डिम सम बॉन्ड ऐसे बॉन्ड होते हैं जो चीनी मुद्रा युआन में जारी किए जाते हैं, लेकिन मुख्यभूमि चीन के बाहर—मुख्य रूप से हांगकांग में—बेचे जाते हैं। इन्हें आम तौर पर ‘ऑफशोर युआन बॉन्ड’ भी कहा जाता है।
कई वर्षों तक सुस्त रहने के बाद इस बाजार में फिर गतिविधि बढ़ी है। ऑफशोर युआन में उधार लेने की लागत समान अवधि के यूरो-डिनोमिनेटेड सरकारी कर्ज से कम हो सकती है। इससे सरकारों को एशिया के बड़े और अपेक्षाकृत तरल निवेशक आधार तक पहुंच मिलती है ।
युआन में बॉन्ड जारी करने से निवेशकों का आधार भी व्यापक हो सकता है और किसी देश की फंडिंग केवल यूरो और डॉलर बाजारों पर निर्भर नहीं रहती।
इस बाजार की संभावनाओं को Portugal और Slovenia के हालिया सौदों ने रेखांकित किया। अप्रैल 2026 में Portugal यूरो-क्षेत्र का पहला संप्रभु देश बना जिसने डिम सम बॉन्ड जारी किया। उसने 1.99 अरब युआन—लगभग 24.9 करोड़ यूरो—आठ वर्ष की अवधि के लिए जुटाए और इस पर 1.765% की स्थिर कूपन दर रखी ।
इसके बाद Slovenia ने करीब 50 करोड़ यूरो मूल्य के तीन वर्ष के डिम सम बॉन्ड जारी किए, जिनकी कूपन दर 1.9% थी ।
इन शुरुआती चर्चाओं का समय महत्वपूर्ण था। यूरोपीय संघ और चीन के बीच व्यापार असंतुलन को लेकर तनाव बढ़ रहा था और जून 2026 में यूरोपीय नेता चीन के खिलाफ कड़े कदमों पर विचार कर रहे थे ।
ऐसे माहौल में युआन बॉन्ड जारी करना केवल वित्तीय फैसला नहीं माना जाता। यूरोप की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए चीन के साथ वित्तीय संबंध गहरे करना राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है। व्यापार संबंध और बिगड़ने की स्थिति में इससे प्रतिष्ठा और नीति—दोनों पर सवाल उठ सकते थे।
जर्मनी को यूरो में बेहद कम दरों पर उधार लेने का लाभ मिलता है। इसलिए डिम सम बॉन्ड से मिलने वाली अतिरिक्त बचत उसके लिए उतनी आकर्षक नहीं है जितनी अधिक लागत पर उधार लेने वाले छोटे देशों के लिए ।
फ्रांस और स्पेन के लिए संभावित बचत कुछ अधिक हो सकती थी, लेकिन वह राजनीतिक और प्रतिष्ठित जोखिमों की तुलना में सीमित दिखाई दी। जब घरेलू बाजार पर्याप्त और अपेक्षाकृत सस्ता हो, तो किसी नए मुद्रा बाजार में जाने की जरूरत कम हो जाती है।
स्पेन इस दौरान यूरोपीय संघ के साझा कर्ज की एक बड़ी योजना को आगे बढ़ा रहा था। प्रस्ताव के तहत यूरोपीय संघ के लिए हर साल 850 अरब यूरो तक का साझा कर्ज जुटाने की व्यवस्था पर चर्चा हो रही थी ।
इस योजना को जर्मनी और फ्रांस की ओर से संदेह का सामना करना पड़ा । ऐसे में स्पेन के लिए चीन के साथ अलग से युआन-आधारित सरकारी बॉन्ड पर आगे बढ़ना यूरोपीय वित्तीय बहस के बीच एक जटिल रणनीतिक कदम बन सकता था।
Portugal और Slovenia की तुलना में जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के पास अपने घरेलू और यूरोपीय फंडिंग चैनलों का बड़ा विकल्प है। इसलिए इनके लिए युआन बाजार में प्रवेश करना लागत घटाने का एक संभावित प्रयोग था, जरूरी वित्तीय कदम नहीं।
छोटी यूरो-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए गणित अलग है। यूरो में उनकी उधारी लागत अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है, इसलिए कम कूपन दर से होने वाली बचत अधिक मायने रखती है। साथ ही, चीन और एशिया के निवेशकों तक पहुंच उनके फंडिंग आधार को मजबूत कर सकती है ।
| देश | डिम सम बॉन्ड पर कदम | मुख्य वजह |
|---|---|---|
| Portugal | अप्रैल 2026 में 1.99 अरब युआन का आठ वर्ष का बॉन्ड जारी किया, जिसकी कीमत लगभग 24.9 करोड़ यूरो थी । | फंडिंग लागत घटाना और यूरोपीय बाजारों से बाहर निवेशक आधार बढ़ाना। |
| Slovenia | लगभग 50 करोड़ यूरो मूल्य का तीन वर्ष का डिम सम बॉन्ड जारी किया । | अपेक्षाकृत सस्ती फंडिंग और नए निवेशकों तक पहुंच। |
| जर्मनी, फ्रांस और स्पेन | बैंकों से शुरुआती बातचीत की, लेकिन तत्काल जारी करने की योजना नहीं बनाई । | भू-राजनीतिक जोखिम, पर्याप्त घरेलू फंडिंग और सीमित रणनीतिक जरूरत। |
यह अंतर यूरोपीय संघ के भीतर मौजूद व्यापक तनाव को दिखाता है। बड़ी अर्थव्यवस्थाएं यह देखने का इंतजार कर सकती हैं कि चीन के साथ व्यापारिक संबंध किस दिशा में जाते हैं। उनके लिए युआन बॉन्ड से मिलने वाला सीमित लागत लाभ, चीन के साथ वित्तीय संबंध गहरे करने के संभावित राजनीतिक जोखिमों से कम महत्वपूर्ण है ।
छोटे देश इसके उलट अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपना सकते हैं। यदि किसी सौदे से ब्याज लागत घटती है और निवेशकों का आधार बढ़ता है, तो वे राजनीतिक सावधानी के बावजूद आगे बढ़ने के लिए तैयार हो सकते हैं।
इससे संकेत मिलता है कि डिम सम बॉन्ड बाजार का विस्तार जारी रह सकता है, लेकिन इसकी अगुआई मुख्य रूप से छोटे और अपेक्षाकृत अधिक लागत पर कर्ज लेने वाले संप्रभु देश करेंगे। जर्मनी, फ्रांस और स्पेन की झिझक बताती है कि यूरो-क्षेत्र की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा युआन में सरकारी कर्ज जारी करना तब तक दुर्लभ रह सकता है, जब तक यूरोपीय संघ और चीन के बीच व्यापारिक तनाव कम नहीं होता।