यहाँ कुछ मुख्य आंकड़ों से पता चलता है कि यह मंदी कितनी गहरी है और डेरिवेटिव एक्सचेंजों पर क्या दबाव है:
| मेट्रिक | मूल्य | परिवर्तन / संदर्भ |
|---|---|---|
| CEX परपेचुअल फ्यूचर्स वॉल्यूम | $4.0 ट्रिलियन (जुलाई) | 31 महीने का निचला स्तर; दिसंबर 2023 के बाद पहली बार |
| DEX परपेचुअल फ्यूचर्स वॉल्यूम | $531 बिलियन (जुलाई) | जून के $676 बिलियन से लगभग 21% नीचे; जून 2025 के बाद सबसे कम |
| वैश्विक औसत दैनिक स्पॉट वॉल्यूम | $17.8B से $13.6B (1-31 जुलाई) | एक महीने में -23.6% की गिरावट |
| बिटकॉइन स्पॉट कीमत | लगभग $62,500–$65,740 (जुलाई 2026) | अक्टूबर 2025 के $126,000 के ATH से लगभग 50% नीचे |
| CME बिटकॉइन फ्यूचर्स | लगभग $65,080–$65,210 (जुलाई–अगस्त) | CME ओपन इंटरेस्ट 2024 की शुरुआत के स्पॉट ETF लॉन्च के बाद सबसे कम; बेसिस 2% से नीचे |
| कॉइनबेस Q2 2026 का नुकसान | $359.5 मिलियन (GAAP); Q4 2025 का नुकसान $666.7M था | लगातार तीसरी तिमाही का नुकसान; राजस्व में सालाना आधार पर 19% की गिरावट |
| वार्षिक परपेचुअल वॉल्यूम (रन-रेट) | लगभग $48 ट्रिलियन (2026) | 2025 के $61.7 ट्रिलियन से नीचे [मासिक डेटा से अनुमानित] |
| शीर्ष 11 CEX perp का औसत मासिक वॉल्यूम | $4.69 ट्रिलियन (H1 2026) | 2025 के $7.11 ट्रिलियन औसत से 34% कम |
स्पॉट और डेरिवेटिव दोनों में वॉल्यूम एक साथ गिरे हैं। जुलाई में दैनिक स्पॉट ट्रेडिंग में 23.6% की गिरावट आई , और अक्टूबर 2025 के शिखर के बाद लगातार पांचवें महीने DEX परपेचुअल वॉल्यूम में गिरावट जारी रही । यह पूरे बाजार में मंदी का संकेत है, न कि सिर्फ एक एसेट क्लास से दूसरे में पैसे का रुख करना।
CME बिटकॉइन फ्यूचर्स का बेसिस 2% से नीचे आ गया है और ओपन इंटरेस्ट 2024 की शुरुआत में स्पॉट ETF लॉन्च के बाद सबसे निचले स्तर पर है । बिटकॉइन जुलाई में $62,500–$65,700 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो अपने ऑल-टाइम हाई से लगभग 50% नीचे है । CME की अपनी Q2 2026 रिपोर्ट के अनुसार, BTC फ्यूचर्स Q1 के अंत के $68,200 से घटकर जून के अंत तक लगभग $60,150 पर आ गए ।
कॉइनबेस ने लगातार तीन तिमाहियों में नुकसान दर्ज किया है - Q4 2025 में $666.7 मिलियन, Q1 2026 में $394.1 मिलियन, और Q2 2026 में $359.5 मिलियन । यह वैश्विक स्पॉट ट्रेडिंग में 10.3% की रिकॉर्ड हिस्सेदारी के बावजूद है । राजस्व 19% घटकर $1.22 बिलियन रह गया । मुख्य समस्या यह है कि ट्रेडिंग फीस ही कमाई का मुख्य ज़रिया है, और घटते वॉल्यूम में बाजार का नेता भी प्रभावित हो रहा है।
DEX-to-CEX फ्यूचर्स अनुपात जुलाई में गिरकर 11.49% पर आ गया, जो दर्शाता है कि तरलता विकेंद्रीकृत विकल्पों के बजाय केंद्रीकृत एक्सचेंजों पर वापस आ रही है । DEX परपेचुअल वॉल्यूम $531 बिलियन, जो जून 2025 के बाद सबसे कम है ।
2026 में वार्षिक परपेचुअल वॉल्यूम लगभग $48 ट्रिलियन होने का अनुमान है, जो 2025 के $61.7 ट्रिलियन से काफी कम है। H1 2026 में, शीर्ष 11 CEX perp एक्सचेंजों का औसत मासिक वॉल्यूम सिर्फ $4.69 ट्रिलियन था, जो 2025 के $7.11 ट्रिलियन औसत से 34% कम है । अप्रैल-जून में फ्यूचर्स वॉल्यूम में आई कमज़ोर रिकवरी भी जुलाई में खत्म हो गई ।
रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग का मानना है कि यह दबाव अमेरिकी ब्याज दरों, भू-राजनीतिक तनावों और क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स से लगातार पैसे निकलने के कारण निवेशकों के जोखिम से बचने के रुझान के कारण है । यह एक मैक्रो-चालित तरलता संकट है, न कि किसी एक एक्सचेंज की विफलता या नियामकीय घटना।
डेटा एक ऐसे बियर मार्केट की तस्वीर पेश करता है जो शुरुआती मूल्य सुधार से बढ़कर मांग में स्थायी कमी में बदल गया है। गिरते वॉल्यूम से एक्सचेंजों की कमाई घट रही है, जिससे मार्केट मेकिंग और तरलता प्रावधान हतोत्साहित हो रहे हैं - एक नकारात्मक सर्पिल जिसका फिलहाल कोई तल नहीं दिख रहा है।
ध्यान दें: $666.7 मिलियन का आंकड़ा कॉइनबेस के Q4 2025 के नुकसान को दर्शाता है; Q2 2026 का नुकसान $359.5 मिलियन था ।