यह खोज Nature Neuroscience पत्रिका (जुलाई 2026) में प्रकाशित हुई है। प्रोफेसर ब्रूनो वेबर के नेतृत्व में टीम ने जीवित चूहों में टू-फोटॉन माइक्रोस्कोपी और जीन एक्सप्रेशन मैपिंग का इस्तेमाल करके कई हफ्तों तक इस प्रक्रिया को ट्रैक किया ।
इस खोज का क्या मतलब है?
नई दवाओं का रास्ता: टीम ने कई ऐसे जीन और सिग्नलिंग पाथवे की पहचान की है जो इस मरम्मत प्रक्रिया के दौरान अस्थायी रूप से सक्रिय होते हैं। अगर इन्हें दवाओं के जरिए बढ़ाया जा सके, तो मस्तिष्क को अपनी मरम्मत करने में मदद मिल सकती है।
बीमारियों का इलाज: यह खोज उन बीमारियों के लिए सीधा रास्ता दिखाती है जहां एस्ट्रोसाइट्स नष्ट हो जाते हैं, जैसे:
अन्य अध्ययनों से मजबूती: एक अलग लेकिन संबंधित Nature अध्ययन (2025/2026) में पाया गया कि चोट वाली जगह से दूर मौजूद 'लेजन-रिमोट एस्ट्रोसाइट्स (LRAs)' एक प्रोटीन CCN1 स्रावित करती हैं । यह प्रोटीन माइक्रोग्लिया नामक कोशिकाओं को रिप्रोग्राम करके माइलिन मलबे को साफ करने और रीढ़ की हड्डी की चोट के बाद न्यूरोलॉजिकल रिकवरी में मदद करता है । ये दोनों खोजें बताती हैं कि एस्ट्रोसाइट्स में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) की मरम्मत के लिए कई अनदेखी रणनीतियां हैं — दूर से संकेत भेजना और स्थानीय न्यूक्लियस ट्रांसलोकेशन।
आगे की राह:
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगर इस 'न्यूक्लियस ट्रांसलोकेशन' तंत्र को दवाओं के जरिए सक्रिय या बढ़ाया जा सके, तो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की चोटों, स्ट्रोक और ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है ।