11 अगस्त 2026 को मंगलवार की आधी रात के तुरंत बाद, रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने कीव को निशाना बनाया। शक्तिशाली विस्फोटों ने शेवचेंकिव्स्की जिले में एक गोदाम में आग लगा दी । राजधानी में कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, जबकि हवाई चेतावनी ने मिसाइलों के आने की सूचना दी थी । मेयर विटाली क्लिट्सको ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया । इसी रात, ज़ापोरिज़िया शहर पर भी मिसाइलों और बमों से हमला हुआ, जिसमें कम से कम 5 लोग मारे गए और 20 घायल हुए । रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने कीव में "सैन्य परिवहन और रसद केंद्रों" और ज़ापोरिज़िया में एक स्टील प्लांट को निशाना बनाया । दोनों पक्ष नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करते हैं ।
रूस ने जून से अगस्त 2026 तक कीव पर अपने हवाई हमले को बेतहाशा बढ़ा दिया। अब यह रणनीति लगभग हर रात बैलिस्टिक मिसाइलों के बड़े समूहों (साल्वो) के साथ हमला करने की है, ताकि यूक्रेन की कमज़ोर होती वायु रक्षा को पूरी तरह से भेदा जा सके। बैलिस्टिक मिसाइलें बहुत तेज़ होती हैं, जिन्हें रोक पाना दूसरी मिसाइलों की तुलना में ज्यादा मुश्किल होता है और ये पैट्रियट के सीमित इंटरसेप्टर को तेज़ी से खत्म कर देती हैं । विशेषज्ञों का कहना है कि ज़मीनी लड़ाई में रुकावट के बाद रूस अब "हवाई युद्ध पर दांव लगा रहा है" ।
प्रमुख हमले:
यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता 2026 में तेज़ी से खत्म हो गई, जो इन हमलों के इतने विनाशकारी होने की वजह है:
इंटरसेप्टर की आपूर्ति ढह गई: राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने 5 अगस्त को कहा कि 2026 की पहली छमाही में सहयोगी देशों ने 2025 की तुलना में केवल एक तिहाई एयर डिफेंस मिसाइलें दीं । यह कमी सिर्फ गर्मियों तक सीमित नहीं थी ।
पैट्रियट इंटरसेप्टर खत्म: 1 अगस्त को ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी कि पैट्रियट इंटरसेप्टर का भंडार खत्म हो गया है। 27 आ रही बैलिस्टिक मिसाइलों में से केवल एक को रोका जा सका, "सिर्फ इसलिए क्योंकि पैट्रियट सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर नहीं बचे हैं" । 5 अगस्त तक, एक बड़े हमले के दौरान यूक्रेनी वायु सेना एक भी मिसाइल नहीं रोक पाई ।
बैलिस्टिक मिसाइलें सबसे कठिन लक्ष्य: पैट्रियट सिस्टम खासतौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए जरूरी है, जो बहुत तेज़ गति से और सीधा नीचे गिरती हैं। यूक्रेन के पास केवल पैट्रियट ही एकमात्र ऐसा सिस्टम है जो रूसी इस्कंदर-एम, एस-400 और जिरकोन मिसाइलों को रोक सकता है ।
उत्पादन क्षमता से मिलान नहीं: जुलाई के अंत में अमेरिकी निर्माताओं के साथ किए गए नए लाइसेंसिंग समझौते (PAC-3 MSE इंटरसेप्टर के लिए) के बावजूद, नए इंटरसेप्टर का उत्पादन शुरू होने में 24 से 30 महीने लगेंगे । नाटो ने "तत्काल" आपूर्ति का वादा किया है, लेकिन कमी अभी भी गंभीर है ।
राजनीतिक बाधाएं: ज़ेलेंस्की ने सुझाव दिया कि यह कमी महज आपूर्ति की नहीं, बल्कि "राजनीतिक मांगों" की वजह से भी हो सकती है । अमेरिकी आपातकालीन पैकेज में भी देरी हुई । अधिकारियों ने कहा है कि मध्य पूर्व में युद्ध ने भी पैट्रियट सिस्टम और इंटरसेप्टर को यूक्रेन से हटा दिया है ।
इस तरह एक दुष्चक्र बन गया है: रूस जानता है कि कीव के पास पर्याप्त इंटरसेप्टर नहीं हैं, इसलिए वह बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागता है। हर सफल हमला यूक्रेन की बची-खुची वायु रक्षा को और कमजोर करता है। यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि इंटरसेप्टर होते तो "कई जानें बचाई जा सकती थीं" ।