दक्षिण कोरिया में SK Hynix और Samsung जैसे AI से जुड़े शेयरों पर अरबों डॉलर के उधार-आधारित दांव लगाए गए। Reuters के अनुसार, इन दांवों ने कभी वैश्विक आर्थिक स्थिति का भरोसेमंद संकेतक माने जाने वाले बाजार को एक “वाइल्ड कैसीनो” जैसा बना दिया ।
ताइवान में भी निवेशकों ने लगभग रिकॉर्ड स्तर पर उधार लिया, जिससे बाजार में गिरावट आने पर मजबूरन बिकवाली का जोखिम बढ़ गया । दक्षिण कोरिया में एक दर्जन से अधिक सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड ETF ढह गए। इनमें 3.4 अरब डॉलर की संपत्ति वाला Samsung KODEX SK Hynix Single Stock Leverage फंड लगभग 45% गिर गया ।
जून में अमेरिकी चिप कंपनी Broadcom के कमजोर आउटलुक ने AI रैली में पहली बड़ी दरार पैदा की । SK Hynix ने मजबूत नतीजे दिए, फिर भी विश्लेषकों ने कहा कि “आज के AI बाजार में मजबूत प्रदर्शन अब पर्याप्त नहीं है”—निवेशकों को अतिरिक्त विकास संकेत, लंबे समय के समझौते और शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न की उम्मीद थी ।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बदलती उम्मीदों ने जोखिम वाले टेक शेयरों पर दबाव बढ़ाया। सेमीकंडक्टर शेयरों को सबसे ज्यादा चोट लगी और जून के एक कारोबारी सत्र में दक्षिण कोरिया का KOSPI 4.5% से अधिक टूट गया ।
दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजार AI-चिप से जुड़े कुछ बड़े शेयरों पर असामान्य रूप से निर्भर हो गए थे। इसलिए जैसे ही निवेशकों ने AI की कमाई और खर्च की कहानी का दोबारा मूल्यांकन किया, पूरे बाजार में असर फैल गया ।
दक्षिण कोरिया का KOSPI जून के रिकॉर्ड स्तर से 20% नीचे आकर जुलाई की शुरुआत में bear market क्षेत्र में चला गया। अगस्त की शुरुआत तक इसकी गिरावट जून के शिखर से 31% हो चुकी थी ।
7 जुलाई को चिप कंपनियों में गिरावट के बीच इंडेक्स एक ही सत्र में लगभग 5% टूट गया । 29 जुलाई को लगातार दूसरे सत्र गिरावट आई, जिसे “रिकॉर्ड तोड़ बिकवाली” कहा गया । ताइवान के टेक-प्रधान बाजार में भी इसी तरह की तेज़ गिरावट आई और विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर अपनी हिस्सेदारी घटाई ।
बीच-बीच में तेज़ उछाल जरूर आया। 31 जुलाई को दक्षिण कोरियाई बाजार ने रिकॉर्ड स्तर का सबसे तीखा एक-दिवसीय रिवर्सल दर्ज किया, लेकिन इसके बाद फिर बिकवाली लौट आई । एक बाजार प्रतिभागी ने इसकी तुलना ऐसे बाजार से की जो “एक रात में घबराहट से उत्साह के बीच झूल रहा हो” ।
एक समय 24 घंटे के भीतर वैश्विक सेमीकंडक्टर शेयरों का बाजार मूल्य 1.3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक घट गया—यह हालिया इतिहास की सबसे बड़ी बाजार बिकवाली में से एक थी ।
2026 की पहली छमाही में सात एशियाई बाजारों से विदेशी निवेशकों ने कुल 137.36 अरब डॉलर निकाले। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, 2010 से उपलब्ध रिकॉर्ड में यह छह महीनों का सबसे तेज़ बहिर्वाह है ।
देशवार आंकड़े इस प्रकार रहे:
जून में अकेले उभरते बाजारों के शेयरों से 46.1 अरब डॉलर निकाले गए, जिसमें दक्षिण कोरिया और ताइवान सबसे आगे रहे । दक्षिण कोरियाई शेयरों से 30.5 अरब डॉलर की निकासी हुई—25 वर्षों से अधिक समय में सबसे बड़ी मासिक निकासी। ताइवान से 18.3 अरब डॉलर निकाले गए ।
यह बिकवाली कुछ हद तक AI रैली की सफलता का ही उल्टा परिणाम थी। विदेशी निवेशकों ने तेजी से बढ़े अपने सबसे बड़े विजेताओं में हिस्सेदारी घटाकर पोर्टफोलियो को संतुलित किया। इस तरह भीड़भाड़ वाले “crowded trades” अचानक तेज़ी से खुलने लगे ।
एशिया पर केंद्रित fundamental long-short हेज फंडों को जुलाई में रिकॉर्ड मासिक नुकसान हुआ। Goldman Sachs की prime brokerage रिपोर्ट के अनुसार, 28 जुलाई तक इन फंडों में औसतन 18.6% की गिरावट आई ।
इन फंडों ने 22 जुलाई तक साल की अपनी करीब 40% की बढ़त में से 21 प्रतिशत अंक वापस गंवा दिए । Goldman Sachs ने कहा कि पहली छमाही में लाभ देने वाले भीड़भाड़ वाले AI दांव अब महीने के नुकसान को असामान्य रूप से बढ़ा रहे हैं। AI थीम में ज्यादा निवेश रखने वाले फंडों को अधिक नुकसान हुआ ।
अगस्त की शुरुआत में कुछ शुरुआती राहत के संकेत नजर आए। 4 अगस्त को AI शेयरों में अस्थायी स्थिरता के बीच एशियाई शेयर बाजारों में मामूली बढ़त आई। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के शेयरों में तेजी ने अन्य बाजारों की कमजोरी की भरपाई की ।
31 जुलाई का KOSPI रिबाउंड भी महत्वपूर्ण था। Samsung और SK Hynix में कम कीमत पर खरीदारी यानी bargain-hunting ने इस तेज़ उछाल को सहारा दिया । चीन के A-share टेक बाजार के लिए घरेलू ब्रोकरेज ने भी सकारात्मक राय दी। Citic Securities ने मजबूत घरेलू बुनियादी कारकों का हवाला देते हुए कहा कि वहां की गिरावट “सिर्फ एक करेक्शन” हो सकती है ।
हालांकि, इन संकेतों का अर्थ यह नहीं है कि अस्थिरता पूरी तरह खत्म हो गई है। बाजार अभी भी वैल्यूएशन, ब्याज दरों, AI खर्च और चिप मांग को लेकर संवेदनशील है।
अगस्त 2026 की शुरुआत तक प्रमुख संस्थानों का व्यापक आकलन यही था कि AI में निवेश का संरचनात्मक चक्र अभी खत्म नहीं हुआ है। लेकिन बहुत ऊंचे वैल्यूएशन, लीवरेज और कुछ चिप शेयरों पर अत्यधिक निर्भरता ने एक तेज़ और दर्दनाक करेक्शन को जन्म दिया है।
आगे बाजार का रुख केवल AI की लोकप्रिय कहानी से तय नहीं होगा। कंपनियां वास्तविक कमाई, ऑर्डर, दीर्घकालिक अनुबंध और AI पर किए जा रहे भारी खर्च का ठोस प्रतिफल दिखा पाती हैं या नहीं—यही निवेशकों के लिए सबसे अहम संकेत होगा ।