रूस का गेहूं निर्यात संकट: कैसे काला सागर में बढ़ते हमलों ने दुनिया की सबसे बड़ी गेहूं निर्यातक अर्थव्यवस्था को घुटनों पर ला दिया है
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा। जुलाई 2026 में रूस का कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) साल दर साल 37.6% गिरकर 2.03 मिलियन टन रह गया, जो पिछले नौ वर्षों में जुलाई क...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा।
जुलाई 2026 में रूस का कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) साल दर साल 37.6% गिरकर 2.03 मिलियन टन रह गया, जो पिछले नौ वर्षों में जुलाई का सबसे कमजोर प्रदर्शन है।
यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने केर्च जलडमरूमध्य पर स्थित तमन ग्रेन टर्मिनल जैसे प्रमुख रूसी निर्यात बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे काला सागर के जरिए लगभग 40% निर्यात प्रभावित हुआ है।
रूसी कृषि मंत्रालय ने गेहूं पर निर्यात शुल्क (ड्यूटी) फिर से लगा दिया है, जो बढ़कर 326.6 रूबल प्रति टन हो गया है। साथ ही, सरकार रेल शिपमेंट के लिए 10 अरब रूबल ($122 मिलियन) का सब्सिडी पैकेज तैयार कर रही है।
What are the key developments in Russia's grain export crisis as of August 2026, including the projected August export volumes compared to hAerial view of a grain terminal, representing the critical Black Sea infrastructure at the center of the 2026 export crisis.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key developments in Russia's grain export crisis as of August 2026, including the projected August export volumes compared to h. Article summary: Russia is in the midst of a severe grain export crisis as of August 2026, driven by a toxic combination of escalating Black Sea and Sea of Azov military attacks, collapsing export volumes, falling domestic prices, rising. Topic tags: general, news, general web, education, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermark
openai.com
रूस, जो दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है, अगस्त 2026 तक एक गहरे अनाज निर्यात संकट का सामना कर रहा है। यह स्थिति निर्यात मात्रा में तेज गिरावट, महत्वपूर्ण शिपिंग बुनियादी ढांचे पर बढ़ते सैन्य हमलों, भ्रमित करने वाले घरेलू बाजार और बढ़ती वैश्विक खाद्य सुरक्षा चिंताओं से परिभाषित होती है। इस बहुआयामी संकट को समझने के लिए इसके प्रमुख कारणों और परिणामों की जांच करना आवश्यक है।
निर्यात मात्रा का पतन: नौ साल का निचला स्तर
आंकड़े एक स्पष्ट और चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। जुलाई 2026 नौ वर्षों में गेहूं निर्यात के लिए सबसे कमजोर शुरुआत रहा। रूस ने जुलाई में केवल लगभग 1.6 मिलियन टन गेहूं का निर्यात किया, जो जुलाई 2025 से लगभग पांच लाख टन कम है और 2017/18 सीजन के बाद से जुलाई का सबसे निचला स्तर है। कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) जून की तुलना में 30-38% और साल-दर-साल 37.6% घटकर 1.85 से 2.03 मिलियन टन के बीच रह गया ।
अगस्त 2026 के पूर्वानुमान और भी भयावह हैं। कृषि परामर्श फर्म सोवेकॉन (Sovecon) ने अगस्त में गेहूं निर्यात मात्र 3.0-3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अगस्त 2025 में यह 4.5 मिलियन टन था। यह 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा। रूसी अनाज निर्यातक संघ (Russian Grain Exporters Union) ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवधान जारी रहे तो पूरे सीजन में गेहूं निर्यात में भारी कमी आ सकती है, जो तक पहुंच सकती है ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"रूस का गेहूं निर्यात संकट: कैसे काला सागर में बढ़ते हमलों ने दुनिया की सबसे बड़ी गेहूं निर्यातक अर्थव्यवस्था को घुटनों पर ला दिया है" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा। जुलाई 2026 में रूस का कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) साल दर साल 37.6% गिरकर 2.03 मिलियन टन रह गया, जो पिछले नौ वर्षों में जुलाई का सबसे कमजोर प्रदर्शन है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने केर्च जलडमरूमध्य पर स्थित तमन ग्रेन टर्मिनल जैसे प्रमुख रूसी निर्यात बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे काला सागर के जरिए लगभग 40% निर्यात प्रभावित हुआ है।
रूस का गेहूं निर्यात संकट: कैसे काला सागर में बढ़ते हमलों ने दुनिया की सबसे बड़ी गेहूं निर्यातक अर्थव्यवस्था को घुटनों पर ला दिया है
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा। जुलाई 2026 में रूस का कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) साल दर साल 37.6% गिरकर 2.03 मिलियन टन रह गया, जो पिछले नौ वर्षों में जुलाई क...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा।
जुलाई 2026 में रूस का कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) साल दर साल 37.6% गिरकर 2.03 मिलियन टन रह गया, जो पिछले नौ वर्षों में जुलाई का सबसे कमजोर प्रदर्शन है।
यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने केर्च जलडमरूमध्य पर स्थित तमन ग्रेन टर्मिनल जैसे प्रमुख रूसी निर्यात बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे काला सागर के जरिए लगभग 40% निर्यात प्रभावित हुआ है।
रूसी कृषि मंत्रालय ने गेहूं पर निर्यात शुल्क (ड्यूटी) फिर से लगा दिया है, जो बढ़कर 326.6 रूबल प्रति टन हो गया है। साथ ही, सरकार रेल शिपमेंट के लिए 10 अरब रूबल ($122 मिलियन) का सब्सिडी पैकेज तैयार कर रही है।
What are the key developments in Russia's grain export crisis as of August 2026, including the projected August export volumes compared to hAerial view of a grain terminal, representing the critical Black Sea infrastructure at the center of the 2026 export crisis.
AI संकेत
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रूस, जो दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है, अगस्त 2026 तक एक गहरे अनाज निर्यात संकट का सामना कर रहा है। यह स्थिति निर्यात मात्रा में तेज गिरावट, महत्वपूर्ण शिपिंग बुनियादी ढांचे पर बढ़ते सैन्य हमलों, भ्रमित करने वाले घरेलू बाजार और बढ़ती वैश्विक खाद्य सुरक्षा चिंताओं से परिभाषित होती है। इस बहुआयामी संकट को समझने के लिए इसके प्रमुख कारणों और परिणामों की जांच करना आवश्यक है।
निर्यात मात्रा का पतन: नौ साल का निचला स्तर
आंकड़े एक स्पष्ट और चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। जुलाई 2026 नौ वर्षों में गेहूं निर्यात के लिए सबसे कमजोर शुरुआत रहा। रूस ने जुलाई में केवल लगभग 1.6 मिलियन टन गेहूं का निर्यात किया, जो जुलाई 2025 से लगभग पांच लाख टन कम है और 2017/18 सीजन के बाद से जुलाई का सबसे निचला स्तर है। कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) जून की तुलना में 30-38% और साल-दर-साल 37.6% घटकर 1.85 से 2.03 मिलियन टन के बीच रह गया ।
अगस्त 2026 के पूर्वानुमान और भी भयावह हैं। कृषि परामर्श फर्म सोवेकॉन (Sovecon) ने अगस्त में गेहूं निर्यात मात्र 3.0-3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया है, जबकि अगस्त 2025 में यह 4.5 मिलियन टन था। यह 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा। रूसी अनाज निर्यातक संघ (Russian Grain Exporters Union) ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवधान जारी रहे तो पूरे सीजन में गेहूं निर्यात में भारी कमी आ सकती है, जो तक पहुंच सकती है ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"रूस का गेहूं निर्यात संकट: कैसे काला सागर में बढ़ते हमलों ने दुनिया की सबसे बड़ी गेहूं निर्यातक अर्थव्यवस्था को घुटनों पर ला दिया है" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
अगस्त 2026 में रूस का गेहूं निर्यात केवल 3.0 3.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.5 मिलियन टन से काफी कम है और 2016/17 सीजन के बाद किसी भी अगस्त का सबसे कम आंकड़ा होगा। जुलाई 2026 में रूस का कुल अनाज निर्यात (गेहूं, जौ, मक्का) साल दर साल 37.6% गिरकर 2.03 मिलियन टन रह गया, जो पिछले नौ वर्षों में जुलाई का सबसे कमजोर प्रदर्शन है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने केर्च जलडमरूमध्य पर स्थित तमन ग्रेन टर्मिनल जैसे प्रमुख रूसी निर्यात बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे काला सागर के जरिए लगभग 40% निर्यात प्रभावित हुआ है।
काला सागर और आज़ोव सागर शिपिंग में व्यवधान: संकट का मूल कारण
निर्यात पतन का प्रमुख कारण काला सागर और आज़ोव सागर में वाणिज्यिक शिपिंग और बंदरगाह बुनियादी ढांचे पर सैन्य हमलों में वृद्धि है । इन हमलों ने इस क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण व्यापार अड़चन में बदल दिया है। प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं:
तमन टर्मिनल पर हमला: 29-30 जुलाई को यूक्रेनी ड्रोन ने केर्च जलडमरूमध्य (Kerch Strait) के रूसी हिस्से पर स्थित डेमेट्रा-होल्डिंग (Demetra-Holding) तमन अनाज टर्मिनल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया। इस गहरे पानी के टर्मिनल की वार्षिक लोडिंग क्षमता 5.5 मिलियन टन है । इसी हमले में पास में स्थित EFKO के वनस्पति तेल निर्यात डॉक को भी नष्ट कर दिया गया ।
आज़ोव सागर का बंद होना: यूक्रेनी हमलों के बाद रूस को आज़ोव सागर के माध्यम से यातायात निलंबित करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे यह जलमार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया ।
रूसी प्रतिक्रिया: रूस के परिवहन मंत्रालय ने 3 अगस्त को कहा कि वह "तनावपूर्ण स्थिति" के जवाब में आज़ोव-काला सागर बेसिन में जहाजों की सुरक्षा बढ़ा रहा है और वैकल्पिक कार्गो मार्ग विकसित कर रहा है ।
यूक्रेनी पक्ष की स्थिति भी उतनी ही विकट है। दो सप्ताह तक ओडेसा क्षेत्र के बंदरगाहों में कोई जहाज नहीं आया । उम्मीद है कि यूक्रेन के वैकल्पिक निर्यात मार्ग अगस्त के अंत तक पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाएंगे और सामान्य मात्रा का केवल लगभग आधा ही कवर कर पाएंगे ।
घरेलू बाजार का विरोधाभास: अतिरिक्त आपूर्ति और गिरती कीमतें
एक अजीब विरोधाभास सामने आया है। निर्यात नाकाबंदी के बावजूद, रूस ने बड़ी फसल काटी है—72 मिलियन टन से अधिक अनाज, जिसमें 60 मिलियन टन गेहूं शामिल है। बड़ी फसल और अवरुद्ध निर्यात मार्गों के कारण घरेलू बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति हो गई है। इससे रूसी किसानों के लिए कीमतें गिर रही हैं, जिससे वे घाटे पर बेचने को और भी अनिच्छुक हो रहे हैं और जहां मार्ग खुले हैं, वहां भी निर्यात गतिविधि और कम हो रही है ।
सरकार की प्रतिक्रिया: उच्च निर्यात कर और सब्सिडी पैकेज
घरेलू मूल्य दबाव के जवाब में, रूसी कृषि मंत्रालय ने एक प्रतीत होने वाला प्रतिकूल कदम उठाया है: निर्यात कर बढ़ाना। लगातार तीन हफ्तों (9 जुलाई - 4 अगस्त) तक गेहूं निर्यात शुल्क को शून्य पर रखने के बाद, मंत्रालय ने इसे फिर से लागू कर दिया । यह शुल्क 5-11 अगस्त के लिए 5.7 रूबल प्रति टन निर्धारित किया गया था । फिर, 12 अगस्त से प्रभावी, यह 50 गुना से अधिक बढ़कर 326.6 रूबल प्रति टन हो गया । बताया गया तर्क घरेलू मूल्य दबाव को प्रबंधित करना है, लेकिन यह पहले से ही संघर्ष कर रही निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को और कम कर देता है।
साथ ही, सरकार कृषि उत्पादों के रेल शिपमेंट को सब्सिडी देने के लिए 10 अरब रूबल ($122 मिलियन) का पैकेज तैयार कर रही है, जिससे निर्यात को संकटग्रस्त काला सागर बंदरगाहों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है ।
वैश्विक गेहूं मूल्य पर प्रभाव और खाद्य सुरक्षा चेतावनियां
इस संकट का वैश्विक स्तर पर तत्काल प्रभाव पड़ रहा है। रूसी निर्यात व्यवधान के पैमाने के स्पष्ट होने के साथ ही वैश्विक गेहूं की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं । सबसे गंभीर चेतावनी रूस के अपने अनाज निर्यातक संघ (Union of Grain Exporters) ने 31 जुलाई को दी थी। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमले निकट भविष्य में काले सागर से अनाज निर्यात को पूरी तरह से बंद कर सकते हैं, जिससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और दुनिया के कुछ सबसे गरीब देशों, विशेष रूप से अफ्रीका और मध्य पूर्व में, जो काले सागर के गेहूं पर बहुत अधिक निर्भर हैं, अकाल का खतरा पैदा हो सकता है ।
उद्योग पूर्वानुमान: घटी हुई फसल और निर्यात क्षमता
संकट और भी गहरा हो गया है क्योंकि फसल के पूर्वानुमानों को घटा दिया गया है। 24 जुलाई को, कृषि बाजार अध्ययन संस्थान (IKAR) ने 2026 के रूसी अनाज फसल पूर्वानुमान को घटाकर 139 मिलियन टन (142.5 मिलियन टन से) कर दिया, जिसमें से 90 मिलियन टन गेहूं है । यह कमी साइबेरिया और उरल्स में प्रतिकूल मौसम के कारण बताई गई । IKAR ने 2026/27 के लिए गेहूं निर्यात क्षमता को भी घटाकर 44.5 मिलियन टन कर दिया, जो पिछले अनुमानों से कम है । बाजार अब आगामी USDA WASDE रिपोर्ट पर बारीकी से नज़र रख रहा है, जिसमें इन महत्वपूर्ण आपूर्ति नुकसानों की औपचारिक स्वीकारोक्ति होने की उम्मीद है ।
insights.tridge.comRussia Raises Wheat Export Duty to 326.6 Rubles per Tonne Starting August 12 | Tridge Insights
काला सागर और आज़ोव सागर शिपिंग में व्यवधान: संकट का मूल कारण
निर्यात पतन का प्रमुख कारण काला सागर और आज़ोव सागर में वाणिज्यिक शिपिंग और बंदरगाह बुनियादी ढांचे पर सैन्य हमलों में वृद्धि है । इन हमलों ने इस क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण व्यापार अड़चन में बदल दिया है। प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं:
तमन टर्मिनल पर हमला: 29-30 जुलाई को यूक्रेनी ड्रोन ने केर्च जलडमरूमध्य (Kerch Strait) के रूसी हिस्से पर स्थित डेमेट्रा-होल्डिंग (Demetra-Holding) तमन अनाज टर्मिनल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया। इस गहरे पानी के टर्मिनल की वार्षिक लोडिंग क्षमता 5.5 मिलियन टन है । इसी हमले में पास में स्थित EFKO के वनस्पति तेल निर्यात डॉक को भी नष्ट कर दिया गया ।
आज़ोव सागर का बंद होना: यूक्रेनी हमलों के बाद रूस को आज़ोव सागर के माध्यम से यातायात निलंबित करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे यह जलमार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया ।
रूसी प्रतिक्रिया: रूस के परिवहन मंत्रालय ने 3 अगस्त को कहा कि वह "तनावपूर्ण स्थिति" के जवाब में आज़ोव-काला सागर बेसिन में जहाजों की सुरक्षा बढ़ा रहा है और वैकल्पिक कार्गो मार्ग विकसित कर रहा है ।
यूक्रेनी पक्ष की स्थिति भी उतनी ही विकट है। दो सप्ताह तक ओडेसा क्षेत्र के बंदरगाहों में कोई जहाज नहीं आया । उम्मीद है कि यूक्रेन के वैकल्पिक निर्यात मार्ग अगस्त के अंत तक पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाएंगे और सामान्य मात्रा का केवल लगभग आधा ही कवर कर पाएंगे ।
घरेलू बाजार का विरोधाभास: अतिरिक्त आपूर्ति और गिरती कीमतें
एक अजीब विरोधाभास सामने आया है। निर्यात नाकाबंदी के बावजूद, रूस ने बड़ी फसल काटी है—72 मिलियन टन से अधिक अनाज, जिसमें 60 मिलियन टन गेहूं शामिल है। बड़ी फसल और अवरुद्ध निर्यात मार्गों के कारण घरेलू बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति हो गई है। इससे रूसी किसानों के लिए कीमतें गिर रही हैं, जिससे वे घाटे पर बेचने को और भी अनिच्छुक हो रहे हैं और जहां मार्ग खुले हैं, वहां भी निर्यात गतिविधि और कम हो रही है ।
सरकार की प्रतिक्रिया: उच्च निर्यात कर और सब्सिडी पैकेज
घरेलू मूल्य दबाव के जवाब में, रूसी कृषि मंत्रालय ने एक प्रतीत होने वाला प्रतिकूल कदम उठाया है: निर्यात कर बढ़ाना। लगातार तीन हफ्तों (9 जुलाई - 4 अगस्त) तक गेहूं निर्यात शुल्क को शून्य पर रखने के बाद, मंत्रालय ने इसे फिर से लागू कर दिया । यह शुल्क 5-11 अगस्त के लिए 5.7 रूबल प्रति टन निर्धारित किया गया था । फिर, 12 अगस्त से प्रभावी, यह 50 गुना से अधिक बढ़कर 326.6 रूबल प्रति टन हो गया । बताया गया तर्क घरेलू मूल्य दबाव को प्रबंधित करना है, लेकिन यह पहले से ही संघर्ष कर रही निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को और कम कर देता है।
साथ ही, सरकार कृषि उत्पादों के रेल शिपमेंट को सब्सिडी देने के लिए 10 अरब रूबल ($122 मिलियन) का पैकेज तैयार कर रही है, जिससे निर्यात को संकटग्रस्त काला सागर बंदरगाहों से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है ।
वैश्विक गेहूं मूल्य पर प्रभाव और खाद्य सुरक्षा चेतावनियां
इस संकट का वैश्विक स्तर पर तत्काल प्रभाव पड़ रहा है। रूसी निर्यात व्यवधान के पैमाने के स्पष्ट होने के साथ ही वैश्विक गेहूं की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं । सबसे गंभीर चेतावनी रूस के अपने अनाज निर्यातक संघ (Union of Grain Exporters) ने 31 जुलाई को दी थी। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमले निकट भविष्य में काले सागर से अनाज निर्यात को पूरी तरह से बंद कर सकते हैं, जिससे वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और दुनिया के कुछ सबसे गरीब देशों, विशेष रूप से अफ्रीका और मध्य पूर्व में, जो काले सागर के गेहूं पर बहुत अधिक निर्भर हैं, अकाल का खतरा पैदा हो सकता है ।
उद्योग पूर्वानुमान: घटी हुई फसल और निर्यात क्षमता
संकट और भी गहरा हो गया है क्योंकि फसल के पूर्वानुमानों को घटा दिया गया है। 24 जुलाई को, कृषि बाजार अध्ययन संस्थान (IKAR) ने 2026 के रूसी अनाज फसल पूर्वानुमान को घटाकर 139 मिलियन टन (142.5 मिलियन टन से) कर दिया, जिसमें से 90 मिलियन टन गेहूं है । यह कमी साइबेरिया और उरल्स में प्रतिकूल मौसम के कारण बताई गई । IKAR ने 2026/27 के लिए गेहूं निर्यात क्षमता को भी घटाकर 44.5 मिलियन टन कर दिया, जो पिछले अनुमानों से कम है । बाजार अब आगामी USDA WASDE रिपोर्ट पर बारीकी से नज़र रख रहा है, जिसमें इन महत्वपूर्ण आपूर्ति नुकसानों की औपचारिक स्वीकारोक्ति होने की उम्मीद है ।
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