बेथलेहम क्षेत्र (खलायल अल-लोज़ / अबू नजीम)
बेथलेहम के पास बसने वालों ने फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट (Palestine Red Crescent) की एक एम्बुलेंस पर हमला कर दिया। उन्होंने दो पैरामेडिक्स पर पेपर स्प्रे किया और एम्बुलेंस पर पत्थर फेंके, जिससे दोनों चिकित्सक घायल हो गए । एक अलग घटना में, बेथलेहम के दक्षिण-पूर्व में अबू नजीम गाँव में बसने वालों ने गोलियाँ चलाकर एक फ़िलिस्तीनी निवासी को घायल कर दिया ।
नब्लस क्षेत्र (बेइत फ़ूरिक)
नब्लस के पूर्व में बेइत फ़ूरिक शहर में इज़राइली सेना और बसने वालों ने छापा मारा। सेना ने एक फ़िलिस्तीनी व्यक्ति को पीटा और फिर उसे हिरासत में ले लिया । फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट ने उस व्यक्ति का उपचार किया, जो पिटाई के कारण घायल हो गया था, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया ।
कालंदिया शरणार्थी शिविर (रामल्लाह क्षेत्र)
इज़राइली सेना ने कालंदिया शरणार्थी शिविर में बड़े पैमाने पर सैन्य छापा मारा। फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट ने बताया कि गुरुवार से शुरू हुए इस छापे में 48-51 फ़िलिस्तीनी घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, सेना ने घरों को ध्वस्त किया और 316 डुनम (लगभग 78 एकड़) फ़िलिस्तीनी ज़मीन से जैतून के पेड़ उखाड़ दिए ।
गाजा युद्ध (7 अक्टूबर 2023) की शुरुआत के बाद से वेस्ट बैंक में हिंसा नाटकीय रूप से बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार स्रोतों द्वारा दर्ज किए गए प्रमुख रुझान इस प्रकार हैं:
जुलाई 2026 के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए एक वरिष्ठ UN अधिकारी ने स्थिति को "तेज़ी से बिगड़ती हुई" बताया । OHCHR, एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच, इंटरनेशनल फेडरेशन फॉर ह्यूमन राइट्स (FIDH) और इज़राइली मानवाधिकार समूह B'Tselem सभी ने तत्काल चेतावनी जारी की है। एमनेस्टी ने इस हिंसा को "जातीय सफाया" (ethnic cleansing) अभियान का हिस्सा बताया है । UN विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फ़िलिस्तीनी समुदायों के लिए भूमि पर अपनी उपस्थिति बनाए रखना "अस्तित्वगत जोखिम" बन गया है ।