होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से दुनिया के 20% तेल और एलएनजी (तैयार उत्पादों सहित लगभग 15 मिलियन बैरल प्रतिदिन) का आवागमन ठप हो गया । अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, खाड़ी देशों का उत्पादन युद्ध-पूर्व स्तर से 14.4 मिलियन बैरल प्रति दिन कम हो गया ।
यूरोप जेट ईंधन के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यूरोप का लगभग आधा जेट ईंधन आयात होर्मुज के रास्ते आता था। एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI Europe) ने चेतावनी दी कि अगर जलडमरूमध्य बंद रहा, तो यूरोपीय हवाई अड्डों को तीन सप्ताह के भीतर 'सिस्टमैटिक कमी' (व्यवस्थित कमी) का सामना करना पड़ सकता है ।
कीमतों का सफर:
यूनाइटेड एयरलाइंस: सीईओ स्कॉट किर्बी ने 2026 के लिए नियोजित क्षमता में 5% की कटौती की घोषणा की और आशंका जताई कि तेल $175 प्रति बैरल तक जा सकता है। उनके अनुसार, इससे यूनाइटेड की ईंधन लागत एक साल में $11 बिलियन तक बढ़ सकती है ।
साउथवेस्ट एयरलाइंस: साउथवेस्ट ने 2025 में ईंधन हेजिंग (hedging) बंद कर दी थी, जिससे वह स्पॉट कीमतों के पूरे जोखिम के संपर्क में आ गई। संकट की शुरुआत में अमेरिकी उद्योग में 20,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, और साउथवेस्ट सबसे ज्यादा प्रभावित एयरलाइंस में से एक रही ।
रयानएयर: सीईओ माइकल ओ'लेरी ने बाद की बुकिंग पर किराए में उल्लेखनीय वृद्धि की चेतावनी दी । हालांकि, एयरलाइन ने 2026 की गर्मियों के लिए वास्तविक ईंधन की कमी को लेकर 'लगभग शून्य चिंता' व्यक्त की, क्योंकि उसके पास यूरोपीय परिचालन आधार और विविध ईंधन स्रोत हैं। लेकिन उसने चेतावनी दी कि साल के अंत में छुट्टियां मनाने वालों को काफी अधिक कीमतों का सामना करना पड़ सकता है ।
व्यापक उद्योग प्रभाव:
यह एक सतही अपेक्षा के विपरीत लग सकता है, लेकिन खाड़ी एयरलाइंस के पास अपने ऑर्डर बुक को बनाए रखने के ठोस कारण हैं:
दीर्घकालिक विकास में विश्वास: एमिरेट्स के अध्यक्ष टिम क्लार्क ने कहा कि एयरलाइन की ऑर्डर टालने की कोई योजना नहीं है, और वे इस संघर्ष को दशकों की विकास यात्रा में एक अस्थायी व्यवधान मानते हैं । बोइंग के मध्य पूर्व के उपाध्यक्ष ने पुष्टि की कि खाड़ी एयरलाइंस डिलीवरी स्थगित करने पर विचार नहीं कर रही हैं, क्योंकि उनका दीर्घकालिक दृष्टिकोण मजबूत है ।
स्थगन आत्मघाती होगा: IATA के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अब ऑर्डर टालने से लंबे समय में भारी लागत आएगी - डिलीवरी स्लॉट दुर्लभ हैं, और एयरलाइंस उत्पादन कतार में अपनी जगह खो देंगी, जिससे उन्हें बाद में कम उपलब्धता के लिए अधिक भुगतान करना होगा ।
सरकारी वित्तीय सहायता: एमिरेट्स और अन्य खाड़ी एयरलाइंस सरकारी स्वामित्व वाली हैं और नकदी संकट से जूझ रही कम लागत वाली एयरलाइंस की तुलना में अल्पकालिक ईंधन लागत में उतार-चढ़ाव को बेहतर ढंग से झेल सकती हैं। टिम क्लार्क ने कहा कि कमजोर एयरलाइंस ढह सकती हैं, लेकिन एमिरेट्स क्षमता बनाए रख रही है और यात्रियों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन भी दे रही है ।
रणनीतिक अनिवार्यता: मध्य पूर्व की एयरलाइंस संकट को कमजोर प्रतिस्पर्धियों से बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के अवसर के रूप में देख रही हैं। वे 'युद्ध के सबसे कठिन परिचालन वातावरण में भी विस्तार पर दांव लगा रही हैं' ।
गौरतलब है कि जहां एमिरेट्स युद्ध के कारण ऑर्डर स्थगित नहीं कर रही है, वहीं वह पहले 10-11 बोइंग 777-9 विमानों की डिलीवरी लेने से इनकार कर रही है - लेकिन यह ईरान संघर्ष के कारण नहीं, बल्कि बोइंग के बहु-वर्षीय उत्पादन में देरी के कारण है । यह ऑर्डर बनाए रखने के रणनीतिक निर्णय से एक अलग मुद्दा है।