Evo 2 एक genomic foundation model है, जिसे बैक्टीरिया, आर्किया, पौधों, जानवरों और मनुष्यों समेत जीवन के अलग-अलग रूपों के DNA अनुक्रमों पर प्रशिक्षित किया गया है। यह DNA को एक-एक न्यूक्लियोटाइड के स्तर तक मॉडल कर सकता है ।
शोधकर्ताओं ने Evo 1 और Evo 2 को बैक्टीरियोफेज जीनोम पर fine-tune किया, ताकि मॉडल ऐसे पूरे जीनोम बना सकें जिनकी आनुवंशिक संरचना वास्तविक लगे और जो चुने गए मेजबान—यहां E. coli—को निशाना बना सकें ।
इस प्रक्रिया में मॉडल ने लगभग 7 लाख संभावित वायरल जीनोम तैयार किए । कंप्यूटेशनल फिल्टरों ने इनमें से 302 उम्मीदवारों को आगे के परीक्षण के लिए चुना । फिर 285 जीनोम को रासायनिक रूप से संश्लेषित कर वास्तविक DNA के रूप में तैयार किया गया और E. coli कोशिकाओं में जांचा गया ।
इन 285 संश्लेषित जीनोम में से 16 ने कार्यशील, दोहराने वाले बैक्टीरियोफेज बनाए—लगभग 5.6% की सफलता दर । शोधकर्ताओं के अनुसार, यह genome-scale generative biology में “productive yield” का पहला मापने योग्य बेंचमार्क है ।
सभी 16 कार्यशील फेज ने प्रयोगशाला की प्लेटों में E. coli को संक्रमित किया और उसकी कोशिकाओं को फोड़कर नष्ट किया। इसका मतलब है कि वे संक्रमण, प्रतिकृति और host-cell lysis—तीनों प्रक्रियाएं पूरी कर सकते हैं ।
इन फेजों को ΦX174 के आधार पर डिजाइन किया गया था। ΦX174 एक प्राकृतिक बैक्टीरियोफेज है, जो E. coli को संक्रमित करता है और इस अध्ययन में तुलना के लिए template के रूप में इस्तेमाल हुआ। आमने-सामने के परीक्षणों में कई AI-डिजाइन किए गए फेज ने ΦX174 की तुलना में तेज़ वृद्धि और तेज़ lysis दिखाई ।
कुछ डिजाइनों में प्राकृतिक वायरस की तुलना में 50 से अधिक amino-acid बदलाव थे—इतना बड़ा अंतर, जिसे सामान्य यादृच्छिक उत्परिवर्तन से हासिल करना बेहद असामान्य होता । एक फेज में ऐसा DNA-packaging protein भी पाया गया, जो पृथ्वी पर किसी ज्ञात जीव में नहीं मिलता ।
शोधकर्ताओं ने 16 फेजों का कॉकटेल भी तैयार किया। इस मिश्रण ने कई E. coli स्ट्रेन में प्रतिरोध को पार किया, जिनमें वे स्ट्रेन भी शामिल थे जो किसी एक फेज के खिलाफ प्रतिरोध विकसित कर चुके थे ।
बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं के खिलाफ लगातार प्रतिरोध विकसित कर रहे हैं। बैक्टीरियोफेज थेरेपी में ऐसे वायरसों का इस्तेमाल किया जाता है जो बैक्टीरिया को निशाना बनाकर नष्ट करते हैं। लेकिन बैक्टीरिया किसी खास फेज के खिलाफ भी प्रतिरोधी बन सकते हैं।
AI की मदद से जरूरत के अनुसार नए फेज तेजी से डिजाइन किए जा सकें, तो इस विकासवादी “हथियारों की दौड़” का जवाब देना आसान हो सकता है । अलग-अलग तरीकों से हमला करने वाले फेजों का कॉकटेल एकल फेज की तुलना में प्रतिरोधी बैक्टीरिया के खिलाफ अधिक टिकाऊ रणनीति दे सकता है ।
यह अध्ययन अभी किसी मरीज पर उपचार की सफलता साबित नहीं करता। हालांकि, इससे यह दिखता है कि genome language models प्रयोगशाला में काम करने वाले पूरे वायरस डिजाइन कर सकते हैं। भविष्य में इसी तरह की प्रक्रिया से किसी खास बैक्टीरियल रोगजनक के लिए संभावित therapeutic phages का तेजी से prototype तैयार किया जा सकता है । Brian Hie के अनुसार, मॉडल में विकासवादी विविधता को शामिल करने की क्षमता phage therapy को पारंपरिक एंटीबायोटिकों का अधिक प्रभावी विकल्प बनाने में मदद कर सकती है ।
इस खोज के साथ जोखिम भी जुड़े हैं। Science में प्रकाशित साथ वाली टिप्पणी में Johns Hopkins Center for Health Security के Thomas Inglesby और Moritz Hanke ने लिखा: “यह जीवन-विज्ञान के उपयोगों के लिए आशाजनक है, लेकिन इससे तत्काल biosafety और biosecurity सवाल भी उठते हैं। Generative AI की मदद से वायरल जीनोम बनाने की क्षमता अब मौजूद है; इन क्षमताओं का सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल सुनिश्चित करने वाली governance अभी मौजूद नहीं है” ।
मौजूदा प्रमुख सुरक्षा उपायों में International Gene Synthesis Consortium की DNA-screening व्यवस्था शामिल है। यह प्रणाली DNA ऑर्डर को ज्ञात रोगजनक अनुक्रमों से मिलाकर जांचती है। लेकिन यह व्यवस्था स्वैच्छिक है, कानूनन अनिवार्य नहीं, और ऐसे अनुक्रमों को पकड़ने के लिए बनाई ही नहीं गई थी जिनका प्राकृतिक डेटाबेस में कोई मिलान न हो ।
Arc Institute ने सुरक्षा के लिए Evo 2 के प्रशिक्षण डेटा से eukaryotic viral pathogens—यानी मनुष्यों या अन्य जानवरों को संक्रमित करने वाले वायरस—को जानबूझकर बाहर रखा था । फिर भी विशेषज्ञों ने चेताया कि यही तकनीक गलत इरादे वाले लोगों द्वारा खतरनाक रोगजनकों के अनुक्रम बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। AI-डिजाइन किए गए जीनोम इतनी तेजी से बनाए जा सकते हैं कि मौजूदा निगरानी प्रणालियां उन्हें समय रहते पहचान या रोक न पाएं ।
Nature की एक टिप्पणी ने भी इस दोहरे उपयोग वाले जोखिम पर जोर दिया: ये उपकरण नई दवाओं और उपचारों की खोज में मदद कर सकते हैं, लेकिन साथ ही नए जैविक खतरों को तैयार करने की बाधा भी कम कर सकते हैं ।
इसलिए इस शोध का संदेश दोहरा है: AI-डिजाइन किए गए बैक्टीरियोफेज एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमणों के खिलाफ एक नई दिशा खोल सकते हैं, लेकिन इस क्षमता के साथ मजबूत, अनिवार्य और भविष्य के अनुरूप जैव-सुरक्षा नियम विकसित करना भी उतना ही जरूरी है।