वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट का दावा गलत: सॉफ्टवेयर बग और अधूरे डेटा से बना भ्रम
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5] शोधकर्ताओं के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से थी: एक सॉफ्टवेयर बग जिसने अधिकतम डिसरप्शन स्कोर...
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5]
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से थी: एक सॉफ्टवेयर बग जिसने अधिकतम डिसरप्शन स्कोर वाले पेपर्स को हिस्टोग्राम से हटा दिया, और Web of Science डेटाबेस में पुराने रिकॉर्ड का अधूरा रेफरेंस मेटाडेटा।...
इन त्रुटियों को दूर करने के बाद, पाया गया कि 1945 और 2010 के बीच देखी गई गिरावट का 93% हिस्सा सिर्फ एक डेटा आर्टिफैक्ट (कृत्रिम प्रभाव) था। [4]
बेल्जियम की टीम ने अपना खंडन अक्टूबर 2023 में ही नेचर को भेज दिया था, लेकिन इसे प्रकाशित होने में 32 महीने लग गए। इस दौरान मूल अध्ययन का इस्तेमाल दुनिया भर में नीतिगत दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों में किया जाता रहा। [4]
What study by researchers from Vrije Universiteit Brussel and KU Leuven, published as a rebuttal in Nature in August 2025, found that a wideAI-generated editorial hero image for What study by researchers from Vrije Universiteit Brussel and KU Leuven, published as a rebuttal in Nature in August 2025, found that a wide.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What study by researchers from Vrije Universiteit Brussel and KU Leuven, published as a rebuttal in Nature in August 2025, found that a wide. Article summary: The rebuttal study is Holst et al., "Dataset artefacts can partially drive the measured decline in disruption," published in Nature in August 2026 (DOI: 10.1038/s41586 026 10787 y) [4][5].. Topic tags: general web, workflow, code, regulation, benchmarks. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, click
openai.com
एक समय पूरी दुनिया में यह खबर गूंजी थी कि वैज्ञानिक नवाचार लगातार घट रहा है। लेकिन अब पता चला है कि यह चौंकाने वाला निष्कर्ष एक सॉफ्टवेयर बग और डेटाबेस की खामियों का नतीजा था। बेल्जियम के Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में एक नए अध्ययन के जरिए 2023 के उस चर्चित पेपर को करारा जवाब दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में 'बाधा डालने वाली' (disruptive) खोजें कम होती जा रही हैं।
क्या था 2023 का वह चर्चित अध्ययन?
2023 में नेचर में प्रकाशित एक पेपर में सामाजिक वैज्ञानिकों माइकल पार्क, एरिन लेहे और रसेल फंक ने दावा किया था कि 1945 के बाद से वैज्ञानिक पेपरों और पेटेंट्स में 'डिसरप्टिवनेस' (क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता) लगातार घट रही है। इस अध्ययन ने दुनिया भर में 300 से अधिक समाचार लेखों को जन्म दिया और कम से कम 16 नीतिगत दस्तावेजों में इसका हवाला दिया गया।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट का दावा गलत: सॉफ्टवेयर बग और अधूरे डेटा से बना भ्रम" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5] शोधकर्ताओं के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से थी: एक सॉफ्टवेयर बग जिसने अधिकतम डिसरप्शन स्कोर वाले पेपर्स को हिस्टोग्राम से हटा दिया, और Web of Science डेटाबेस में पुराने रिकॉर्ड का अधूरा रेफरेंस मेटाडेटा।...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
इन त्रुटियों को दूर करने के बाद, पाया गया कि 1945 और 2010 के बीच देखी गई गिरावट का 93% हिस्सा सिर्फ एक डेटा आर्टिफैक्ट (कृत्रिम प्रभाव) था। [4]
वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट का दावा गलत: सॉफ्टवेयर बग और अधूरे डेटा से बना भ्रम
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5] शोधकर्ताओं के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से थी: एक सॉफ्टवेयर बग जिसने अधिकतम डिसरप्शन स्कोर...
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5]
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से थी: एक सॉफ्टवेयर बग जिसने अधिकतम डिसरप्शन स्कोर वाले पेपर्स को हिस्टोग्राम से हटा दिया, और Web of Science डेटाबेस में पुराने रिकॉर्ड का अधूरा रेफरेंस मेटाडेटा।...
इन त्रुटियों को दूर करने के बाद, पाया गया कि 1945 और 2010 के बीच देखी गई गिरावट का 93% हिस्सा सिर्फ एक डेटा आर्टिफैक्ट (कृत्रिम प्रभाव) था। [4]
बेल्जियम की टीम ने अपना खंडन अक्टूबर 2023 में ही नेचर को भेज दिया था, लेकिन इसे प्रकाशित होने में 32 महीने लग गए। इस दौरान मूल अध्ययन का इस्तेमाल दुनिया भर में नीतिगत दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों में किया जाता रहा। [4]
What study by researchers from Vrije Universiteit Brussel and KU Leuven, published as a rebuttal in Nature in August 2025, found that a wideAI-generated editorial hero image for What study by researchers from Vrije Universiteit Brussel and KU Leuven, published as a rebuttal in Nature in August 2025, found that a wide.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What study by researchers from Vrije Universiteit Brussel and KU Leuven, published as a rebuttal in Nature in August 2025, found that a wide. Article summary: The rebuttal study is Holst et al., "Dataset artefacts can partially drive the measured decline in disruption," published in Nature in August 2026 (DOI: 10.1038/s41586 026 10787 y) [4][5].. Topic tags: general web, workflow, code, regulation, benchmarks. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, click
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एक समय पूरी दुनिया में यह खबर गूंजी थी कि वैज्ञानिक नवाचार लगातार घट रहा है। लेकिन अब पता चला है कि यह चौंकाने वाला निष्कर्ष एक सॉफ्टवेयर बग और डेटाबेस की खामियों का नतीजा था। बेल्जियम के Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में एक नए अध्ययन के जरिए 2023 के उस चर्चित पेपर को करारा जवाब दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में 'बाधा डालने वाली' (disruptive) खोजें कम होती जा रही हैं।
क्या था 2023 का वह चर्चित अध्ययन?
2023 में नेचर में प्रकाशित एक पेपर में सामाजिक वैज्ञानिकों माइकल पार्क, एरिन लेहे और रसेल फंक ने दावा किया था कि 1945 के बाद से वैज्ञानिक पेपरों और पेटेंट्स में 'डिसरप्टिवनेस' (क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता) लगातार घट रही है। इस अध्ययन ने दुनिया भर में 300 से अधिक समाचार लेखों को जन्म दिया और कम से कम 16 नीतिगत दस्तावेजों में इसका हवाला दिया गया।
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अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट का दावा गलत: सॉफ्टवेयर बग और अधूरे डेटा से बना भ्रम" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
Vrije Universiteit Brussel (VUB) और KU Leuven के शोधकर्ताओं ने नेचर जर्नल में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले कुछ दशकों में वैज्ञानिक नवाचार में गिरावट आई है। [4][5] शोधकर्ताओं के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से दो कारणों से थी: एक सॉफ्टवेयर बग जिसने अधिकतम डिसरप्शन स्कोर वाले पेपर्स को हिस्टोग्राम से हटा दिया, और Web of Science डेटाबेस में पुराने रिकॉर्ड का अधूरा रेफरेंस मेटाडेटा।...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
इन त्रुटियों को दूर करने के बाद, पाया गया कि 1945 और 2010 के बीच देखी गई गिरावट का 93% हिस्सा सिर्फ एक डेटा आर्टिफैक्ट (कृत्रिम प्रभाव) था। [4]
VUB और KU Leuven के विन्सेंट होल्स्ट, आंद्रेस अल्गाबा, फ्लोरियानो टोरी, सिल्विया वेनमैकर्स और विन्सेंट गिनीस ने जब इस अध्ययन की गहराई से जांच की, तो उन्हें दो बड़ी त्रुटियां मिलीं:
सॉफ्टवेयर बग: मूल अध्ययन में इस्तेमाल किए गए विज़ुअलाइज़ेशन सॉफ्टवेयर में एक बग था, जिसके कारण सबसे अधिक डिसरप्शन स्कोर वाले पेपर्स को प्रकाशित हिस्टोग्राम से स्वतः ही हटा दिया गया।
अधूरा डेटा (डेटा आर्टिफैक्ट): इससे भी बड़ी समस्या यह थी कि Web of Science डेटाबेस में पुराने रिकॉर्ड के रेफरेंस अक्सर अधूरे होते थे। ऐसे पेपर्स, जिनमें कोई भी रेफरेंस सूचीबद्ध नहीं था, उन्हें गलती से 'सबसे ज्यादा डिसरप्टिव' (बाधा डालने वाला) करार दे दिया गया। जैसे-जैसे डेटाबेस की गुणवत्ता में सुधार हुआ, ये गलत रिकॉर्ड कम होते गए, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ कि डिसरप्टिवनेस घट रही है।
गिरावट का कितना हिस्सा था यह आर्टिफैक्ट?
शोधकर्ताओं के अनुसार, जब इन डेटाबेस त्रुटियों को हटा दिया गया, तो गिरावट लगभग गायब हो गई। सबसे बड़े डेटासेट की जांच में पाया गया कि 1945 और 2010 के बीच देखी गई गिरावट का 93% हिस्सा सिर्फ इन डेटा आर्टिफैक्ट्स (कृत्रिम प्रभावों) के कारण था।
मूल अध्ययन के लेखकों का क्या कहना है?
मूल अध्ययन के लेखकों ने अपने बचाव में कहा है कि भले ही उन आलोचनाओं को ध्यान में रखा जाए, फिर भी उनके अपने विश्लेषण से नवाचार में सांख्यिकीय और व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण गिरावट दिखाई देती है। हालांकि, बेल्जियम की टीम का कहना है कि जब वे केवल उन्हीं पेपर्स को देखते हैं जिनमें कम से कम 10 रेफरेंस हों, तो उन्हें डिसरप्शन में थोड़ी वृद्धि ही मिलती है।
32 महीने की देरी: वैज्ञानिक प्रक्रिया पर एक सवाल
यह मामला वैज्ञानिक पत्रिकाओं की आत्म-सुधार प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। बेल्जियम के शोधकर्ताओं ने अपना खंडन अक्टूबर 2023 में ही नेचर को भेज दिया था, लेकिन इसे प्रकाशित होने में 32 महीने लग गए।
इस देरी के दौरान:
नेचर ने मूल अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर संपादकीय और समाचार फीचर प्रकाशित करना जारी रखा।
मूल अध्ययन को 1,000 से अधिक बार और उद्धृत किया गया और कम से कम 16 नीतिगत दस्तावेजों में इसका इस्तेमाल हुआ।
प्रमुख शोधकर्ता विन्सेंट गिनीस ने कहा, "जहां सॉफ्टवेयर बग को ओपन-सोर्स समुदाय ने महीनों में ठीक कर दिया, वहीं वैज्ञानिक सुधार को प्रकाशित होने में वर्षों लग गए। इस पूरे समय, पत्रिका की नीतियों ने हमें प्रेस से बात करने से रोक रखा था।"
विज्ञान नीति के लिए निहितार्थ
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह मामला स्पष्ट करता है कि बिब्लियोमेट्रिक संकेतकों से वैज्ञानिक प्रगति के बारे में बड़े-बड़े निष्कर्ष निकालना खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब डेटाबेस की गुणवत्ता की कठोर जांच न की गई हो। वे सीधे तौर पर कहते हैं कि "2023 की पद्धति और निष्कर्ष विज्ञान नीति के लिए कोई ठोस आधार प्रदान नहीं करते हैं।"
VUB और KU Leuven के विन्सेंट होल्स्ट, आंद्रेस अल्गाबा, फ्लोरियानो टोरी, सिल्विया वेनमैकर्स और विन्सेंट गिनीस ने जब इस अध्ययन की गहराई से जांच की, तो उन्हें दो बड़ी त्रुटियां मिलीं:
सॉफ्टवेयर बग: मूल अध्ययन में इस्तेमाल किए गए विज़ुअलाइज़ेशन सॉफ्टवेयर में एक बग था, जिसके कारण सबसे अधिक डिसरप्शन स्कोर वाले पेपर्स को प्रकाशित हिस्टोग्राम से स्वतः ही हटा दिया गया।
अधूरा डेटा (डेटा आर्टिफैक्ट): इससे भी बड़ी समस्या यह थी कि Web of Science डेटाबेस में पुराने रिकॉर्ड के रेफरेंस अक्सर अधूरे होते थे। ऐसे पेपर्स, जिनमें कोई भी रेफरेंस सूचीबद्ध नहीं था, उन्हें गलती से 'सबसे ज्यादा डिसरप्टिव' (बाधा डालने वाला) करार दे दिया गया। जैसे-जैसे डेटाबेस की गुणवत्ता में सुधार हुआ, ये गलत रिकॉर्ड कम होते गए, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ कि डिसरप्टिवनेस घट रही है।
गिरावट का कितना हिस्सा था यह आर्टिफैक्ट?
शोधकर्ताओं के अनुसार, जब इन डेटाबेस त्रुटियों को हटा दिया गया, तो गिरावट लगभग गायब हो गई। सबसे बड़े डेटासेट की जांच में पाया गया कि 1945 और 2010 के बीच देखी गई गिरावट का 93% हिस्सा सिर्फ इन डेटा आर्टिफैक्ट्स (कृत्रिम प्रभावों) के कारण था।
मूल अध्ययन के लेखकों का क्या कहना है?
मूल अध्ययन के लेखकों ने अपने बचाव में कहा है कि भले ही उन आलोचनाओं को ध्यान में रखा जाए, फिर भी उनके अपने विश्लेषण से नवाचार में सांख्यिकीय और व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण गिरावट दिखाई देती है। हालांकि, बेल्जियम की टीम का कहना है कि जब वे केवल उन्हीं पेपर्स को देखते हैं जिनमें कम से कम 10 रेफरेंस हों, तो उन्हें डिसरप्शन में थोड़ी वृद्धि ही मिलती है।
32 महीने की देरी: वैज्ञानिक प्रक्रिया पर एक सवाल
यह मामला वैज्ञानिक पत्रिकाओं की आत्म-सुधार प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। बेल्जियम के शोधकर्ताओं ने अपना खंडन अक्टूबर 2023 में ही नेचर को भेज दिया था, लेकिन इसे प्रकाशित होने में 32 महीने लग गए।
इस देरी के दौरान:
नेचर ने मूल अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर संपादकीय और समाचार फीचर प्रकाशित करना जारी रखा।
मूल अध्ययन को 1,000 से अधिक बार और उद्धृत किया गया और कम से कम 16 नीतिगत दस्तावेजों में इसका इस्तेमाल हुआ।
प्रमुख शोधकर्ता विन्सेंट गिनीस ने कहा, "जहां सॉफ्टवेयर बग को ओपन-सोर्स समुदाय ने महीनों में ठीक कर दिया, वहीं वैज्ञानिक सुधार को प्रकाशित होने में वर्षों लग गए। इस पूरे समय, पत्रिका की नीतियों ने हमें प्रेस से बात करने से रोक रखा था।"
विज्ञान नीति के लिए निहितार्थ
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह मामला स्पष्ट करता है कि बिब्लियोमेट्रिक संकेतकों से वैज्ञानिक प्रगति के बारे में बड़े-बड़े निष्कर्ष निकालना खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब डेटाबेस की गुणवत्ता की कठोर जांच न की गई हो। वे सीधे तौर पर कहते हैं कि "2023 की पद्धति और निष्कर्ष विज्ञान नीति के लिए कोई ठोस आधार प्रदान नहीं करते हैं।"