8 अगस्त को भी दुनिया के कई बाजारों में तेजी बनी रही। दक्षिण अफ्रीका का SAALL इंडेक्स 1.92%, सिंगापुर का STI 1.05%, शंघाई कंपोजिट 1.02%, जर्मनी का DAX 0.69%, कनाडा का TSX 0.68% और अमेरिकी Nasdaq 100 1.19% चढ़ा। हालांकि, ब्राजील के Bovespa जैसे कुछ बाजारों में गिरावट रही ।
निवेशकों का भरोसा इस बात से भी दिखा कि वैश्विक इक्विटी फंडों में लगातार 11वें सप्ताह पैसा आया। 5 अगस्त को समाप्त सप्ताह में इन फंडों में शुद्ध 21.15 अरब डॉलर का निवेश हुआ ।
इस सप्ताह बाजार की सबसे बड़ी कहानी AI से जुड़ी कमाई और पूंजीगत खर्च रही। Palantir ने पूरे साल के राजस्व का अनुमान बढ़ाया, जबकि ON Semiconductor ने उम्मीद से बेहतर तिमाही राजस्व का पूर्वानुमान दिया। इससे निवेशकों को संकेत मिला कि AI डेटा सेंटर और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचे की मांग अभी मजबूत है। सेमीकंडक्टर शेयरों में इसके बाद तेज उछाल आया ।
Palantir के बेहतर AI आउटलुक और Caterpillar द्वारा डेटा सेंटर निर्माण से जुड़ी मांग के कारण राजस्व वृद्धि का अनुमान बढ़ाने से 4 अगस्त को S&P 500 एक दिन में 1.8% चढ़कर 7,737 के तत्कालीन रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ ।
पिछले हफ्तों की मेगा-कैप टेक कमाई ने भी बाजार की दिशा तय की। Microsoft और Amazon के शेयर नतीजों के बाद 15% से अधिक बढ़े, जबकि Meta और Apple में 7% से अधिक की गिरावट आई। इससे स्पष्ट हुआ कि निवेशक अब केवल AI की मांग नहीं, बल्कि उससे वास्तविक राजस्व और मुनाफा—यानी AI का निवेश पर रिटर्न—देख रहे हैं ।
S&P 500 की करीब 80% कंपनियां कमाई के अनुमान से बेहतर नतीजे दे चुकी हैं, जबकि सामान्य तौर पर यह अनुपात लगभग 73% रहता है । फिर भी AI क्षेत्र में पूरी तरह बेफिक्री नहीं है। Deutsche Bank ने AI ट्रेड के प्रति निवेशकों के रवैये में “तेज पुनर्मूल्यांकन” की बात कही। सेमीकंडक्टर और कोरियाई शेयरों को मासिक आधार पर भारी नुकसान हुआ, हालांकि साल-दर-साल उनका प्रदर्शन मजबूत बना रहा ।
अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, जुलाई में नॉनफार्म पेरोल रोजगार अप्रत्याशित रूप से 23,000 घट गया । यह अर्थशास्त्रियों के लगभग 83,000 से 97,500 नई नौकरियों के अनुमान के मुकाबले बड़ा नकारात्मक आश्चर्य था ।
बेरोजगारी दर 4.2% से घटकर 4.1% हो गई । हालांकि, पिछले महीनों के रोजगार आंकड़ों में भी भारी कटौती की गई—जून का आंकड़ा घटाकर केवल 20,000 और मई का 63,000 कर दिया गया ।
कमजोर रोजगार आंकड़ों ने यह संकेत दिया कि अमेरिकी श्रम बाजार में गति कम हो रही है। बाजार की नजर में इसका एक अहम असर यह रहा कि सितंबर बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घट गई ।
गर्मियों की शुरुआत में बाजार फेड की संभावित दर बढ़ोतरी को लेकर चिंतित था। लेकिन जुलाई की कमजोर जॉब्स रिपोर्ट के बाद निवेशकों ने यह दांव लगाना शुरू किया कि केंद्रीय बैंक साल के बाकी हिस्से में दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रख सकता है ।
दरें बढ़ने की आशंका कम होने से शेयरों को राहत मिली। शुक्रवार की तेजी में कमजोर रोजगार रिपोर्ट प्रमुख कारकों में रही, क्योंकि इससे कड़ी मौद्रिक नीति का जोखिम घटा । हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि फेड का अगला फैसला तय हो गया है—महंगाई, वेतन वृद्धि और आने वाले आर्थिक आंकड़े अभी भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
मध्य-पूर्व में तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी खबरें, शेयर, बॉन्ड और कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बनी रहीं। इसके बावजूद, ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद से सप्ताह के दौरान अमेरिकी तेल की कीमतों में नरमी आई ।
तेल की कीमतों में कमी से महंगाई के फिर बढ़ने की चिंता कुछ कम हुई और जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों की रुचि बढ़ी । हालांकि, होर्मुज क्षेत्र से जुड़ी कोई भी नकारात्मक खबर तेल आपूर्ति और बाजार भावना पर फिर दबाव डाल सकती है।
सोने ने भी सप्ताह में शानदार प्रदर्शन किया। 5 अगस्त को स्पॉट गोल्ड 3.99% बढ़कर 4,226.97 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया । गोल्ड फ्यूचर्स दो कारोबारी सत्रों में 5% से अधिक चढ़कर फिर 4,300 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया ।
6 अगस्त को सोना सात सप्ताह के उच्च स्तर 4,265 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने इस तेजी को सहारा दिया ।
यह उछाल सोने के लिए पिछले छह कठिन महीनों के बाद आया। Deutsche Bank ने सोने की तेजी को “विस्फोटक” बताया और कहा कि यह दौर अभी समाप्त नहीं हुआ है ।
अगस्त के पहले सप्ताह में बाजारों को एक साथ कई सकारात्मक संकेत मिले: AI और डेटा सेंटर निवेश से जुड़ी कमाई मजबूत रही, अधिकांश अमेरिकी कंपनियों ने अनुमान से बेहतर नतीजे दिए और कमजोर रोजगार रिपोर्ट ने फेड की दर बढ़ोतरी की आशंका घटाई। तेल की कीमतों में नरमी ने महंगाई का दबाव कम किया, जबकि कमजोर डॉलर और घटती बॉन्ड यील्ड ने सोने को मजबूती दी।
फिर भी बाजार का अगला रुख केवल AI उत्साह पर निर्भर नहीं करेगा। निवेशक यह देखेंगे कि AI पर भारी खर्च से कंपनियों को वास्तविक मुनाफा कितना मिल रहा है, अमेरिकी श्रम बाजार कितना कमजोर होता है और मध्य-पूर्व की स्थिति तेल आपूर्ति को किस हद तक प्रभावित करती है।