जॉब्स रिपोर्ट के बाद बाजारों ने फेडरल रिजर्व (Fed) से ब्याज दर बढ़ने की उम्मीदों को नाटकीय रूप से बदल दिया। सीएमई के फेडवॉच टूल (CME FedWatch) के अनुसार, सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 50 फीसदी के आसपास से गिरकर लगभग 42% रह गई । प्रिडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म कलशी (Kalshi) पर ट्रेडर्स ने सितंबर में फेड द्वारा दरों को स्थिर रखने की 65% संभावना देखी, जबकि फेडवॉच ने इन संभावनाओं को 60% रखा । विश्लेषकों ने इस रिपोर्ट को दरों की राह के लिए एक संभावित "गेम चेंजर" बताया, हालांकि कुछ ने कहा कि ब्याज दर बढ़ना पूरी तरह से टल नहीं गया है और आने वाला मुद्रास्फीति डेटा अभी भी महत्वपूर्ण बना हुआ है ।
सोमवार, 10 अगस्त को ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार में गिरावट आई। S&P/ASX 200 सूचकांक 0.5% घटकर 9,220.30 अंक पर बंद हुआ, जिसका मुख्य कारण वित्तीय कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी । वेस्टपैक (Westpac) इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण रहा। ऑस्ट्रेलिया के संघीय बजट में बदलावों (निवेशकों के लिए टैक्स छूट हटाने सहित) के बाद बैंक ने बताया कि उसके मॉर्गेज आवेदनों में 20% की गिरावट आई है, और उसने अनुमान लगाया कि अगले साल निवेशकों के लिए हाउसिंग क्रेडिट ग्रोथ लगभग आधी रह जाएगी । मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई रिज़र्व बैंक (RBA) की नीतिगत घोषणा से पहले ही यह गिरावट आई ।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम के कारण पिछले सप्ताह तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। 6 अगस्त को ब्रेंट क्रूड 3.04 डॉलर (3.8%) उछलकर 82.49 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जब ईरानी संसदीय समिति ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर प्रतिबंध लगाने वाले एक बिल की समीक्षा की । 7 अगस्त को ब्रेंट 83.55 डॉलर (+1.3%) पर बंद हुआ, क्योंकि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी रही । सोमवार, 10 अगस्त को ब्रेंट फिर से 1% से अधिक चढ़ गया, क्योंकि ईरान की नवीनतम मांगों ने इसे फिर से खोलने की उम्मीदों को कम कर दिया । अमेरिका ने भी इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लगा दी है ।
अमेरिकी जॉब्स डेटा के कमजोर रहने से अमेरिकी डॉलर पर व्यापक दबाव बना। यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात सप्ताह के उच्च स्तर के करीब कारोबार कर रहा था, क्योंकि बाजारों ने फेड द्वारा दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं को कम कर दिया। सोना (Gold) रिकॉर्ड स्तर के करीब बना रहा, क्योंकि कमजोर श्रम बाजार के आंकड़ों ने सुरक्षित निवेश (सेव हेवन) की मांग को बढ़ा दिया और इस गैर-लाभकारी धातु को धारण करने की अवसर लागत (opportunity cost) को कम कर दिया।
कमजोर जॉब्स डेटा के बावजूद, अमेरिकी शेयर बाजारों ने मजबूती दिखाई, जिसे आम तौर पर ठोस कॉरपोरेट आय सीज़न का समर्थन मिला। रिपोर्टों में बताया गया कि S&P 500 ने नए रिकॉर्ड बनाए, भले ही सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावनाएं खत्म हो गईं। इससे पता चलता है कि निवेशक कमजोर डेटा को मंदी के जोखिम के बजाय दरों के चरम पर पहुंचने के संकेत (peak-rates narrative) के रूप में ले रहे थे । प्रमुख क्षेत्रों से मजबूत आय ने जोखिम उठाने की क्षमता (risk appetite) को बनाए रखने में मदद की।