धरती पर जीवन शायद दो बार शुरू हुआ: LUCA को लेकर नई स्टडी का चौंकाने वाला दावा
Heinrich Heine University Düsseldorf के शोधकर्ताओं का कहना है कि बैक्टीरिया और आर्किया एक साझा, गैर स्वतंत्र पूर्वज LUCA से निकले, लेकिन स्वतंत्र रूप से जीने वाली कोशिकाओं में उनका बदलाव अलग अलग हुआ। शोध के अनुसार LUCA के पास लगभग 420 मूल चयापचयी अभिक्रियाओं में से केवल आधे के लिए एंजाइम थे; बाकी अभिक्रियाओं में हाइ...
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Heinrich Heine University Düsseldorf के शोधकर्ताओं का कहना है कि बैक्टीरिया और आर्किया एक साझा, गैर स्वतंत्र पूर्वज LUCA से निकले, लेकिन स्वतंत्र रूप से जीने वाली कोशिकाओं में उनका बदलाव अलग अलग हुआ।
शोध के अनुसार LUCA के पास लगभग 420 मूल चयापचयी अभिक्रियाओं में से केवल आधे के लिए एंजाइम थे; बाकी अभिक्रियाओं में हाइड्रोथर्मल वेंट के लौह, निकेल और कोबाल्ट जैसे धातुओं ने मदद की।
फॉस्फाइट और प्राकृतिक पैलेडियम शुरुआती धरती पर एटीपी और आधुनिक एंजाइमों से पहले चयापचय को ऊर्जा देने वाली संभावित रासायनिक प्रणाली रहे होंगे।
What did a new study published in Science Advances reveal about the origins of life on Earth, including the shared ancestor LUCA's incompletA hydrothermal vent environment on early Earth, the likely birthplace of metabolism where metals catalyzed the first chemical reactions of life.
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जीवन की शुरुआत को लेकर प्रचलित कहानी अब तक कुछ ऐसी थी: सभी जीव एक ही स्वतंत्र रूप से जीने वाली आदिम कोशिका से विकसित हुए, जिसे लास्ट यूनिवर्सल कॉमन एन्सेस्टर (LUCA) कहा जाता है। लेकिन Science Advances में प्रकाशित Heinrich Heine University Düsseldorf के शोधकर्ताओं की नई स्टडी इस तस्वीर को काफी जटिल बना रही है।
शोधकर्ताओं ने शुरुआती चयापचयी नेटवर्क का पुनर्निर्माण किया और पाया कि LUCA शायद पूरी तरह स्वतंत्र, स्वायत्त कोशिका नहीं था। उसका चयापचय अधूरा था और वह अपने पर्यावरण में मौजूद धातुओं पर काफी निर्भर था। सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि बैक्टीरिया और आर्किया ने स्वतंत्र रूप से जीने वाली कोशिकाओं में बदलने की सीमा अलग-अलग पार की होगी—यानी गैर-जीवित रसायन से स्वतंत्र जीवन तक का संक्रमण संभवतः एक नहीं, दो बार हुआ ।
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"धरती पर जीवन शायद दो बार शुरू हुआ: LUCA को लेकर नई स्टडी का चौंकाने वाला दावा" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
Heinrich Heine University Düsseldorf के शोधकर्ताओं का कहना है कि बैक्टीरिया और आर्किया एक साझा, गैर स्वतंत्र पूर्वज LUCA से निकले, लेकिन स्वतंत्र रूप से जीने वाली कोशिकाओं में उनका बदलाव अलग अलग हुआ।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
Heinrich Heine University Düsseldorf के शोधकर्ताओं का कहना है कि बैक्टीरिया और आर्किया एक साझा, गैर स्वतंत्र पूर्वज LUCA से निकले, लेकिन स्वतंत्र रूप से जीने वाली कोशिकाओं में उनका बदलाव अलग अलग हुआ। शोध के अनुसार LUCA के पास लगभग 420 मूल चयापचयी अभिक्रियाओं में से केवल आधे के लिए एंजाइम थे; बाकी अभिक्रियाओं में हाइड्रोथर्मल वेंट के लौह, निकेल और कोबाल्ट जैसे धातुओं ने मदद की।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
फॉस्फाइट और प्राकृतिक पैलेडियम शुरुआती धरती पर एटीपी और आधुनिक एंजाइमों से पहले चयापचय को ऊर्जा देने वाली संभावित रासायनिक प्रणाली रहे होंगे।
शोध के वरिष्ठ लेखक विलियम मार्टिन ने इस निष्कर्ष को संक्षेप में कहा: “हम आनुवंशिक कोड की एक उत्पत्ति, लेकिन जीवन की दो उत्पत्तियों को देख रहे हैं” ।
LUCA पूरी तरह स्वतंत्र जीवित कोशिका नहीं था
जीवन-वृक्ष के पारंपरिक चित्रों में LUCA को उस एक जीव के रूप में दिखाया जाता है, जिसकी संतान के रूप में जीवन की सभी शाखाएं विकसित हुईं। नई स्टडी इससे अलग तस्वीर पेश करती है। टीम ने बैक्टीरिया और आर्किया के प्रमुख समूहों के जीनोम की तुलना की और उन एंजाइमों की उत्पत्ति का पता लगाया, जो मूल चयापचय को संचालित करते हैं। यही अभिक्रियाएं हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, अमोनिया और फॉस्फेट जैसे सरल अणुओं से अमीनो एसिड, आरएनए के आधार और सह-कारकों का निर्माण करती हैं ।
शोधकर्ताओं के मुताबिक LUCA के पास लगभग 420 मूल चयापचयी अभिक्रियाओं में से केवल करीब आधे के लिए एंजाइम थे। बाकी अभिक्रियाओं को हाइड्रोथर्मल वेंट—समुद्र तल से निकलने वाले गर्म, खनिज-समृद्ध झरनों—में स्वाभाविक रूप से मौजूद लौह, निकेल और कोबाल्ट जैसी धातुएं उत्प्रेरित करती थीं ।
इसका अर्थ है कि LUCA बाहरी पर्यावरण की सहायता के बिना अपना पूरा चयापचय कायम नहीं रख सकता था। इसलिए उसे आधुनिक अर्थों में स्वायत्त, स्वतंत्र रूप से जीवित कोशिका मानना कठिन है।
मार्टिन ने Scientific American से कहा, “चौंकाने वाली बात यह है कि इन अभिक्रियाओं को संचालित करने वाले एंजाइम बैक्टीरिया और आर्किया को अलग करने वाली विकासवादी दूरी के पार संरक्षित नहीं हैं” ।
शुरुआती रासायनिक विकास के चार चरण
शोधकर्ताओं ने गैर-जीवित रसायन से आधुनिक कोशिकीय चयापचय तक पहुंचने की प्रक्रिया को उत्प्रेरण के चार चरणों में बांटा है :
केवल धातुओं वाली अभिक्रियाएं: सबसे शुरुआती चरण में अकार्बनिक धातुएं सरल चयापचयी अभिक्रियाओं को संचालित करती थीं।
धातु-एंजाइम का मिश्रित चरण: LUCA के पास कुछ शुरुआती एंजाइम थे, लेकिन कई जरूरी अभिक्रियाओं के लिए वह अब भी पर्यावरणीय धातुओं पर निर्भर था।
विकासवादी अलगाव: बैक्टीरिया और आर्किया के पूर्वज अलग-अलग दिशाओं में विकसित होने लगे और दोनों ने LUCA से मिला अधूरा एंजाइम तंत्र विरासत में पाया।
एंजाइमों का स्वतंत्र विकास: दोनों वंशों ने धातु-उत्प्रेरकों की जगह लेने के लिए नए और संरचनात्मक रूप से अलग एंजाइम स्वतंत्र रूप से विकसित किए।
यही स्वतंत्र विकास इस निष्कर्ष का अहम आधार है कि बैक्टीरिया और आर्किया ने स्वायत्त, स्वतंत्र रूप से जीने वाली कोशिकाओं में बदलने की प्रक्रिया अलग-अलग पूरी की ।
एटीपी से पहले शुरुआती जीवन को ऊर्जा कहां से मिली?
आज की कोशिकाएं ऊर्जा के सार्वभौमिक माध्यम के रूप में एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (ATP) का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन एटीपी एक जटिल अणु है, जिसे बनाने के लिए एंजाइमों की जरूरत होती है। इसलिए जीवन से पहले की धरती पर यह सवाल अहम है कि शुरुआती चयापचयी अभिक्रियाओं को ऊर्जा कैसे मिलती थी।
स्टडी में एक संभावित उत्तर के रूप में फॉस्फाइट का उल्लेख किया गया है। यह फॉस्फोरस का एक रूप है, जो हाइड्रोथर्मल वेंट के वातावरण में पाया जा सकता है। प्राकृतिक रूप से मौजूद पैलेडियम धातु की मदद से फॉस्फाइट और कार्बनिक यौगिकों की अभिक्रिया पानी में फॉस्फोरिलेशन जैसी चयापचयी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा सकती है। इस तरह की प्रणाली एंजाइमों और एटीपी के अस्तित्व में आने से पहले शुरुआती चयापचय को ऊर्जा दे सकती थी ।
हालांकि, यह अभी शुरुआती जीवन की सिद्ध ऊर्जा-प्रणाली नहीं है, बल्कि रासायनिक रूप से संभव एक मॉडल है।
जीवन-वृक्ष की तस्वीर कैसे बदलती है?
परंपरागत जीवन-वृक्ष में LUCA एक ही तने के आधार पर स्थित होता है और वहां से जीवन की सभी शाखाएं निकलती हैं। नई व्याख्या में यह वृक्ष साझा, गैर-स्वतंत्र रासायनिक आधार से निकलने वाली दो अलग शुरुआती धाराओं जैसा दिख सकता है :
आनुवंशिक कोड की एक उत्पत्ति: सभी जीव LUCA से मिले साझा आनुवंशिक आधार—डीएनए, आरएनए और प्रोटीन बनाने की मूल मशीनरी—को साझा करते हैं।
स्वतंत्र जीवन की दो उत्पत्तियां: गैर-जीवित रसायन से स्वायत्त, खुद को बनाए रखने वाली कोशिकाओं तक पहुंचने का संक्रमण बैक्टीरिया और आर्किया में स्वतंत्र रूप से हुआ।
इसलिए “जीवन दो बार शुरू हुआ” कहना इस स्टडी का संक्षिप्त रूप है। अधिक सटीक तौर पर, शोध यह प्रस्तावित करता है कि आनुवंशिक कोड साझा था, लेकिन स्वतंत्र रूप से जीवित कोशिकाओं का विकास दो अलग वंशों में हुआ।
दूसरी दुनिया में जीवन खोजने के लिए इसका क्या मतलब है?
यदि धरती पर गैर-जीवित रसायन से स्वतंत्र जीवन तक पहुंचने की प्रक्रिया एक से अधिक बार संभव हुई, तो खगोलजीवविज्ञान के लिए यह महत्वपूर्ण सवाल उठता है। इससे संकेत मिल सकता है कि रसायन से जीवन तक की छलांग पहले की अपेक्षा अधिक सुलभ है। दूसरी संभावना यह है कि इसके लिए हाइड्रोथर्मल वेंट जैसे बेहद खास, धातु-समृद्ध पर्यावरण जरूरी हों ।
इस निष्कर्ष का असर इस बात पर भी पड़ सकता है कि वैज्ञानिक दूसरे ग्रहों और चंद्रमाओं पर जीवन के संकेत कहां खोजते हैं—हालांकि यह स्टडी किसी अन्य दुनिया पर जीवन के अस्तित्व का प्रमाण नहीं देती।
स्टडी की सीमाएं और खुले सवाल
शोध महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके निष्कर्ष अंतिम प्रमाण नहीं माने जा सकते। विश्लेषण में बैक्टीरिया के जीनोम संबंधी आंकड़ों पर काफी निर्भरता है, जबकि आर्किया के जीनोम का नमूना-आधार उतना व्यापक नहीं है। इससे निष्कर्षों पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, शुरुआती चयापचय में फॉस्फाइट और पैलेडियम की भूमिका फिलहाल एक संभावित रासायनिक मॉडल है, प्राचीन धरती पर घटित सिद्ध मार्ग नहीं । प्रयोगशाला में धातु-उत्प्रेरित अभिक्रियाओं से एंजाइम-निर्भर चयापचय तक का पूरा संक्रमण किसी कृत्रिम प्रणाली में अभी प्रदर्शित नहीं किया गया है।
फिर भी, यह शोध जीवन के शुरुआती चयापचयी नेटवर्क के निर्माण की अब तक की सबसे विस्तृत तस्वीरों में से एक प्रस्तुत करता है। इससे जीवन की उत्पत्ति किसी सीधी, एक-रेखीय घटना के बजाय अधिक उलझी हुई, परिस्थितिनिर्भर और वैज्ञानिक दृष्टि से कहीं अधिक असाधारण प्रक्रिया के रूप में सामने आती है।
pmc.ncbi.nlm.nih.govThe last universal common ancestor between ancient Earth ...