2. सीनेट प्रस्ताव और रक्षा संधि की पुष्टि (अक्टूबर 2025)
अमेरिकी सीनेट ने एस.रेस.409 प्रस्ताव पेश किया, जिसमें अमेरिका-फिलीपींस पारस्परिक रक्षा संधि (एमडीटी) की 74वीं वर्षगांठ को मान्यता दी गई और दक्षिण चीन सागर में 'चीन की बढ़ती आक्रामकता' को रेखांकित किया गया । 13 अक्टूबर 2025 को विदेश विभाग ने अलग से एक बयान जारी कर चीन के उस हमले की निंदा की, जिसमें चीनी तटरक्षक जहाजों ने फिलीपींस के मत्स्य संसाधन ब्यूरो के जहाज को टक्कर मारी और पानी के तोप से निशाना बनाया। इस बयान में स्पष्ट किया गया कि एमडीटी का अनुच्छेद IV दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस के सार्वजनिक जहाजों और विमानों पर सशस्त्र हमलों पर लागू होता है ।
3. संयुक्त सैन्य गश्त और अभ्यास (जनवरी–जून 2026)
4. द्विपक्षीय रणनीतिक वार्ता में पुष्टि (फरवरी 2026)
अमेरिका-फिलीपींस द्विपक्षीय रणनीतिक वार्ता के संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने दोहराया कि एमडीटी प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण चीन सागर में दोनों देशों की सेनाओं, विमानों और सार्वजनिक जहाजों पर सशस्त्र हमलों को कवर करता है ।
5. कड़ी निंदा — 'संदिग्ध बहाने' (8 अगस्त 2026)
जब रिपोर्टें आईं कि चीन प्रकृति आरक्षित क्षेत्र के तहत मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लागू कर रहा है और फिलीपीन मछुआरा जहाजों के साथ हिंसक झड़पें हुई हैं, तो अमेरिकी विदेश विभाग ने और कड़ा बयान जारी किया। इसमें चीन पर क्षेत्रीय दावों को आगे बढ़ाने के लिए 'संदिग्ध' पर्यावरणीय बहानों का उपयोग करने का आरोप लगाया गया । अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड (इंडोपैकॉम) ने एक सामरिक सहायता दस्तावेज प्रकाशित किया जिसमें कहा गया कि अमेरिका "स्कारबोरो रीफ पर चीन के अस्थिर करने वाले 'प्रकृति आरक्षित क्षेत्र' की घोषणा को पूरी तरह खारिज करता है" ।
2016 में स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (पीसीए) ने संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के तहत जो फैसला सुनाया, वह इस पूरे विवाद की कानूनी नींव है। न्यायाधिकरण ने पाया कि:
चीन न्यायाधिकरण के अधिकार क्षेत्र को खारिज करता है और इस फैसले का पालन नहीं करता है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कानूनी रूप से बाध्यकारी मानता है । प्रकृति आरक्षित क्षेत्र की घोषणा सीधे इस फैसले का उल्लंघन है।
1951 की अमेरिका-फिलीपींस पारस्परिक रक्षा संधि दोनों पक्षों को प्रशांत क्षेत्र में सशस्त्र हमलों का जवाब देने के लिए बाध्य करती है । अमेरिका ने धीरे-धीरे इस संधि की व्याख्या का विस्तार करते हुए इसे दक्षिण चीन सागर में फिलीपीन सेनाओं, सार्वजनिक जहाजों और विमानों पर हमलों तक बढ़ा दिया है । हालांकि, फिलीपींस ने खुद अब तक किसी विशिष्ट टकराव के बाद एमडीटी को लागू नहीं किया है , जो मनीला के गठबंधन एकजुटता और सीधे टकराव के बीच सावधानीपूर्ण संतुलन को दर्शाता है।
अमेरिकी कार्रवाइयां इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एकतरफा समुद्री दबाव को रोकने, नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने और नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं ।
स्कारबोरो शोल फिलीपींस के मुख्य लुज़ोन द्वीप से लगभग 120 समुद्री मील पश्चिम और चीन की मुख्य भूमि से लगभग 200 समुद्री मील दूर स्थित है। पूरे दक्षिण चीन सागर से हर साल 3.4 ट्रिलियन डॉलर का जहाजी व्यापार होता है, जिसमें दुनिया के कुल कच्चे तेल के समुद्री शिपमेंट का लगभग एक-तिहाई और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के आधे से अधिक व्यापार शामिल है। इन जलों में नेविगेशन की स्वतंत्रता अमेरिका के लिए एक मुख्य हित है। चीन का प्रकृति आरक्षित क्षेत्र, यदि सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो अन्य विवादित विशेषताओं पर पर्यावरण कानून के माध्यम से क्षेत्रीय नियंत्रण को वैध बनाने का एक मिसाल कायम करेगा।