधन आपूर्तिकर्ता है, जो राजधानी की लगभग एक तिहाई ईंधन जरूरतें पूरी करता है ।
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"मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की पूरी कहानी: 16 और 18 जून को हुए हमले, तबाही, जवाबी कार्रवाई" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
16 जून 2026 को मॉस्को की गज़प्रॉम नेफ्ट रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कम से कम 25 ड्रोन नष्ट, फैक्ट्री में आग, चारों हवाई अड्डों पर उड़ान प्रतिबंध।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
16 जून 2026 को मॉस्को की गज़प्रॉम नेफ्ट रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कम से कम 25 ड्रोन नष्ट, फैक्ट्री में आग, चारों हवाई अड्डों पर उड़ान प्रतिबंध। 18 जून को दूसरा हमला, कम से कम 194 ड्रोन रोके गए, पाँच जगह आग, 17 घायल, रूस का सबसे बड़ा हवाई अड्डा खाली कराया गया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
दोनों हमलों ने रिफाइनरी की 100% क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग को ठप कर दिया; यूरो+ कॉम्प्लेक्स को इतना नुकसान कि कम से कम छह महीने की मरम्मत, जुलाई तक आंशिक काम भी नहीं शुरू।
मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की पूरी कहानी: 16 और 18 जून को हुए हमले, तबाही, जवाबी कार्रवाई
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16 जून 2026 को मॉस्को की गज़प्रॉम नेफ्ट रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कम से कम 25 ड्रोन नष्ट, फैक्ट्री में आग, चारों हवाई अड्डों पर उड़ान प्रतिबंध।
18 जून को दूसरा हमला, कम से कम 194 ड्रोन रोके गए, पाँच जगह आग, 17 घायल, रूस का सबसे बड़ा हवाई अड्डा खाली कराया गया।
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राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने हमलों को रूसी बमबारी का 'पूरी तरह से उचित जवाब' बताया, इसे 'लंबी दूरी की पाबंदियाँ' (लॉन्ग रेंज सैंक्शन) कहा।
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16 और 18 जून 2026 को यूक्रेन ने मॉस्को की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर दो बड़े ड्रोन हमले किए, जिसने रूस की युद्ध मशीन को बड़ा झटका दिया। आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या हुआ और इसके परिणाम क्या रहे।
16 जून का हमला: पहला झटका
16 जून की सुबह, यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोनों ने मॉस्को के दक्षिण-पूर्व में कापोत्न्या (Kapotnya) जिले में स्थित गज़प्रॉम नेफ्ट मॉस्को रिफाइनरी पर हमला बोला। यह रिफाइनरी क्रेमलिन से मात्र 15 किलोमीटर दूर है ।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि कम से कम एक ड्रोन ने रिफाइनरी को नुकसान पहुँचाया और शहर के ऊपर कुल 25 ड्रोनों को 'नष्ट' किया गया । इस हमले में रिफाइनरी में आग लग गई। यह संयंत्र मॉस्को क्षेत्र का सबसे बड़ा ईंधन आपूर्तिकर्ता है, जो राजधानी की लगभग एक तिहाई ईंधन जरूरतें पूरी करता है ।
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16 जून 2026 को मॉस्को की गज़प्रॉम नेफ्ट रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, कम से कम 25 ड्रोन नष्ट, फैक्ट्री में आग, चारों हवाई अड्डों पर उड़ान प्रतिबंध। 18 जून को दूसरा हमला, कम से कम 194 ड्रोन रोके गए, पाँच जगह आग, 17 घायल, रूस का सबसे बड़ा हवाई अड्डा खाली कराया गया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
दोनों हमलों ने रिफाइनरी की 100% क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग को ठप कर दिया; यूरो+ कॉम्प्लेक्स को इतना नुकसान कि कम से कम छह महीने की मरम्मत, जुलाई तक आंशिक काम भी नहीं शुरू।
रॉयटर्स के अनुसार, उद्योग के दो सूत्रों ने बताया कि इस हमले ने रिफाइनरी की सभी गतिविधियों को ठप कर दिया । चारों मॉस्को हवाई अड्डों (Sheremetyevo, Domodedovo, Vnukovo, Zhukovsky) पर उड़ान प्रतिबंध लगा दिए गए । किसी के हताहत होने की खबर नहीं है ।
रक्षा विशेषज्ञों (डिफेंस एक्सप्रेस) के OSINT विश्लेषण से पता चलता है कि ये ड्रोन रूसी वायु रक्षा की कम से कम चार परतों को भेदकर अपने लक्ष्य तक पहुँचे ।
18 जून का हमला: दूसरा और बड़ा हमला
सिर्फ दो दिन बाद, 18 जून को यूक्रेन ने फिर से उसी रिफाइनरी पर हमला किया। यह पूर्ण पैमाने के युद्ध की शुरुआत के बाद से मॉस्को पर किया गया सबसे बड़ा ड्रोन हमला था ।
रूसी अधिकारियों ने बताया कि मॉस्को की ओर बढ़ने वाले कम से कम 194 ड्रोनों को रोका गया । सोशल मीडिया पर आई वीडियो में रिफाइनरी में कई जगहों पर आग लगी देखी गई। OSINT (ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस) विश्लेषकों ने कई प्रमुख प्रोसेसिंग यूनिटों पर हमला होने की पुष्टि की ।
इस हमले ने रूस के सबसे बड़े हवाई अड्डे (Sheremetyevo) को खाली कराने और सभी मॉस्को हवाई अड्डों पर उड़ानों को बाधित करने पर मजबूर कर दिया । रूसी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 17 लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं ।
तबाही का आकलन: यूरो+ कॉम्प्लेक्स पूरी तरह से ठप
इन दो हमलों का मॉस्को रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा।
दोनों प्राथमिक क्रूड प्रोसेसिंग यूनिटें नष्ट हो गईं - 16 जून के हमले ने एक यूनिट को निष्क्रिय किया, और 18 जून के हमले ने दूसरी यूनिट को खत्म करते हुए प्लांट की 100% क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग को ठप कर दिया।
24 जून को रॉयटर्स ने दो उद्योग सूत्रों के हवाले से बताया कि रिफाइनरी की मरम्मत में कम से कम छह महीने लगेंगे और 2027 से पहले उत्पादन शुरू होने की संभावना नहीं है। विशेष रूप से, यूरो+ क्रूड प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया ।
27 जुलाई तक - हमलों के छह सप्ताह से अधिक समय बाद - रिफाइनरी पूरी तरह से बंद थी और उसने कोई भी आंशिक कार्य शुरू नहीं किया था। इसका मतलब है कि मॉस्को की लगभग 40% ईंधन आपूर्ति लंबे समय के लिए बाजार से गायब हो गई ।
ज़ेलेंस्की का औचित्य: 'यह पूरी तरह से उचित जवाब है'
राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली और उन्हें यूक्रेनी शहरों पर रूसी बमबारी का सीधा और उचित जवाब बताया ।
16 जून को, उन्होंने कहा कि यह हमला "यूक्रेन की पहुँच को दर्शाता है" और ऐसे हमले रूस की युद्ध मशीन के खिलाफ 'लंबी दूरी की पाबंदियाँ' (लॉन्ग-रेंज सैंक्शन) के रूप में जारी रहेंगे ।
18 जून को, ज़ेलेंस्की ने कहा: "यह हमारे शहरों और समुदायों पर रूसी हमलों का पूरी तरह से उचित जवाब है"। कीव ने विशेष रूप से 18 जून के हमले का तत्काल कारण एक रूसी हमले को बताया, जिसने उसी सप्ताह कीव के लगभग 1,000 साल पुराने पेचेर्स्क लावरा (कीव गुफा मठ) को नुकसान पहुँचाया था । रूस ने मठ पर हमला करने से इनकार किया ।
ज़ेलेंस्की ने पूरे अभियान को "लंबी दूरी की पाबंदियों" (लॉन्ग-रेंज सैंक्शन) के रूप में वर्णित किया, जिसका उद्देश्य मॉस्को को बातचीत की मेज पर लाना और रूस को युद्ध के वित्तपोषण से वंचित करना था ।
मॉस्को की प्रतिक्रिया और जवाबी कार्रवाई
रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और तनाव बढ़ाने की धमकी दी। क्रेमलिन ने इसे नागरिक बुनियादी ढाँचे के खिलाफ "आतंकवादी कृत्य" बताया और चेतावनी दी कि यूक्रेन को परिणाम भुगतने होंगे । 18 जून के हमले के कुछ ही घंटों के भीतर, रूसी अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए ।
रूस ने अपनी लंबी दूरी की सटीक मिसाइलों और ड्रोनों से यूक्रेन के ऊर्जा और रक्षा बुनियादी ढाँचे पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए।
1-2 जुलाई की रात को, रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर समन्वित ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम 17 नागरिक मारे गए और दर्जनों घायल हुए । मॉस्को ने इसे स्पष्ट रूप से तेल सुविधाओं पर यूक्रेनी हमलों का प्रतिशोध बताया, जिससे ईंधन की कमी हुई और राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बढ़ा ।
इसके बाद के हफ्तों में, रूस ने यूक्रेनी ऊर्जा और रक्षा सुविधाओं पर सटीक हमलों का अभियान तेज़ कर दिया, जिसमें पूरे देश में पावर ग्रिड, सबस्टेशनों और सैन्य-औद्योगिक स्थलों को निशाना बनाया गया ।
ये हमले युद्ध में एक नया मोड़ साबित हुए। यूक्रेन ने साबित कर दिया कि वह रूस के दिल को भी निशाना बना सकता है, जबकि रूस ने अपनी जवाबी कार्रवाई को और अधिक घातक बना दिया।
themoscowtimes.comUkrainian Drone Attacks Spark Fires at Moscow Refinery and Krasnodar Region Fuel Depot - The Moscow Times
रॉयटर्स के अनुसार, उद्योग के दो सूत्रों ने बताया कि इस हमले ने रिफाइनरी की सभी गतिविधियों को ठप कर दिया । चारों मॉस्को हवाई अड्डों (Sheremetyevo, Domodedovo, Vnukovo, Zhukovsky) पर उड़ान प्रतिबंध लगा दिए गए । किसी के हताहत होने की खबर नहीं है ।
रक्षा विशेषज्ञों (डिफेंस एक्सप्रेस) के OSINT विश्लेषण से पता चलता है कि ये ड्रोन रूसी वायु रक्षा की कम से कम चार परतों को भेदकर अपने लक्ष्य तक पहुँचे ।
18 जून का हमला: दूसरा और बड़ा हमला
सिर्फ दो दिन बाद, 18 जून को यूक्रेन ने फिर से उसी रिफाइनरी पर हमला किया। यह पूर्ण पैमाने के युद्ध की शुरुआत के बाद से मॉस्को पर किया गया सबसे बड़ा ड्रोन हमला था ।
रूसी अधिकारियों ने बताया कि मॉस्को की ओर बढ़ने वाले कम से कम 194 ड्रोनों को रोका गया । सोशल मीडिया पर आई वीडियो में रिफाइनरी में कई जगहों पर आग लगी देखी गई। OSINT (ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस) विश्लेषकों ने कई प्रमुख प्रोसेसिंग यूनिटों पर हमला होने की पुष्टि की ।
इस हमले ने रूस के सबसे बड़े हवाई अड्डे (Sheremetyevo) को खाली कराने और सभी मॉस्को हवाई अड्डों पर उड़ानों को बाधित करने पर मजबूर कर दिया । रूसी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 17 लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं ।
तबाही का आकलन: यूरो+ कॉम्प्लेक्स पूरी तरह से ठप
इन दो हमलों का मॉस्को रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा।
दोनों प्राथमिक क्रूड प्रोसेसिंग यूनिटें नष्ट हो गईं - 16 जून के हमले ने एक यूनिट को निष्क्रिय किया, और 18 जून के हमले ने दूसरी यूनिट को खत्म करते हुए प्लांट की 100% क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग को ठप कर दिया।
24 जून को रॉयटर्स ने दो उद्योग सूत्रों के हवाले से बताया कि रिफाइनरी की मरम्मत में कम से कम छह महीने लगेंगे और 2027 से पहले उत्पादन शुरू होने की संभावना नहीं है। विशेष रूप से, यूरो+ क्रूड प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त पाया गया ।
27 जुलाई तक - हमलों के छह सप्ताह से अधिक समय बाद - रिफाइनरी पूरी तरह से बंद थी और उसने कोई भी आंशिक कार्य शुरू नहीं किया था। इसका मतलब है कि मॉस्को की लगभग 40% ईंधन आपूर्ति लंबे समय के लिए बाजार से गायब हो गई ।
ज़ेलेंस्की का औचित्य: 'यह पूरी तरह से उचित जवाब है'
राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली और उन्हें यूक्रेनी शहरों पर रूसी बमबारी का सीधा और उचित जवाब बताया ।
16 जून को, उन्होंने कहा कि यह हमला "यूक्रेन की पहुँच को दर्शाता है" और ऐसे हमले रूस की युद्ध मशीन के खिलाफ 'लंबी दूरी की पाबंदियाँ' (लॉन्ग-रेंज सैंक्शन) के रूप में जारी रहेंगे ।
18 जून को, ज़ेलेंस्की ने कहा: "यह हमारे शहरों और समुदायों पर रूसी हमलों का पूरी तरह से उचित जवाब है"। कीव ने विशेष रूप से 18 जून के हमले का तत्काल कारण एक रूसी हमले को बताया, जिसने उसी सप्ताह कीव के लगभग 1,000 साल पुराने पेचेर्स्क लावरा (कीव गुफा मठ) को नुकसान पहुँचाया था । रूस ने मठ पर हमला करने से इनकार किया ।
ज़ेलेंस्की ने पूरे अभियान को "लंबी दूरी की पाबंदियों" (लॉन्ग-रेंज सैंक्शन) के रूप में वर्णित किया, जिसका उद्देश्य मॉस्को को बातचीत की मेज पर लाना और रूस को युद्ध के वित्तपोषण से वंचित करना था ।
मॉस्को की प्रतिक्रिया और जवाबी कार्रवाई
रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और तनाव बढ़ाने की धमकी दी। क्रेमलिन ने इसे नागरिक बुनियादी ढाँचे के खिलाफ "आतंकवादी कृत्य" बताया और चेतावनी दी कि यूक्रेन को परिणाम भुगतने होंगे । 18 जून के हमले के कुछ ही घंटों के भीतर, रूसी अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई के संकेत दिए ।
रूस ने अपनी लंबी दूरी की सटीक मिसाइलों और ड्रोनों से यूक्रेन के ऊर्जा और रक्षा बुनियादी ढाँचे पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए।
1-2 जुलाई की रात को, रूस ने कीव पर बड़े पैमाने पर समन्वित ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम 17 नागरिक मारे गए और दर्जनों घायल हुए । मॉस्को ने इसे स्पष्ट रूप से तेल सुविधाओं पर यूक्रेनी हमलों का प्रतिशोध बताया, जिससे ईंधन की कमी हुई और राष्ट्रपति पुतिन पर दबाव बढ़ा ।
इसके बाद के हफ्तों में, रूस ने यूक्रेनी ऊर्जा और रक्षा सुविधाओं पर सटीक हमलों का अभियान तेज़ कर दिया, जिसमें पूरे देश में पावर ग्रिड, सबस्टेशनों और सैन्य-औद्योगिक स्थलों को निशाना बनाया गया ।
ये हमले युद्ध में एक नया मोड़ साबित हुए। यूक्रेन ने साबित कर दिया कि वह रूस के दिल को भी निशाना बना सकता है, जबकि रूस ने अपनी जवाबी कार्रवाई को और अधिक घातक बना दिया।
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