दूसरे जहाज Mera Queen पर एक नाविक की मौत हुई और तीन अन्य घायल हुए, यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया । यह घटना ऐसे समय हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध का एक नया मोर्चा वाणिज्यिक जहाजरानी और काला सागर के समुद्री मार्ग बनते जा रहे हैं।
Emil एक ड्राई बल्क कैरियर है, जिसका स्वामित्व हैम्बर्ग स्थित जर्मन शिपिंग कंपनी Johann M. K. Blumenthal GmbH & Co. KG के पास है । जहाज लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित होता है—अर्थात उसका मालिक जर्मन है, लेकिन उसका पंजीकरण और राष्ट्रीय ध्वज लाइबेरिया का है।
रिपोर्टों के मुताबिक, कई रूसी ड्रोन हमलों में जहाज पर आग लग गई और उसके महत्वपूर्ण तकनीकी सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गए। परिणामस्वरूप जहाज न तो आगे बढ़ सका और न ही अपनी दिशा नियंत्रित कर सका । चालक दल को बाहर निकाले जाने के दौरान जहाज पर एक और ड्रोन हमला होने की भी खबर है ।
जहाज पर मौजूद सभी 11 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इनमें कोई भी जर्मन नागरिक नहीं था और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है ।
दूसरा जहाज Mera Queen था, जो गिनी-बिसाउ के झंडे के तहत चल रहा था । ओदेसा के क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, हमले में एक नाविक की मौत हुई और तीन अन्य घायल हुए । जहाज पर गेहूं लदा होने की भी रिपोर्ट है ।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने 6 अगस्त को टेलीग्राम पर हमलों की पुष्टि की। मंत्रालय ने कहा कि उसके हमलावर ड्रोन ने ओदेसा के दक्षिण और पूर्व में दो मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया ।
मॉस्को का दावा था कि जहाज यूक्रेन के लिए सैन्य सामग्री ले जा रहे थे। रूस ने इन हमलों को ड्रोन के पुर्जों और ऐसे सामान से जुड़े लॉजिस्टिक्स ढांचे के खिलाफ व्यापक अभियान का हिस्सा बताया, जिनका सैन्य और नागरिक—दोनों तरह से इस्तेमाल हो सकता है । रूस ने उसी दौरान कीव और उसके आसपास ऐसे सात लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर हमला करने की भी बात कही ।
हालांकि, रूस ने जहाजों पर सैन्य सामान लदे होने के अपने दावे के समर्थन में सार्वजनिक रूप से सत्यापित सबूत पेश नहीं किए ।
यूक्रेन: यूक्रेनी अधिकारियों ने हमलों की निंदा करते हुए इन्हें नागरिक वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की दिशा में एक और खतरनाक बढ़ोतरी बताया। ओदेसा के क्षेत्रीय गवर्नर ने Mera Queen पर हुई मौत और चोटों की जानकारी दी ।
साथ ही, यूक्रेन ने भी रूसी समुद्री और व्यापारिक ठिकानों के खिलाफ अपने ड्रोन अभियान को तेज किया है। रॉयटर्स के अनुसार, जुलाई 2026 में यूक्रेनी ड्रोन इकाइयों ने काला सागर और आज़ोव सागर में रूसी जहाजों समेत 180 से अधिक समुद्री लक्ष्यों पर हमला किया ।
जर्मनी: Emil पर हमले की खबर सबसे पहले जर्मन दैनिक Bild ने दी और बाद में Deutsche Welle ने इसकी पुष्टि की । उपलब्ध नवीनतम रिपोर्टों तक जर्मन सरकार ने किसी औपचारिक सैन्य प्रतिक्रिया की घोषणा नहीं की थी। फिर भी, इस घटना से काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए बर्लिन पर अधिक मजबूत कदम उठाने का दबाव बढ़ा है ।
5 अगस्त का हमला कोई अकेली घटना नहीं है। जुलाई और अगस्त 2026 में नागरिक मालवाहक जहाजों के खिलाफ हमलों की एक श्रृंखला ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को तेजी से कमजोर किया है।
काला सागर अब केवल बंदरगाहों और सैन्य ठिकानों के आसपास की लड़ाई का क्षेत्र नहीं रह गया है। दोनों पक्ष ऐसे व्यापारी जहाजों को रोकने, नुकसान पहुंचाने या डुबोने के लिए समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे विरोधी पक्ष की मदद कर रहे हैं।
इसका सबसे सीधा नुकसान उन नागरिक नाविकों को उठाना पड़ रहा है, जिनका युद्ध के फैसलों में कोई नियंत्रण नहीं है। Emil पर चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन Mera Queen पर हुई मौत और हाल के अन्य हमले दिखाते हैं कि काला सागर के व्यापारिक मार्ग अब पहले जैसे सुरक्षित नहीं रहे।