शीन के मूल्यांकन की यह गिरावट साफ तौर पर दिखती है:
| मुकाम | मूल्यांकन | समय |
|---|---|---|
| सबसे ऊंचा प्राइवेट वैल्यूएशन | ~$98-100 बिलियन | 2022 फंडरेज |
| नवीनतम फंडरेज | ~$66 बिलियन | मई 2023 |
| 2024 का आखिरी प्राइवेट राउंड | ~$64 बिलियन | 2024 |
| IPO टार्गेट रेंज | $30-40 बिलियन | अगस्त 2026 |
$30-40 बिलियन का लक्ष्य 2022 के पीक से 60%-70% और महज दो साल पहले के $64 बिलियन से 37%-53% कम है ।
IPO की राह आसान करने के लिए, शीन उन लेट-स्टेज निवेशकों को 'कॉस्ट रीसेट' पैकेज दे रही है जिन्होंने $64 बिलियन के वैल्यूएशन पर निवेश किया था। इस पैकेज में शामिल है :
इसका मकसद इन निवेशकों के लिए प्रभावी एंट्री पॉइंट को $64 बिलियन से घटाकर IPO रेंज के करीब लाना है। यह एक असामान्य प्री-IPO रियायत है जो मानती है कि लेट-स्टेज निवेशकों को कागज़ी नुकसान उठाना पड़ा है और उन्हें खुश रखना ज़रूरी है ।
हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में 26 जुलाई, 2026 को दाखिल शीन के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस ने एक बड़ी सुस्ती दिखाई:
हाइपरग्रोथ (2023 में 41%) से लगभग फ्लैट (Q1 2026 में 1.1%) तक की यह गिरावट शीन के IPO के लिए सबसे बड़ी चुनौती है ।
शीन को अपने दो सबसे बड़े बाजारों में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
अमेरिका
यूरोपीय संघ
कंपनी ने अपने प्रॉस्पेक्टस में चेतावनी दी है कि इन बदलावों का उसके कारोबार, वित्तीय स्थिति और संचालन पर "गंभीर नकारात्मक प्रभाव" पड़ सकता है ।
Q1 में लगभग फ्लैट वृद्धि, तिमाही घाटा, अमेरिकी छूट खत्म होना, EU का नया पार्सल शुल्क और FTC जांच ने शीन की कहानी को पूरी तरह बदल दिया है। विश्लेषक अब शीन को 'हाइपरग्रोथ' स्टोरी नहीं मानते और कुछ का मानना है कि IPO के बाद इसकी वैल्यूएशन $20-30 बिलियन के करीब आ सकती है । एक समय की $100 बिलियन की दिग्गज कंपनी आज पब्लिक मार्केट के निवेशकों को यह समझाने के लिए जूझ रही है कि उसका धीमा और टैरिफ से जूझता कारोबार इतनी कम कीमत के भी लायक है।