Liberty Media की Q2 2026 रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
पहले छह महीनों की तस्वीर भी कमजोर रही। H1 2026 में F1 का राजस्व 1.381 बिलियन डॉलर रहा, जो साल-दर-साल 15% कम है। इस अवधि में 2025 की 11 रेसों के मुकाबले 2026 में आठ रेस आयोजित हुईं । F1 की टीमों को भी 2025 की समान अवधि की तुलना में सामूहिक रूप से 127 मिलियन डॉलर कम मिले ।
F1 प्रबंधन और विश्लेषकों ने इस गिरावट को अक्सर “calendar quirk”, यानी कैलेंडर से जुड़ी असामान्य स्थिति, बताया है ।
F1 पूरे सीजन के राजस्व और लागत को कैलेंडर के अनुपात में पहचानता है। Q2 2026 में लेखांकन के लिए 22 रेसों वाले सीजन का 5/22 हिस्सा लिया गया, जबकि Q2 2025 में 24 रेसों वाले कैलेंडर का 9/24 हिस्सा शामिल था ।
इसका मतलब है कि तिमाही में कम रेस होने से राजस्व का एक हिस्सा दूसरी छमाही में खिसक सकता है। इसलिए F1 को उम्मीद है कि H2 2026 के आंकड़े अधिक मजबूत होंगे। हालांकि, यह उम्मीद इस बात पर निर्भर करेगी कि आगे की रेसें तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित हो पाती हैं या नहीं।
बहरीन ग्रां प्री 12 अप्रैल और सऊदी अरब ग्रां प्री 19 अप्रैल को निर्धारित थीं। मध्य-पूर्व में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के बीच सुरक्षा चिंताओं के कारण दोनों रेस मार्च 2026 में रद्द कर दी गईं ।
इस फैसले की घोषणा चीनी ग्रां प्री वीकेंड के दौरान हुई। इसके बाद जापानी ग्रां प्री, जो 29 मार्च को हुई, और मियामी ग्रां प्री, जो 3 मई को निर्धारित थी, के बीच 35 दिनों का वसंत अवकाश बन गया। उस समय F1 का समुद्री माल और उपकरण पहले ही भेजे जाने की प्रक्रिया में थे ।
दोनों वीकेंड पर होने वाली Formula 2, Formula 3 और F1 Academy की सपोर्ट रेसें भी इस फैसले से प्रभावित हुईं ।
स्थगित बहरीन ग्रां प्री को 4 अक्टूबर को मलेशिया के सेपांग इंटरनेशनल सर्किट में आयोजित करने के लिए कैलेंडर में जोड़ा गया है। मलेशिया में 2017 के बाद पहली बार F1 रेस होगी ।
रेस का नाम फिर भी “बहरीन ग्रां प्री” ही रहेगा, क्योंकि बहरीन इस आयोजन को आर्थिक सहयोग दे रहा है। रेस को पूरी तरह रद्द करने के बजाय दूसरे देश में कराने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि लागत का बड़ा हिस्सा बहरीन का रेस प्रमोटर वहन कर रहा है ।
जेद्दा में होने वाली सऊदी अरब ग्रां प्री के लिए कोई वैकल्पिक राउंड नहीं मिल पाया। इसलिए यह रेस 2026 में आयोजित नहीं होगी ।
F1 CEO Stefano Domenicali ने कहा है कि अगर कतर और अबू धाबी की सीजन-अंत रेसें भी संघर्ष के कारण नहीं हो पातीं, तो 2026 सीजन का समापन यूरोप में किया जाएगा। कतर ग्रां प्री 29 नवंबर और अबू धाबी ग्रां प्री 6 दिसंबर को निर्धारित हैं ।
F1 ने किसी भी संभावित बदलाव पर फैसला लेने के लिए सितंबर 2026 के मध्य की समयसीमा रखी है। जरूरत पड़ने पर इन रेसों की जगह यूरोप में दो अतिरिक्त राउंड आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है ।
बहरीन, सऊदी अरब, कतर और अबू धाबी अब F1 के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इन आयोजनों से F1 को रेस-होस्टिंग फीस, कॉरपोरेट हॉस्पिटैलिटी और टेलीविजन दर्शकों से आमदनी होती है।
इसलिए बहरीन और सऊदी अरब की लगातार दो अप्रैल रेसों का नुकसान केवल दो मुकाबलों का हटना नहीं था। इससे टीमों, उपकरणों और पूरे पैडॉक की लॉजिस्टिक्स भी प्रभावित हुईं। रद्दीकरण के समय समुद्री माल पहले ही रास्ते में था, जिससे संचालन संबंधी जटिलताएं और बढ़ गईं ।
सितंबर के मध्य की समयसीमा अब F1 कैलेंडर के लिए अगला बड़ा पड़ाव है। अगर संघर्ष जारी रहता है और कतर या अबू धाबी में रेस कराना संभव नहीं होता, तो F1 यूरोपीय बैकअप योजना सक्रिय कर सकता है।
ऐसी स्थिति में सीजन का कुल आकार घटकर 20 या 21 रेस तक आ सकता है, हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल वित्तीय नतीजों को पढ़ने का सबसे सही तरीका यही है कि Q2 की तेज गिरावट को रेसों की संख्या और उनके कैलेंडर में दर्ज होने के समय के संदर्भ में देखा जाए—न कि इसे F1 के पूरे बिजनेस मॉडल की स्थायी कमजोरी माना जाए।