28 जुलाई को यूक्रेन के ब्लैक सी जलक्षेत्र में Ferrexpo का एक जहाज रूसी ड्रोन हमले की चपेट में आया। जहाज पर प्रत्यक्ष-अपचयन (direct-reduction यानी DR) ग्रेड के 55,000 टन लौह-अयस्क पेलेट लदे थे। हमले में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई। जहाज की संरचनात्मक स्थिति और माल की हालत की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी, जबकि जहाज मालिकों ने भविष्य की कई समुद्री बुकिंग रद्द कर दीं ।
ग्रेटर ओडेसा बंदरगाह क्षेत्र में रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेनी लौह-अयस्क उत्पादकों के प्रमुख समुद्री निर्यात मार्ग को बुरी तरह बाधित कर दिया। Ferrexpo ने कहा कि निकट भविष्य में इस मार्ग से और शिपमेंट होने की उम्मीद नहीं है ।
निर्यात रुकने का सीधा असर कंपनी की आय पर पड़ा। बिक्री से नकदी आने की संभावना घटने के बाद Ferrexpo ने कार्यशील पूंजी बचाने के लिए पोल्टावा परिचालन में खनन और पेलेट उत्पादन रोकने का फैसला किया । कंपनी अभी मौजूदा स्टॉक से यूरोपीय ग्राहकों की आपूर्ति जारी रख सकती है ।
पोल्टावा खदान को लगभग 10–20 दिनों के लिए बंद रखने की योजना बताई गई है । हालांकि, उत्पादन दोबारा कब शुरू होगा, यह सुरक्षा स्थिति, समुद्री लॉजिस्टिक्स और नए वित्तपोषण पर निर्भर करेगा।
यह युद्ध के दौरान Ferrexpo का दूसरा बड़ा उत्पादन ठहराव है। जनवरी 2026 में रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमलों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद कंपनी ने यूक्रेन में परिचालन रोका था और कुछ कर्मचारियों को अस्थायी अवकाश पर भेजा था ।
Ferrexpo ने अप्रैल 2026 में चेतावनी दी थी कि नए वित्तपोषण के बिना उसकी उपलब्ध नकदी अगस्त के अंत तक समाप्त हो सकती है । मई के अंत तक कंपनी का अनुमान था कि स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल की जा सकने वाली शुद्ध तरलता अगस्त के आसपास शून्य हो जाएगी ।
17 अप्रैल 2026 तक कंपनी की शुद्ध उपलब्ध नकदी करीब 17 मिलियन डॉलर रह गई थी, जो 2025 के अंत में 47 मिलियन डॉलर थी । वसंत ऋतु में ट्रांसशिपमेंट जहाज Iron Destiny की बिक्री से मिले 7.7 मिलियन डॉलर ने नकदी संकट को कुछ समय के लिए टाला, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया ।
5 अगस्त को उत्पादन रोकने की घोषणा के समय Ferrexpo ने कहा कि लागत बचाने और बैलेंस शीट पर नियंत्रण जैसे कदमों के बाद उसकी शुद्ध उपलब्ध नकदी मध्य सितंबर 2026 तक चल सकती है । यह पहले के अगस्त-अंत अनुमान से थोड़ा बेहतर है, लेकिन उत्पादन बंद होने के कारण नई आय नहीं बन रही।
Ferrexpo ने कम-से-कम 100 मिलियन डॉलर की इक्विटी पूंजी जुटाने को अपनी एकमात्र व्यावहारिक वित्तीय योजना बताया है । बोर्ड के अनुसार, यह राशि कंपनी को अगले 18 महीनों तक परिचालन जारी रखने में मदद कर सकती है ।
यदि नकदी समाप्त होने से पहले पूंजी जुटाने का सौदा पूरा नहीं होता, तो कंपनी को दिवालिया या दिवालियापन-संबंधी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है ।
Ferrexpo के शेयर, जिनका टिकर FXPO.L है, 1 मई 2026 से लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार के लिए निलंबित हैं। कंपनी समय पर अतिरिक्त वित्तपोषण हासिल नहीं कर सकी और 2025 के ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे प्रकाशित करने की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाई ।
उत्पादन रोकने की घोषणा के अगले दिन, 6 अगस्त 2026 को यूक्रेन के कर अधिकारियों ने Ferrexpo की सहायक कंपनी Poltava Mining को लगभग 35.3 अरब hryvnia यानी करीब 788 मिलियन डॉलर की संभावित पेनल्टी की सूचना दी । यह मामला जुलाई 2021 से दिसंबर 2025 के बीच विदेशी मुद्रा नियंत्रण नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है।
Ferrexpo का कहना है कि जांच बिना मौके पर निरीक्षण किए की गई और कर अधिकारियों ने वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखा। Poltava Mining ने औपचारिक आपत्तियां दाखिल की हैं और इस आकलन को चुनौती दे रही है । यह फिलहाल एक संभावित पेनल्टी है, अंतिम रूप से वसूली गई राशि नहीं।
मार्च 2025 से यूक्रेन के कर अधिकारियों ने Ferrexpo को मिलने वाले लगभग 80–90 मिलियन डॉलर के वैल्यू-ऐडेड टैक्स (VAT) रिफंड रोक रखे हैं । सरकार का कहना है कि कंपनी के बहुसंख्यक मालिक Kostiantyn Zhevago पर लगे व्यक्तिगत प्रतिबंधों के कारण यह राशि जारी नहीं की जा सकती। Ferrexpo का तर्क है कि कंपनी और उसकी परिचालन सहायक कंपनियां स्वयं प्रतिबंधों के दायरे में नहीं हैं ।
कंपनी के लिए यह रकम कार्यशील पूंजी का सबसे बड़ा संभावित स्रोत है। इसके अटकने से रोजमर्रा के खर्च, उत्पादन और निर्यात जारी रखने की क्षमता पर सीधा दबाव पड़ा है ।
Ferrexpo ने चेताया है कि 2025 के ऑडिट किए गए खातों में देरी और समय पर पूंजी जुटाने में विफलता से दिवालिया प्रक्रिया शुरू हो सकती है । कंपनी ने शेयरधारकों को यह भी बताया है कि पूंजी जुटाने की योजना विफल होने पर वे अपने निवेश का पूरा मूल्य खो सकते हैं ।
पोल्टावा खदान के बंद रहने और नई आय न आने के बीच वित्तपोषण के लिए कंपनी की समय-सीमा अब बेहद सीमित रह गई है । आगे की दिशा मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करेगी: कम-से-कम 100 मिलियन डॉलर की इक्विटी जुटाना, ब्लैक सी निर्यात मार्ग का खुलना और यूक्रेन में अटके VAT रिफंड तथा संभावित टैक्स पेनल्टी से जुड़े विवादों का समाधान।