जब JWST ने अपने नियर-इन्फ्रारेड कैमरे (NIRCam) से इस बादल के अंदर झांका, तो उसे एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस 'संदूक' में सोने-चांदी के सिक्के नहीं, बल्कि नवजात सितारों का एक झुंड छिपा हुआ है ।
इस 'संदूक' को अपना अनोखा आकार देने में पास में स्थित एक बेहद शक्तिशाली तारा जोड़े का हाथ है। एटा कैरिनी (Eta Carinae) नामक यह तारा मंडल सिर्फ 39 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है। इस जोड़ी का मुख्य तारा हमारे सूर्य से लगभग 100 गुना अधिक विशाल और 5 मिलियन गुना अधिक चमकीला है । यह तारा, पास के एक अन्य समूह ट्रम्पलर 16 (Trumpler 16) के साथ मिलकर, 'ट्रेज़र चेस्ट' पर भारी मात्रा में पराबैंगनी विकिरण बरसाता है, जो गैस और धूल के बादल को तराशकर उसे संदूक जैसा आकार देता है ।
यह अवलोकन JWST प्रोग्राम #5408 के तहत किया गया, जिसका नेतृत्व प्रमुख अन्वेषक एम. रीटर (M. Reiter) ने किया। इस प्रोग्राम का उद्देश्य यह समझना है कि कैरिना नेबुला में युवा तारे अपने आसपास की गैस को कैसे इकट्ठा करते हैं और उसे बहिर्वाह (outflows) के ज़रिए बाहर कैसे निकालते हैं ।
तस्वीर का श्रेय (Credit): ESA/Webb, NASA & CSA, M. Reiter ।