जुलाई 2026 में रूस ने औसतन 8.887 मिलियन बैरल प्रतिदिन क्रूड तेल का उत्पादन किया, जो उसके 9.824 मिलियन बैरल प्रतिदिन के OPEC+ कोटे से लगभग 9,37,000 बैरल कम है। इसकी वजह यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमले हैं। यूक्रेन ने रूस की 34 बड़ी रिफाइनरियों में से कम से कम 24 पर हमला किया, जिससे 43% रिफाइनिंग क्षमता ठप हो गई। इससे 40...
शोध उत्तर

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रूस का तेल क्षेत्र ऐसे दोहरे झटके से जूझ रहा है, जिसकी कल्पना कुछ ही विश्लेषकों ने की थी। एक ओर यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों ने क्रूड उत्पादन को OPEC+ कोटे से लगभग दस लाख बैरल प्रतिदिन नीचे धकेल दिया, तो दूसरी ओर देश की घरेलू रिफाइनिंग क्षमता इतनी बुरी तरह प्रभावित हुई है कि मॉस्को को अपने आधुनिक इतिहास में पहली बार भारत से पेट्रोल आयात करना पड़ रहा है। इस उथल-पुथल ने वैश्विक तेल आपूर्ति लाइनों को नया आकार दिया है और OPEC+ गठबंधन के भीतर गहरी दरारें उजागर कर दी हैं, क्योंकि खाड़ी देश इस कमी को पूरा करने में जुट गए हैं।
OPEC की अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने जुलाई 2026 में औसतन 8.887 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) क्रूड तेल का उत्पादन किया, जो उसके 9.824 मिलियन bpd के OPEC+ कोटे से लगभग 9,37,000 बैरल प्रतिदिन कम है। इस कोटे में स्वैच्छिक कटौती और क्षतिपूर्ति समायोजन शामिल हैं ।
इस गिरावट का मुख्य कारण स्वैच्छिक अनुपालन नहीं, बल्कि युद्ध है। यूक्रेनी सेना ने पूरे जुलाई महीने में रूस के तेल उत्पादन, भंडारण और पाइपलाइन संपत्तियों पर लगातार हमले किए, जिससे सीधे तौर पर क्रूड निष्कर्षण कम हुआ । यह एक नाटकीय बदलाव है: हमलों के तेज होने से पहले, रूस अक्सर अपने कोटे से अधिक उत्पादन करता था; यह गहरी गिरावट किसी नीतिगत फैसले के बजाय युद्ध-संबंधी व्यवधान को दर्शाती है
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उत्पादन पर पड़े प्रभाव से भी अधिक नुकसान रिफाइनिंग क्षमता पर हुए हमलों ने किया है। यूक्रेन ने लगभग 50 हमलों में रूस की 34 सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से कम से कम 24 को निशाना बनाया है । मॉस्को रिफाइनरी, जो राजधानी को ईंधन की सबसे बड़ी आपूर्तिकर्ता है, जून 2026 में दो ड्रोन हमलों का शिकार हुई और कम से कम छह महीने के लिए बंद हो गई
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जुलाई 2026 की शुरुआत तक, यूक्रेनी जनरल स्टाफ ने अनुमान लगाया कि रूस की 43% रिफाइनिंग क्षमता ठप है, और बाद के आंकड़ों से पता चला कि यह 21 वर्षों में अपने निम्नतम स्तर 3.91 मिलियन बैरल प्रतिदिन पर आ गई थी । रूस के घरेलू ईंधन बाजार पर इसके परिणाम तत्काल और गंभीर थे:
जहां रूस का उत्पादन गिर गया, वहीं उसके OPEC+ सहयोगियों की तस्वीर बहुत अलग थी। इराक, सऊदी अरब और कुवैत ने जुलाई 2026 में अपने उत्पादन में तेजी से वृद्धि की:
परिणाम: खाड़ी देशों ने बड़े पैमाने पर युद्ध-संबंधी व्यवधानों की भरपाई की, जबकि रूस, यूक्रेनी हमलों से बंधा होने के कारण, अंतर को भरने के लिए अपने उत्पादन में वृद्धि नहीं कर सका। इसने OPEC+ के भीतर उत्पादन असमानता को बढ़ा दिया, जहां रूस अपने कोटे से बहुत पीछे रह गया, जबकि खाड़ी सहयोगियों ने अपने कोटे की ओर या उससे ऊपर उत्पादन बढ़ा लिया ।
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जुलाई 2026 में रूस ने औसतन 8.887 मिलियन बैरल प्रतिदिन क्रूड तेल का उत्पादन किया, जो उसके 9.824 मिलियन बैरल प्रतिदिन के OPEC+ कोटे से लगभग 9,37,000 बैरल कम है। इसकी वजह यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमले हैं।
जुलाई 2026 में रूस ने औसतन 8.887 मिलियन बैरल प्रतिदिन क्रूड तेल का उत्पादन किया, जो उसके 9.824 मिलियन बैरल प्रतिदिन के OPEC+ कोटे से लगभग 9,37,000 बैरल कम है। इसकी वजह यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमले हैं। यूक्रेन ने रूस की 34 बड़ी रिफाइनरियों में से कम से कम 24 पर हमला किया, जिससे 43% रिफाइनिंग क्षमता ठप हो गई। इससे 40 से अधिक रूसी क्षेत्रों में ईंधन की कमी और राशनिंग हुई, और मॉस्को को पहली बार भारत से पेट्रोल आयात करन...
जहां रूस का उत्पादन गिरा, वहीं इराक, सऊदी अरब और कुवैत ने उत्पादन तेजी से बढ़ाया। जुलाई में OPEC का कुल क्रूड उत्पादन 1.16 1.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन बढ़कर लगभग 19.44 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गया, जिससे गठबंधन में असंतुल...