टारेंटयुला नेबुला से एक्स-रे ऊर्जा क्यों लीक हो रही है? नासा के तीन टेलीस्कोप ने सुलझाई पहेली
नासा ने 11 अगस्त 2026 को टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) की एक नई रंगीन तस्वीर जारी की, जो चंद्रा (एक्स रे/नीला), हबल (प्रकाशिक/हरा) और वेब्ब (अवरक्त/लाल) डेटा को मिलाकर बनाई गई है। जेनिफर रोड्रिगेज के नेतृत्व में ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन ने 20 लाख सेकंड के चंद्रा डेटा का उपयोग कर तीन तंत्रों की पहचान की: गर्...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
नासा ने 11 अगस्त 2026 को टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) की एक नई रंगीन तस्वीर जारी की, जो चंद्रा (एक्स रे/नीला), हबल (प्रकाशिक/हरा) और वेब्ब (अवरक्त/लाल) डेटा को मिलाकर बनाई गई है।
जेनिफर रोड्रिगेज के नेतृत्व में ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन ने 20 लाख सेकंड के चंद्रा डेटा का उपयोग कर तीन तंत्रों की पहचान की: गर्म गैस का रिसाव, ठंडी गैस से अशांत मिश्रण, और संचालन द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण।
ये निष्कर्ष तारकीय पवन मॉडल को चुनौती देते हैं और दिखाते हैं कि युवा विशाल तारों से निकलने वाली ऊर्जा कई चैनलों से खत्म हो रही है, जिससे तारा निर्माण प्रक्रिया की समझ बदल रही है।
What new composite image of the Tarantula Nebula has NASA released, how does it combine data from the Chandra, Webb, and Hubble space telescComposite image of the Tarantula Nebula (30 Doradus) combining X-ray data from NASA's Chandra X-ray Observatory (blue), optical data from the Hubble Space Telescope (green), and infrared data from the James Webb Space Telescope (red). Credit: NASA/CXC/Penn State Univ./L. Townsley et al.; NASA/STScI/HST; NASA/ESA/CSA/ST
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11 अगस्त, 2026 को नासा ने टारेंटयुला नेबुला (जिसे 30 डोरैडस भी कहा जाता है) की एक शानदार नई तस्वीर जारी की है। यह तस्वीर तीन प्रमुख अंतरिक्ष वेधशालाओं—चंद्रा, हबल और वेब्ब—के डेटा को मिलाकर बनाई गई है, जहां हर दूरबीन को एक अलग रंग दिया गया है । नासा ने इस तस्वीर को "रंगीन सैलोफेन की परतों से बने कोलाज" जैसा बताया है । यह तस्वीर पृथ्वी से लगभग 1,60,000 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित इस तारा-निर्माण क्षेत्र का अब तक का सबसे विस्तृत दृश्य प्रस्तुत करती है।
इसके साथ ही, ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी की जेनिफर रोड्रिगेज के नेतृत्व में एक नया अध्ययन एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन ने चंद्रा वेधशाला के 20 लाख सेकंड (लगभग 23 दिन) के अवलोकन डेटा का उपयोग कर एक लंबे समय से चली आ रही पहेली को सुलझाया है: टारेंटयुला नेबुला में एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली गैस की मात्रा शास्त्रीय तारकीय पवन मॉडलों की भविष्यवाणी से कहीं कम क्यों है । अध्ययन ने तीन ऐसे ऊर्जा-ह्रास चैनलों की पहचान की है जो सामूहिक रूप से इस कमी की व्याख्या करते हैं ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"टारेंटयुला नेबुला से एक्स-रे ऊर्जा क्यों लीक हो रही है? नासा के तीन टेलीस्कोप ने सुलझाई पहेली" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
नासा ने 11 अगस्त 2026 को टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) की एक नई रंगीन तस्वीर जारी की, जो चंद्रा (एक्स रे/नीला), हबल (प्रकाशिक/हरा) और वेब्ब (अवरक्त/लाल) डेटा को मिलाकर बनाई गई है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
नासा ने 11 अगस्त 2026 को टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) की एक नई रंगीन तस्वीर जारी की, जो चंद्रा (एक्स रे/नीला), हबल (प्रकाशिक/हरा) और वेब्ब (अवरक्त/लाल) डेटा को मिलाकर बनाई गई है। जेनिफर रोड्रिगेज के नेतृत्व में ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन ने 20 लाख सेकंड के चंद्रा डेटा का उपयोग कर तीन तंत्रों की पहचान की: गर्म गैस का रिसाव, ठंडी गैस से अशांत मिश्रण, और संचालन द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
ये निष्कर्ष तारकीय पवन मॉडल को चुनौती देते हैं और दिखाते हैं कि युवा विशाल तारों से निकलने वाली ऊर्जा कई चैनलों से खत्म हो रही है, जिससे तारा निर्माण प्रक्रिया की समझ बदल रही है।
टारेंटयुला नेबुला से एक्स-रे ऊर्जा क्यों लीक हो रही है? नासा के तीन टेलीस्कोप ने सुलझाई पहेली
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प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
नासा ने 11 अगस्त 2026 को टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) की एक नई रंगीन तस्वीर जारी की, जो चंद्रा (एक्स रे/नीला), हबल (प्रकाशिक/हरा) और वेब्ब (अवरक्त/लाल) डेटा को मिलाकर बनाई गई है।
जेनिफर रोड्रिगेज के नेतृत्व में ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन ने 20 लाख सेकंड के चंद्रा डेटा का उपयोग कर तीन तंत्रों की पहचान की: गर्म गैस का रिसाव, ठंडी गैस से अशांत मिश्रण, और संचालन द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण।
ये निष्कर्ष तारकीय पवन मॉडल को चुनौती देते हैं और दिखाते हैं कि युवा विशाल तारों से निकलने वाली ऊर्जा कई चैनलों से खत्म हो रही है, जिससे तारा निर्माण प्रक्रिया की समझ बदल रही है।
What new composite image of the Tarantula Nebula has NASA released, how does it combine data from the Chandra, Webb, and Hubble space telescComposite image of the Tarantula Nebula (30 Doradus) combining X-ray data from NASA's Chandra X-ray Observatory (blue), optical data from the Hubble Space Telescope (green), and infrared data from the James Webb Space Telescope (red). Credit: NASA/CXC/Penn State Univ./L. Townsley et al.; NASA/STScI/HST; NASA/ESA/CSA/ST
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11 अगस्त, 2026 को नासा ने टारेंटयुला नेबुला (जिसे 30 डोरैडस भी कहा जाता है) की एक शानदार नई तस्वीर जारी की है। यह तस्वीर तीन प्रमुख अंतरिक्ष वेधशालाओं—चंद्रा, हबल और वेब्ब—के डेटा को मिलाकर बनाई गई है, जहां हर दूरबीन को एक अलग रंग दिया गया है । नासा ने इस तस्वीर को "रंगीन सैलोफेन की परतों से बने कोलाज" जैसा बताया है । यह तस्वीर पृथ्वी से लगभग 1,60,000 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित इस तारा-निर्माण क्षेत्र का अब तक का सबसे विस्तृत दृश्य प्रस्तुत करती है।
इसके साथ ही, ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी की जेनिफर रोड्रिगेज के नेतृत्व में एक नया अध्ययन एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन ने चंद्रा वेधशाला के 20 लाख सेकंड (लगभग 23 दिन) के अवलोकन डेटा का उपयोग कर एक लंबे समय से चली आ रही पहेली को सुलझाया है: टारेंटयुला नेबुला में एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली गैस की मात्रा शास्त्रीय तारकीय पवन मॉडलों की भविष्यवाणी से कहीं कम क्यों है । अध्ययन ने तीन ऐसे ऊर्जा-ह्रास चैनलों की पहचान की है जो सामूहिक रूप से इस कमी की व्याख्या करते हैं ।
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"टारेंटयुला नेबुला से एक्स-रे ऊर्जा क्यों लीक हो रही है? नासा के तीन टेलीस्कोप ने सुलझाई पहेली" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
नासा ने 11 अगस्त 2026 को टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) की एक नई रंगीन तस्वीर जारी की, जो चंद्रा (एक्स रे/नीला), हबल (प्रकाशिक/हरा) और वेब्ब (अवरक्त/लाल) डेटा को मिलाकर बनाई गई है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
नासा ने 11 अगस्त 2026 को टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) की एक नई रंगीन तस्वीर जारी की, जो चंद्रा (एक्स रे/नीला), हबल (प्रकाशिक/हरा) और वेब्ब (अवरक्त/लाल) डेटा को मिलाकर बनाई गई है। जेनिफर रोड्रिगेज के नेतृत्व में ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन ने 20 लाख सेकंड के चंद्रा डेटा का उपयोग कर तीन तंत्रों की पहचान की: गर्म गैस का रिसाव, ठंडी गैस से अशांत मिश्रण, और संचालन द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
ये निष्कर्ष तारकीय पवन मॉडल को चुनौती देते हैं और दिखाते हैं कि युवा विशाल तारों से निकलने वाली ऊर्जा कई चैनलों से खत्म हो रही है, जिससे तारा निर्माण प्रक्रिया की समझ बदल रही है।
नई तस्वीर तीन दूरबीनों के डेटा को एक साथ जोड़ती है, जिनमें से प्रत्येक नेबुला में होने वाली अलग-अलग भौतिक प्रक्रियाओं को दर्शाता है :
नीला रंग — चंद्रा एक्स-रे वेधशाला का एक्स-रे डेटा: यह युवा, विशाल तारों की सतहों से निकलने वाली तारकीय हवाओं (स्टेलर विंड्स) द्वारा उड़ाई गई गैस को दिखाता है, जो शॉक वेव्स (सुपरसोनिक जेट्स की ध्वनि बूम की तरह) के कारण लाखों डिग्री तक गर्म हो जाती है ।
हरा रंग — हबल स्पेस टेलीस्कोप का प्रकाशिक (ऑप्टिकल) डेटा: यह नेबुला में मौजूद गर्म हाइड्रोजन गैस और अलग-अलग तारों को दर्शाता है ।
लाल रंग — जेम्स वेब्ब स्पेस टेलीस्कोप का अवरक्त (इन्फ्रारेड) डेटा: यह हजारों युवा तारों और ठंडी धूल के बादलों को दिखाता है, जो भविष्य में तारे और ग्रह बनाएंगे ।
कुछ क्षेत्रों में केवल नीली (चंद्रा) परत दिखाई देती है, तो कुछ में यह लाल (वेब्ब) या हरी (हबल) परतों से ओवरलैप होती है। केंद्रीय क्षेत्र में, तीनों परतें मिलकर लाल, नारंगी, पीले, हरे और नीले रंग का पूरा स्पेक्ट्रम बनाती हैं । अध्ययन में नासा के सेवानिवृत्त स्पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप के पुराने डेटा का भी उपयोग किया गया ।
रहस्य: गायब एक्स-रे ऊर्जा
टारेंटयुला नेबुला हमारे स्थानीय ब्रह्मांड (लोकल ग्रुप) में सबसे अधिक सक्रिय तारा-निर्माण क्षेत्रों में से एक है। यहाँ हजारों विशाल युवा तारे हैं, जिनकी शक्तिशाली तारकीय हवाओं को आसपास की गैस को एक्स-रे उत्सर्जित करने वाले तापमान तक गर्म करना चाहिए। लेकिन पिछले अवलोकनों में हमेशा पाया गया कि नेबुला शास्त्रीय मॉडलों की भविष्यवाणी की तुलना में कहीं कम एक्स-रे विकिरण उत्सर्जित करता है ।
रोड्रिगेज और उनकी टीम ने यह पता लगाने का बीड़ा उठाया कि गायब ऊर्जा कहाँ जाती है। उन्होंने 30 डोरैडस का अब तक का सबसे गहरा एक्स-रे एक्सपोजर हासिल करने के लिए 20 लाख सेकंड के चंद्रा अवलोकन समय का उपयोग किया, और इसे वेब्ब, हबल और स्पिट्जर के डेटा के साथ जोड़कर नेबुला की संरचना और ऊर्जा संतुलन का विश्लेषण किया ।
तीन ऊर्जा-ह्रास तंत्र
अध्ययन ने तीन अलग-अलग प्रक्रियाओं की पहचान की जो गर्म, एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली गैस से ऊर्जा को दूर ले जाती हैं :
1. गर्म गैस का रिसाव (हॉट गैस लीकेज)
गर्म, एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली गैस का आधे तक का हिस्सा पूरी तरह से नेबुला से बाहर निकल जाता है। यह गैस नेबुला की गैस-और-धूल संरचनाओं की टूटी-फूटी दीवारों से रिसती है—असल में, ये बुलबुला दीवारें पूरी तरह से सील नहीं हैं, जिससे सबसे गर्म पदार्थ आसपास के अंतरिक्ष में बाहर निकल जाता है ।
2. अशांत मिश्रण (टर्बुलेंट मिक्सिंग)
बुलबुला दीवारों के पास मौजूद ठंडी गैस हिलती है और भीतर की कुछ गर्म गैस के साथ भौतिक रूप से मिल जाती है। यह अशांत मिश्रण मिली हुई गैस के समग्र तापमान को कम कर देता है, जिससे एक्स-रे उत्सर्जित करने की इसकी क्षमता घट जाती है ।
3. तापीय चालन (थर्मल कंडक्शन)
अंदर की गर्म गैस और घने खोलों में मौजूद ठंडी गैस के बीच सीधा भौतिक संपर्क गर्म क्षेत्र से ठंडे क्षेत्र में ऊष्मा स्थानांतरित करता है—ठीक वैसे ही जैसे धातु की कड़ाही गैस बर्नर से गर्मी का संचालन करती है। यह प्रक्रिया दोनों गैस चरणों को आवश्यक रूप से मिलाए बिना तापमान को बराबर कर देती है, जिससे एक्स-रे उत्सर्जित करने वाले भंडार से और ऊर्जा खत्म हो जाती है ।
तारा-विस्फोट क्षेत्रों के लिए क्यों मायने रखता है
इन तीन प्रक्रियाओं का संयोजन यह समझाता है कि क्यों टारेंटयुला नेबुला अपने हजारों विशाल युवा तारों की शक्तिशाली हवाओं से अपेक्षित एक्स-रे विकिरण से काफी कम उत्सर्जित करता है । ये निष्कर्ष शास्त्रीय तारकीय पवन फीडबैक मॉडलों को चुनौती देते हैं, जो मानते थे कि विशाल तारों की ऊर्जा तारा समूह के पास ही फंसी रहती है। इसके बजाय, अध्ययन दर्शाता है कि ऊर्जा कई चैनलों से बाहर निकल जाती है—यह एक ऐसी खोज है जो यह समझने में मदद करती है कि कैसे तारा-विस्फोट क्षेत्र अपनी मेज़बान आकाशगंगाओं को प्रभावित करते हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि वे गेलेक्टिक आउटफ्लो (बहिर्वाह) कैसे चलाते हैं और तारा निर्माण को कैसे नियंत्रित करते हैं।
टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) आकाशगंगाओं के स्थानीय समूह (लोकल ग्रुप) में सबसे बड़ा और सबसे अधिक उत्पादक तारा-निर्माण क्षेत्र है। इसकी निकटता (लार्ज मैगेलैनिक क्लाउड में 1,60,000 प्रकाश-वर्ष दूर) इसे पूरे ब्रह्मांड में आकाशगंगाओं को आकार देने वाली फीडबैक प्रक्रियाओं के अध्ययन के लिए एक आदर्श प्रयोगशाला बनाती है।
engadget.com
NASA and ESA share a breathtaking Hubble image of the Tarantula Nebula's outer edge
नई तस्वीर तीन दूरबीनों के डेटा को एक साथ जोड़ती है, जिनमें से प्रत्येक नेबुला में होने वाली अलग-अलग भौतिक प्रक्रियाओं को दर्शाता है :
नीला रंग — चंद्रा एक्स-रे वेधशाला का एक्स-रे डेटा: यह युवा, विशाल तारों की सतहों से निकलने वाली तारकीय हवाओं (स्टेलर विंड्स) द्वारा उड़ाई गई गैस को दिखाता है, जो शॉक वेव्स (सुपरसोनिक जेट्स की ध्वनि बूम की तरह) के कारण लाखों डिग्री तक गर्म हो जाती है ।
हरा रंग — हबल स्पेस टेलीस्कोप का प्रकाशिक (ऑप्टिकल) डेटा: यह नेबुला में मौजूद गर्म हाइड्रोजन गैस और अलग-अलग तारों को दर्शाता है ।
लाल रंग — जेम्स वेब्ब स्पेस टेलीस्कोप का अवरक्त (इन्फ्रारेड) डेटा: यह हजारों युवा तारों और ठंडी धूल के बादलों को दिखाता है, जो भविष्य में तारे और ग्रह बनाएंगे ।
कुछ क्षेत्रों में केवल नीली (चंद्रा) परत दिखाई देती है, तो कुछ में यह लाल (वेब्ब) या हरी (हबल) परतों से ओवरलैप होती है। केंद्रीय क्षेत्र में, तीनों परतें मिलकर लाल, नारंगी, पीले, हरे और नीले रंग का पूरा स्पेक्ट्रम बनाती हैं । अध्ययन में नासा के सेवानिवृत्त स्पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप के पुराने डेटा का भी उपयोग किया गया ।
रहस्य: गायब एक्स-रे ऊर्जा
टारेंटयुला नेबुला हमारे स्थानीय ब्रह्मांड (लोकल ग्रुप) में सबसे अधिक सक्रिय तारा-निर्माण क्षेत्रों में से एक है। यहाँ हजारों विशाल युवा तारे हैं, जिनकी शक्तिशाली तारकीय हवाओं को आसपास की गैस को एक्स-रे उत्सर्जित करने वाले तापमान तक गर्म करना चाहिए। लेकिन पिछले अवलोकनों में हमेशा पाया गया कि नेबुला शास्त्रीय मॉडलों की भविष्यवाणी की तुलना में कहीं कम एक्स-रे विकिरण उत्सर्जित करता है ।
रोड्रिगेज और उनकी टीम ने यह पता लगाने का बीड़ा उठाया कि गायब ऊर्जा कहाँ जाती है। उन्होंने 30 डोरैडस का अब तक का सबसे गहरा एक्स-रे एक्सपोजर हासिल करने के लिए 20 लाख सेकंड के चंद्रा अवलोकन समय का उपयोग किया, और इसे वेब्ब, हबल और स्पिट्जर के डेटा के साथ जोड़कर नेबुला की संरचना और ऊर्जा संतुलन का विश्लेषण किया ।
तीन ऊर्जा-ह्रास तंत्र
अध्ययन ने तीन अलग-अलग प्रक्रियाओं की पहचान की जो गर्म, एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली गैस से ऊर्जा को दूर ले जाती हैं :
1. गर्म गैस का रिसाव (हॉट गैस लीकेज)
गर्म, एक्स-रे उत्सर्जित करने वाली गैस का आधे तक का हिस्सा पूरी तरह से नेबुला से बाहर निकल जाता है। यह गैस नेबुला की गैस-और-धूल संरचनाओं की टूटी-फूटी दीवारों से रिसती है—असल में, ये बुलबुला दीवारें पूरी तरह से सील नहीं हैं, जिससे सबसे गर्म पदार्थ आसपास के अंतरिक्ष में बाहर निकल जाता है ।
2. अशांत मिश्रण (टर्बुलेंट मिक्सिंग)
बुलबुला दीवारों के पास मौजूद ठंडी गैस हिलती है और भीतर की कुछ गर्म गैस के साथ भौतिक रूप से मिल जाती है। यह अशांत मिश्रण मिली हुई गैस के समग्र तापमान को कम कर देता है, जिससे एक्स-रे उत्सर्जित करने की इसकी क्षमता घट जाती है ।
3. तापीय चालन (थर्मल कंडक्शन)
अंदर की गर्म गैस और घने खोलों में मौजूद ठंडी गैस के बीच सीधा भौतिक संपर्क गर्म क्षेत्र से ठंडे क्षेत्र में ऊष्मा स्थानांतरित करता है—ठीक वैसे ही जैसे धातु की कड़ाही गैस बर्नर से गर्मी का संचालन करती है। यह प्रक्रिया दोनों गैस चरणों को आवश्यक रूप से मिलाए बिना तापमान को बराबर कर देती है, जिससे एक्स-रे उत्सर्जित करने वाले भंडार से और ऊर्जा खत्म हो जाती है ।
तारा-विस्फोट क्षेत्रों के लिए क्यों मायने रखता है
इन तीन प्रक्रियाओं का संयोजन यह समझाता है कि क्यों टारेंटयुला नेबुला अपने हजारों विशाल युवा तारों की शक्तिशाली हवाओं से अपेक्षित एक्स-रे विकिरण से काफी कम उत्सर्जित करता है । ये निष्कर्ष शास्त्रीय तारकीय पवन फीडबैक मॉडलों को चुनौती देते हैं, जो मानते थे कि विशाल तारों की ऊर्जा तारा समूह के पास ही फंसी रहती है। इसके बजाय, अध्ययन दर्शाता है कि ऊर्जा कई चैनलों से बाहर निकल जाती है—यह एक ऐसी खोज है जो यह समझने में मदद करती है कि कैसे तारा-विस्फोट क्षेत्र अपनी मेज़बान आकाशगंगाओं को प्रभावित करते हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि वे गेलेक्टिक आउटफ्लो (बहिर्वाह) कैसे चलाते हैं और तारा निर्माण को कैसे नियंत्रित करते हैं।
टारेंटयुला नेबुला (30 डोरैडस) आकाशगंगाओं के स्थानीय समूह (लोकल ग्रुप) में सबसे बड़ा और सबसे अधिक उत्पादक तारा-निर्माण क्षेत्र है। इसकी निकटता (लार्ज मैगेलैनिक क्लाउड में 1,60,000 प्रकाश-वर्ष दूर) इसे पूरे ब्रह्मांड में आकाशगंगाओं को आकार देने वाली फीडबैक प्रक्रियाओं के अध्ययन के लिए एक आदर्श प्रयोगशाला बनाती है।
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