इसके बिल्कुल विपरीत, उसी महीने चीन का वाहन निर्यात 88.2% बढ़कर 9,23,000 वाहनों तक पहुंच गया । साल 2026 की पहली छमाही में घरेलू बिक्री 20.2% गिरी, लेकिन कार निर्यात 70.6% बढ़कर 42.8 लाख हो गया
। घरेलू बाजार सिकुड़ने के कारण चीनी कंपनियों को विदेशी बाजारों में जोर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा
।
साथ ही, पश्चिमी देशों की ओर से चीनी EVs पर 50% तक टैरिफ लगाने की योजना ने सीधे निर्यात को कम लाभदायक बना दिया है, जिससे अफ्रीका में स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है ।
इस रणनीतिक बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है शेरी (Chery) द्वारा दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया के पास रॉसलिन (Rosslyn) स्थित निसान (Nissan) के पूर्व असेंबली प्लांट का अधिग्रहण। यह अफ्रीकी महाद्वीप पर किसी चीनी वाहन निर्माता का अब तक का सबसे बड़ा एकल फैक्ट्री निवेश है।
शेरी के चेयरमैन यिन तोंगयुए (Yin Tongyue) ने शिन्हुआ को बताया, "स्थानीयकरण ही स्थायी विदेशी विकास की कुंजी है।"
चीनी वाहन निर्माता अफ्रीका में कई तरह की स्थानीयकरण रणनीतियां अपना रहे हैं। सिर्फ तैयार कारें निर्यात करने के बजाय, वे फैक्ट्रियां खरीद रहे हैं, CKD/SKD (कम्प्लीटली नॉक्ड डाउन/सेमी नॉक्ड डाउन) किट असेंबली कर रहे हैं और पार्टनरशिप कर रहे हैं ।
कई अफ्रीकी सरकारों ने ऐसी नीतियां बनाई हैं जो चीनी EVs और हाइब्रिड कारखानों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती हैं।
इथियोपिया — जीवाश्म ईंधन वाहनों पर प्रतिबंध: जनवरी 2024 में, इथियोपिया दुनिया का पहला देश बन गया जिसने जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, साथ ही EVs के आयात पर शुल्क में भारी कटौती की । यह नीति राजकोषीय आवश्यकता से प्रेरित थी। इसके गहरे परिणाम सामने आए हैं: इथियोपिया ने सिर्फ 2025 में चीन से 44,358 EVs का आयात किया
। नई EVs अब पुरानी पेट्रोल कारों के साथ कीमत में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं, और EV अपनाने की दर 1% से बढ़कर सड़कों पर सभी वाहनों का लगभग 6% हो गई है । सरकार हर 50 किमी पर चार्जिंग स्टेशन बना रही है और 2030 तक 5 लाख EVs का लक्ष्य रखा है
।
दक्षिण अफ्रीका — स्थानीय उत्पादन प्रोत्साहन: दक्षिण अफ्रीका की ऑटोमोटिव मास्टरप्लान 2035, घरेलू स्तर पर निर्मित वाहनों के लिए रिबेट प्रदान करने वाले प्रोत्साहन कार्यक्रम पेश करती है, जो सीधे चीनी कंपनियों को स्थानीय प्लांट बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है ।
चीनी वाहन आयात पर नियोजित टैरिफ: दक्षिण अफ्रीका कथित तौर पर आयातित चीनी वाहनों पर 50% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। यह शेरी और अन्य को स्थानीय रूप से असेंबली करने के लिए एक अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में काम करेगा ।
चीनी कारों के आयात से हटकर अफ्रीका में चीनी कारखाने बनाने के इस बदलाव से अफ्रीकी उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा।