इस सैन्य लामबंदी के साथ-साथ, ज़ेलेंस्की ने यह भी भविष्यवाणी की कि रूस निम्नलिखित पर और जोर देगा:
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ये सेनाएँ सिर्फ यूक्रेन के मोर्चे के लिए नहीं, बल्कि पड़ोसी यूरोपीय देशों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का एक उपकरण भी होंगी। ज़ेलेंस्की ने पुतिन के निहित संदेश का हवाला देते हुए कहा, "यह दिखाने के लिए कि मैं इस पतझड़ में पाँच लाख लोगों को जुटा रहा हूँ। और यह ज़रूरी नहीं कि मैं उन सभी पाँच लाख को केवल यूक्रेन में ही इस्तेमाल करूँ।"
ज़ेलेंस्की ने इसके दो मुख्य कारण बताए:
ज़ेलेंस्की ने यह भी खुलासा किया कि उत्तर कोरिया ने 30,000 से 50,000 सैनिकों को रूस भेजने का फैसला किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ये सैनिक आधुनिक युद्ध का अनुभव हासिल कर रहे हैं, जो एशिया के दूसरे देशों के लिए खतरा बन सकता है
इस बढ़ते खतरे की पृष्ठभूमि 4-5 अगस्त 2026 को कीव पर हुए भीषण रूसी मिसाइल हमले से साफ होती है। रूस ने दो दर्जन से अधिक बैलिस्टिक और जहाज-रोधी मिसाइलें दागीं, जिसमें राजधानी और आसपास के इलाकों में कम से कम 17 लोग मारे गए। यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली एक भी बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट नहीं कर सकी, क्योंकि उसके पास इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार बहुत कम हो गया है । यह कीव पर इस साल के सबसे घातक हमलों में से एक था ।