4 अगस्त 2026 को खेरसॉन के एक बाजार में लगे कैमरे में एक रूसी FPV ड्रोन को 52 वर्षीय सब्जी विक्रेता यूरी का पीछा करते हुए देखा गया । फुटेज के अनुसार, ड्रोन कुछ देर उसके ऊपर मंडराता रहा, फिर वह व्यक्ति अपनी वैन के चारों ओर भागकर बचने की कोशिश करता रहा। इसके बावजूद ड्रोन उसका पीछा करता रहा और अंततः उसके पास विस्फोट कर दिया ।
यूरी हमले में बच गए, लेकिन उन्हें शरीर में छर्रों के कई घाव, concussion और मानसिक आघात हुआ । अस्पताल से उन्होंने बताया, “मैं ड्रोन को दिखा रहा था—‘देखो, यहां सब्जियां हैं’, लेकिन वह सीधे मेरी ओर उड़ने लगा” ।
यूक्रेन की राष्ट्रीय पुलिस ने इसे युद्ध अपराध बताया। राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने वीडियो साझा करते हुए इसे नागरिकों के खिलाफ रूस की ‘ड्रोन सफारी’ का उदाहरण कहा । विदेश मंत्री आंद्री सिबीहा के अनुसार, यह घटना नागरिकों को व्यवस्थित और जानबूझकर निशाना बनाए जाने के आरोपों को मजबूत करती है और यूक्रेन के प्रस्तावित कानूनी मामले का हिस्सा बनेगी ।
रूस ने दक्षिण-पूर्वी शहर ज़ापोरिज़्झिया पर हवाई हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमले अब केवल सैन्य ठिकानों या अग्रिम मोर्चे तक सीमित नहीं हैं। FPV ड्रोन और बड़े ग्लाइड बमों का इस्तेमाल शहर के स्कूलों, बस स्टॉप, पेट्रोल पंपों, बाजारों, सरकारी इमारतों और आवासीय इलाकों के आसपास किया जा रहा है ।
FPV यानी ‘फर्स्ट-पर्सन व्यू’ ड्रोन में कैमरा लगा होता है और ऑपरेटर उसे लगभग वास्तविक समय में नियंत्रित कर सकता है। पहले रूसी ठिकानों से ये ड्रोन ज़ापोरिज़्झिया शहर तक नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन अब शहर के भीतर इनके इस्तेमाल की खबरें सामने आई हैं । यूक्रेनी खुफिया विभाग ने दावा किया कि जून में रूसी बलों को शहर के नागरिक बुनियादी ढांचे पर kamikaze ड्रोन हमले बढ़ाने का सीधा आदेश दिया गया था ।
हाल के प्रमुख हमलों में शामिल हैं:
ग्लाइड बम पुराने बमों में पंख और मार्गदर्शन प्रणाली जोड़कर बनाए जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ बमों में 3,000 किलोग्राम तक विस्फोटक हो सकता है, जिससे बड़े गड्ढे बनते हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचता है ।
यूक्रेन के अभियोजक जनरल रुस्लान क्रावचेंको ने कहा कि 4 अगस्त का खेरसॉन हमला 2026 में नागरिकों पर दर्ज 2,600 से अधिक रूसी हमलों में से एक है। इन हमलों में 967 नागरिकों की मौत हुई है । यह आंकड़ा यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा दर्ज किए गए हमलों और मौतों पर आधारित है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार निगरानी मिशन के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच पूरे यूक्रेन में 1,396 नागरिक मारे गए और 7,978 घायल हुए । यह 2025 की समान अवधि की तुलना में 37% अधिक है।
जून 2026 यूक्रेनी नागरिकों के लिए अप्रैल 2022 के बाद सबसे घातक महीना रहा। उस महीने कम-से-कम 293 नागरिक मारे गए और 1,990 घायल हुए ।
छोटे, कम दूरी वाले ड्रोन हमलों से होने वाली मौतों और चोटों में भी तेज वृद्धि हुई। जनवरी से जून 2026 के बीच ऐसे हमलों में 418 लोग मारे गए और 2,437 घायल हुए—2025 की समान अवधि की तुलना में कुल हताहतों में 65% वृद्धि ।
यूक्रेन रूस द्वारा नागरिकों के खिलाफ ड्रोन के व्यवस्थित इस्तेमाल पर अपना पहला अलग मानवता-विरोधी अपराध का मामला तैयार कर रहा है । यह कदम संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों की पिछली जांचों पर आधारित है।
Human Rights Watch ने भी कहा कि खेरसॉन में रूसी बलों द्वारा क्वाडकॉप्टर ड्रोन से नागरिकों पर किए गए हमले संभावित मानवता-विरोधी अपराध हैं। संगठन के अनुसार, ये हमले नागरिक आबादी पर व्यापक हमले का हिस्सा प्रतीत होते हैं और किसी सरकारी नीति को आगे बढ़ाते दिखते हैं ।
संयुक्त राष्ट्र आयोग ने कहा कि इन ड्रोन हमलों का प्राथमिक उद्देश्य नागरिक आबादी में आतंक फैलाना था, जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है । यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन की प्रमुख डेनियल बेल के अनुसार, कम दूरी वाले ड्रोन “मोर्चे के पास रहने वाले समुदायों में नागरिक जीवन को मौलिक रूप से बदल रहे हैं” ।
खेरसॉन के बाजार में यूरी पर हुआ हमला इसी व्यापक पैटर्न का सबसे ताजा और दृश्य उदाहरण है। अब यूक्रेन इस तरह की घटनाओं को अलग-अलग युद्ध अपराधों के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों को डराने और विस्थापित करने वाली एक व्यवस्थित नीति के रूप में कानूनी रूप से पेश करने की तैयारी कर रहा है।