जब परमाणु युद्ध के जोखिम के बारे में पूछा गया, तो मुरातोव ने चेताया कि यूक्रेन को "नष्ट करने" की रूसी रणनीति का तार्किक अंत "परमाणु हथियार के इस्तेमाल तक बढ़ती तनाव" ही है । उन्होंने कहा कि कोई नहीं जानता कि पुतिन क्या करेंगे, और जो विशेषज्ञ निश्चितता का दावा करते हैं, उन्हें उन्होंने "पाखंडी" और उनके काम को "ज्योतिष" बताया
।
उन्होंने एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया: 2026 की शुरुआत से अब तक रूसी राज्य टीवी और सरकारी मंचों पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आवश्यकता का जिक्र 500 से अधिक बार किया गया है ।
मुरातोव का अखबार नोवाया गज़ेटा 30 से अधिक वर्षों तक रूस में स्वतंत्र पत्रकारिता का प्रतीक था। "अब कोई अखबार नहीं है," उन्होंने BBC को बताया। उन्होंने समझाया कि क्रेमलिन ने इसके प्रिंटिंग प्रेस का राष्ट्रीयकरण कर दिया और इसका पंजीकरण रद्द कर दिया ।
उन्होंने असहमति पर व्यापक कार्रवाई का वर्णन किया, जो सोवियत युग में भी नहीं देखी गई थी:
मुरातोव ने पश्चिमी मीडिया में चल रही पुतिन के खिलाफ अंदरूनी साजिशों की अटकलों को खारिज कर दिया। "देश व्लादिमीर पुतिन चलाते हैं। सब उनसे डरते हैं। और यह डर उनके मुख्य समर्थन आधार—संघीय सुरक्षा सेवा (FSB)—द्वारा हर तरह से मजबूत किया जाता है" ।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर बात करते हुए मुरातोव ने कहा कि पुतिन "यूरोपीय नेताओं की असली कीमत जानते हैं"। उन्होंने तर्क दिया कि जहां पश्चिमी नेता पुतिन को मानवाधिकारों और यूरोपीय मूल्यों पर व्याख्यान देते हैं, वहीं उनमें से कई ने रूस के साथ तेल, गैस और हीरे पर व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर जारी रखे हैं—और पुतिन इस पाखंड पर "ज़ोर से हंसते हैं" ।
नोट: यह लेख 13-14 अगस्त, 2026 को BBC पर प्रकाशित मूल अंग्रेजी साक्षात्कार और संबंधित रिपोर्टों पर आधारित है।