उसी रात एक और घटना में, हवाईअड्डे के पास एक अज्ञात उड़ने वाली वस्तु ने एक DHL कार्गो विमान को हवा में टक्कर मार दी, हालांकि उस विमान को मामूली क्षति पहुंची और वह सुरक्षित लैंड कर गया ।
अमेरिकी खुफिया आकलन: वॉल स्ट्रीट जर्नल ने 7 अगस्त को अमेरिकी खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर दी कि विस्फोटक ले जाने वाला यह ड्रोन संभवतः मॉस्को का है । कई मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट किया कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि इस हमले के पीछे रूस का हाथ था
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जर्मन फोरेंसिक सबूत: जर्मन जांचकर्ताओं ने ड्रोन से एक डीएनए ट्रेस बरामद किया, जो 20 जुलाई 2024 को उसी लाइपज़िग/हाले हवाईअड्डे के DHL लॉजिस्टिक्स सेंटर पर हुए आगजनी के हमले के सबूतों से मेल खाता है । 2024 का वह हमला और लिथुआनिया में पार्सल बम की साजिश रूसी सैन्य खुफिया (GRU) से जुड़ी हुई है
। यह डीएनए अभी तक किसी नामित व्यक्ति से नहीं मिलाया जा सका है, लेकिन यह संबंध GRU द्वारा संचालित तोड़फोड़ नेटवर्क की ओर मजबूती से इशारा करता है
।
जर्मन सरकार का रुख: जर्मनी के संघीय अभियोजक ने 6 अगस्त को इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और इसे "गंभीर हमला" बताया तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के प्रयास की चेतावनी दी । गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने इस घटना को "खतरे का नया स्तर" बताया और कहा कि इसे "पेशेवर तरीके से" तैयार किया गया था
। फिर भी, बर्लिन ने शुरू में सार्वजनिक रूप से रूस को जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया
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रूस का इनकार: बर्लिन में रूसी दूतावास ने इस घटना को एक "मनगढ़ंत उकसावा" करार दिया और कहा कि यह बिना सबूत के रूस के खिलाफ लगाए जाने वाले आरोपों का एक और उदाहरण है ।
लाइपज़िग घटना के ठीक एक सप्ताह बाद, 10-11 अगस्त 2026 की रात को, मध्य जर्मनी के हनोवर-लैंगेनहेजेन हवाईअड्डे पर एक अज्ञात ड्रोन देखा गया । स्थानीय समयानुसार लगभग 3:44 बजे से 5:20 बजे के बीच रनवे को बंद कर दिया गया
। पुलिस ने करीब दो घंटे तक ड्रोन का पता लगाने की कोशिश की, जिससे एक कार्गो विमान भी प्रभावित हुआ
। कुल छह उड़ानें प्रभावित हुईं
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जर्मन अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से हनोवर ड्रोन को लाइपज़िग हमले से नहीं जोड़ा, लेकिन इसका समय — ठीक एक हफ्ते बाद और एक अन्य जर्मन हवाईअड्डे पर — ने यूरोपीय वायु बुनियादी ढांचे के समन्वित परीक्षण के बारे में व्यापक चिंताओं को हवा दी ।
ये घटनाएं नाटो की आपूर्ति श्रृंखला और यूरोपीय सुरक्षा के खिलाफ रूसी हाइब्रिड युद्ध की सुप्रलेखित रणनीति में फिट बैठती हैं:
जर्मनी में हाल के ड्रोन हमलों ने यूरोपीय सुरक्षा के लिए एक नए और गंभीर खतरे का संकेत दिया है। गृह मंत्री डोब्रिंट ने इसे "खतरे का नया स्तर" बताया और कहा कि इसे "पेशेवर तरीके से" तैयार किया गया था । जांच के नतीजों से पता चला है कि ड्रोन से मिला डीएनए 2024 में उसी हवाईअड्डे पर DHL लॉजिस्टिक्स सेंटर में हुए आगजनी के हमले के सबूतों से मेल खाता है
। यह सबूत रूसी GRU से जुड़ा है, जो यूरोप में तोड़फोड़ के कृत्यों की एक श्रृंखला के लिए जिम्मेदार है
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