जुलाई की इस तबाही की एक नहीं, बल्कि तीन प्रमुख वजहें थीं, जो एक साथ आकर 'परफेक्ट स्टॉर्म' बन गईं।
AI स्टॉक्स का रुख पलटना। AI और सेमीकंडक्टर शेयरों में तेज तेजी के बाद अचानक भारी गिरावट आई, जिसने अमेरिका और एशिया दोनों बाजारों में फंड्स की लॉन्ग पोजीशन्स को चपेट में ले लिया। iShares सेमीकंडक्टर ETF (SOXX) जुलाई में 21.2% टूट गया, जो वर्षों में इसका सबसे बुरा प्रदर्शन था । हेज फंड्स महीनों से टेक शेयरों में भारी निवेश किए हुए थे, और जब यह गिरावट शुरू हुई तो यह और भी तेज हो गई ।
भीड़भाड़ वाली ट्रेड्स और जबरन बिकवाली। गोल्डमैन सैक्स ने बताया कि हेज फंड्स ने पिछले दो महीनों में अमेरिकी टेक शेयरों को रिकॉर्ड गति से बेचा। इस दौरान टेक सेक्टर में उनकी हिस्सेदारी में लगभग 10% की कमी आई, जो एक दशक से भी अधिक समय में सबसे बड़ी निकासी थी । नुकसान बढ़ने पर मार्जिन कॉल्स (मार्जिन मांग) ने लीवरेज्ड (उधार लेकर निवेश करने वाले) फंड्स को बिना भेदभाव के अपनी पोजीशन्स बेचने पर मजबूर कर दिया।
मैक्रो इकॉनॉमिक दबाव। ईरान युद्ध जारी रहने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिससे बाजारों में एक और झटका लगा और निवेशकों का जोखिम उठाने का मूड और खराब हो गया ।
| फंड | जुलाई में नुकसान | विवरण |
|---|---|---|
| सिचुएशनल अवेयरनेस (लियोपोल्ड एशेनब्रेनर) | -67% | पोर्टफोलियो लगभग 45 अरब डॉलर से घटकर 10 अरब डॉलर रह गया; सिटाडेल को भारी छूट पर स्टॉक पोर्टफोलियो बेचना पड़ा |
| TMT-फोकस्ड हेज फंड्स (सामान्य) | -10.2% | जेपी मॉर्गन/पिवटल पाथ के आंकड़ों के अनुसार, सिचुएशनल अवेयरनेस को छोड़कर यह अब तक का सबसे बुरा महीना |
| मल्टीस्ट्रैटेजी फंड्स | -2.3% | इस श्रेणी के लिए इतिहास में चौथी सबसे बड़ी मासिक गिरावट |
| एशिया-फोकस्ड फंडामेंटल लॉन्ग-शॉर्ट | -18.6% (औसत) | गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, मासिक आधार पर रिकॉर्ड गिरावट की ओर |
| कोट्यू मैनेजमेंट | -8.3% | टेक-फोकस्ड फ्लैगशिप फंड के लिए एक साल में सबसे बुरा महीना |
| हेल वेद, E20 कैपिटल, वैलिएंस, WT एसेट मैनेजमेंट | दोहरे अंकों में | दोहरे अंकों में प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई |
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला शिकार लियोपोल्ड एशेनब्रेनर का सिचुएशनल अवेयरनेस फंड रहा। यह फंड महज एक महीने में लगभग 45 अरब डॉलर से सिमटकर लगभग 10 अरब डॉलर का रह गया । ऐतिहासिक बदलाव (मोमेंटम रिवर्सल) ने फंड के पोर्टफोलियो के दोनों पक्षों (AI पर लॉन्ग दांव और हेजेस) को नुकसान पहुंचाया, जिससे मार्जिन कॉल्स और मजबूरन बिकवाली शुरू हो गई । फंड ने अपने स्टॉक पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा केन ग्रिफिन की सिटाडेल को बेच दिया और अपनी अधिकांश सार्वजनिक इक्विटी पोजीशन्स खत्म कर दीं । एशेनब्रेनर ने निवेशकों को बताया कि फंड "स्थायी पूंजी हानि के उस स्तर के बहुत करीब पहुंच गया था, जो स्वीकार्य नहीं है" ।
यह नुकसान सिर्फ कुछ फंड्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे बाजार पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा।
टेक शेयरों की रिकॉर्ड बिक्री। गोल्डमैन सैक्स के प्राइम ब्रोकरेज डेस्क ने बताया कि क्रैश से पहले के आठ हफ्तों में से छह हफ्तों में हेज फंड्स अमेरिकी टेक शेयरों के शुद्ध विक्रेता (नेट सेलर) थे, और जुलाई में यह बिकवाली और तेज हो गई ।
बाजार की संरचना में बदलाव। जेपी मॉर्गन के रणनीतिकारों ने चेतावनी दी कि हेज फंड्स को 'स्ट्रक्चरल' नुकसान हुआ है और वे स्थायी रूप से टेक में अपना निवेश कम कर सकते हैं। इससे टेक्नोलॉजी शेयरों का कारोबार खुदरा निवेशकों पर और अधिक निर्भर हो जाएगा और भविष्य में यह और अस्थिर (वोलाटाइल) हो सकता है ।
एशिया इक्विटी हेज फंड्स पर सबसे ज्यादा मार। गोल्डमैन सैक्स के प्राइम ब्रोकर्स ने कहा कि जुलाई क्षेत्रीय स्टॉक पिकर्स के लिए रिकॉर्ड पर सबसे खराब महीना था, जिसमें एशिया-फोकस्ड लॉन्ग-शॉर्ट फंड औसतन 18.6% नीचे आ गए ।
ग्लोबल हेज फंड्स के साल भर के मुनाफे पर ग्रहण। वैश्विक हेज फंड्स ने जुलाई में टेक ट्रेड्स के खत्म होने (अनवाइंडिंग) के कारण अपने 2026 के लगभग 3% मुनाफे को गंवा दिया, हालांकि वे साल दर साल (Year-to-Date) सभी रणनीतियों में लगभग 8% ऊपर बने हुए हैं । हालांकि, सिर्फ टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले फंड्स को इससे कहीं अधिक गहरा नुकसान उठाना पड़ा।