6 अप्रैल, 2026 को हुए युद्धविराम के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई थी, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकी । 8 जुलाई को हुए हमले के बाद ब्रेट क्रूड तेल (Brent Crude) लगभग 5.6% उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया । वहीं, अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 74.55 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया, जो जून की शुरुआत के बाद का सबसे बड़ा एक दिवसीय उछाल था ।
यह उछाल उस ऐतिहासिक उथल-पुथल का नवीनतम अध्याय था, जिसमें ब्रेट क्रूड अप्रैल की शुरुआत में 144.42 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था और फिर जुलाई की शुरुआत में गिरकर 69.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था । विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि 2026 में ब्रेट क्रूड तेल का औसत मूल्य 94 डॉलर प्रति बैरल रहेगा, जो 2025 के स्तर से लगभग 36% अधिक है ।
यूरोपीय शेयर बाजारों पर भी इस संकट की मार पड़ी। लंदन का FTSE 100 इंडेक्स 8 जुलाई को 1.7% तक लुढ़क गया । इससे पहले, युद्धविराम की खबर पर जर्मनी का DAX 5% और फ्रांस का CAC 4.7% चढ़ गया था, लेकिन तनाव बढ़ने पर ये सारे फायदे खत्म हो गए ।
एशियाई बाजार इस खबर के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील रहे। 8 जुलाई को सियोल का KOSPI इंडेक्स 5.35% टूट गया, जबकि चिप और कंज्यूमर स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखी गई । इसके विपरीत, जब अप्रैल और जून में युद्धविराम की उम्मीद जगी थी, तो जापान का निक्केई 225 5.5% और दक्षिण कोरिया का KOSPI 5.7% तक चढ़ गया था । अमेरिकी बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 600 अंक गिर गया ।
इस संकट के बीच, अमेरिकी श्रम बाजार से भी बुरी खबर आई। जुलाई 2026 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 23,000 नौकरियां खत्म हो गईं, जबकि अर्थशास्त्रियों को 83,000 नई नौकरियां जुड़ने की उम्मीद थी । मई और जून के आंकड़ों को भी संशोधित कर कुल मिलाकर 103,000 कम कर दिया गया । बेरोजगारी दर मामूली रूप से घटकर 4.1% हो गई, लेकिन इसका मुख्य कारण श्रम बल से लोगों का बाहर निकलना था, न कि रोजगार के बेहतर अवसर ।
इस कमजोर रिपोर्ट के बाद, फेडरल रिजर्व (Fed) के सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना काफी कम हो गई थी। मनी मार्केट्स ने सितंबर में दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लगभग 44% आंका, जो पहले इससे कहीं ज्यादा थी । इस खबर के बाद बॉन्ड मार्केट में तेजी आई और डॉलर की कीमत येन और यूरो के मुकाबले गिर गई ।
विश्व बैंक ने इस संकट को 'इतिहास का सबसे बड़ा तेल आपूर्ति व्यवधान' करार दिया । होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही लगभग 95% तक कम हो गई थी, जिससे वैश्विक कमोडिटी आपूर्ति ठप हो गई । अपनी जून 2026 की रिपोर्ट में, विश्व बैंक ने चेतावनी दी कि 2026 के लिए वैश्विक विकास दर 2.9% से घटकर 2.5% रह जाएगी, जो कोविड-19 महामारी के बाद का सबसे निचला स्तर होगा । इसका सबसे बुरा असर ऊर्जा पर निर्भर विकासशील देशों पर पड़ने की आशंका है ।