मुख्य पात्र: मैग्नेटार 1E 1547.0−5408
यह चमत्कारी घटना सामान्य परिस्थितियों में नहीं हो सकती। इसके लिए चाहिए होता है एक अत्यंत शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र, जैसा कि एक मैग्नेटार में पाया जाता है। यहाँ तारा था: हमारी ही आकाशगंगा, मिल्की वे में स्थित 1E 1547.0−5408 ।
किसने देखा? (Telescopes)
इस ऐतिहासिक अध्ययन में तीन शक्तिशाली टेलिस्कोपों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय किया :
परिणाम (Results)
'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्षों के अनुसार :
सीमाएँ और भविष्य
हालाँकि यह अब तक का सबसे मजबूत सबूत है, फिर भी वैज्ञानिक इसे 'पूर्ण प्रमाण' नहीं मान रहे हैं । वे चेतावनी देते हैं कि वैकल्पिक मॉडल भी हो सकते हैं जो इस व्यवहार को समझा सकते हैं । अगले चरण में अन्य मैग्नेटारों का भी इसी तरह अध्ययन किया जाएगा ताकि इस प्रभाव की पुष्टि की जा सके और क्वांटम इलेक्ट्रोडायनामिक्स के और भी विदेशी प्रभावों की खोज की जा सके ।