इस तेजी के पीछे एक-दूसरे को मजबूत करने वाली कई कड़ियां रहीं—हॉरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़े, डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी तथा फेड की ब्याज दर नीति को लेकर बदली बाजार धारणा।
कतर ने हॉरमुज़ जलडमरूमध्य के जरिए व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य करने के लिए एक अंतरिम समझौते का मसौदा तैयार किए जाने की घोषणा की। ईरान संघर्ष के कारण यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाधित हुआ था ।
हॉरमुज़ दुनिया के कच्चे तेल कारोबार का एक अहम समुद्री मार्ग है। इसलिए इसके दोबारा खुलने की संभावना ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता घटाई और तेल की कीमतों पर सीधा दबाव डाला। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों ने बातचीत में प्रगति के संकेत दिए, जबकि ईरान ने ओमान के साथ प्रस्तावित शिपिंग रूट पर समझ बनने की बात कही ।
हॉरमुज़ को लेकर आशावाद के बीच अगस्त की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतें शुरुआती कारोबार में 4 डॉलर प्रति बैरल से अधिक गिर गईं । तेल सस्ता होने से ऊर्जा लागत से पैदा होने वाली महंगाई का जोखिम कम हुआ।
इससे बाजार को लगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व को महंगाई नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी करने की जरूरत शायद कम पड़ेगी । ब्याज दरों में कम बढ़ोतरी की उम्मीद आमतौर पर ऐसे सोने के लिए सकारात्मक होती है, जिस पर कोई नियमित ब्याज नहीं मिलता।
जुलाई का ADP निजी रोजगार आंकड़ा अनुमान से कमजोर रहा। इससे सितंबर की फेड बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना पर बाजार का भरोसा कम हुआ ।
कमजोर रोजगार बाजार ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर—दोनों पर दबाव डाला। बॉन्ड यील्ड घटने और दरों में कम बढ़ोतरी की उम्मीद से सोना रखने की अवसर लागत कम हुई, जिससे इसकी मांग बढ़ी ।
हॉरमुज़ समझौते की उम्मीद से भू-राजनीतिक जोखिम घटा और कमजोर रोजगार आंकड़ों ने अपेक्षाकृत नरम फेड नीति की संभावना बढ़ाई। इसके साथ अमेरिकी डॉलर सूचकांक भी नीचे आया ।
क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, कमजोर डॉलर से अन्य मुद्राओं में खरीदने वालों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इससे भौतिक सोने की मांग को समर्थन मिलता है ।
इससे पहले ट्रेडर सितंबर में फेड की दर वृद्धि की 65% संभावना मान रहे थे । लेकिन हॉरमुज़ समझौते की उम्मीद से महंगाई का दबाव घटने और कमजोर ADP रिपोर्ट से रोजगार बाजार की कमजोरी सामने आने के बाद दर वृद्धि की संभावनाओं का पुनर्मूल्यांकन हुआ ।
दरें ऊंची रहने की संभावना कम होने पर बिना ब्याज वाले सोने को रखने का नुकसान घटता है। यही बदलाव सोने की कीमत के लिए एक अहम सहारा बना।
सोने के साथ चांदी में भी तेजी आई। 5 अगस्त के सत्र में चांदी 4.65% बढ़कर $62.22 प्रति औंस पर पहुंची । खनन कंपनियों के शेयरों में इससे भी बड़ी बढ़त देखी गई—गोल्ड-माइनर्स ETF GDX में 7.39%, जूनियर गोल्ड-माइनर्स ETF GDXJ में 7.42% और सिल्वर-माइनर्स ETF SIL में 6.59% की तेजी आई ।
कीमती धातुओं के इस व्यापक उछाल ने सोने को लेकर तेजी की धारणा को और बल दिया ।
भौतिक सोने से समर्थित वैश्विक गोल्ड ETF में लगातार कई महीनों तक निवेश आया। अगस्त में इन फंडों में 5.5 अरब डॉलर का निवेश जुड़ा और महीने के अंत में कुल प्रबंधनाधीन संपत्ति (AUM) 407 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई ।
ETF में आने वाला यह निवेश सोने के लिए स्थिर मांग आधार तैयार करता है। जब बाजार में तेजी की धारणा बनती है, तो यह प्रवाह कीमतों की चाल को और तेज कर सकता है।
5 अगस्त को सोने ने एक अहम तकनीकी प्रतिरोध स्तर को पार किया। इसके बाद कीमत 5.03% उछलकर $4,277.69 प्रति औंस पर बंद हुई—फरवरी के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त ।
प्रतिरोध टूटने से मोमेंटम आधारित खरीदारी सक्रिय हुई और ETF प्रवाह ने इस तेजी को अतिरिक्त ईंधन दिया ।
| संकेतक | स्तर |
|---|---|
| साप्ताहिक उच्चतम स्तर, हाजिर XAU/USD | $4,295 प्रति औंस |
| हालिया कारोबार स्तर | लगभग $4,268–$4,286 प्रति औंस |
| 5 अगस्त की एकदिवसीय बढ़त | 5.03%, फरवरी के बाद सबसे बड़ी |
| 5 अगस्त को चांदी | $62.22 प्रति औंस, 4.65% ऊपर |
| 5 अगस्त को गोल्ड-माइनर्स ETF GDX | 7.39% ऊपर |
स्रोत:
कुल मिलाकर, हॉरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की उम्मीद इस रैली की मुख्य वजह बनी। इससे तेल की कीमतें, महंगाई की आशंकाएं और फेड की दर बढ़ाने की उम्मीदें एक साथ नीचे आईं। कमजोर ADP रोजगार रिपोर्ट ने डॉलर और अमेरिकी यील्ड पर अतिरिक्त दबाव डाला। इन सभी कारकों के मेल से सोना अहम तकनीकी स्तर के ऊपर निकला और मोमेंटम आधारित खरीदारी तथा ETF प्रवाह ने तेजी को और बढ़ा दिया ।