5 अगस्त को सेना और सरकारी अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बताया कि भागीदारों से एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों की आपूर्ति 2025 की तुलना में तीन गुना कम हो गई है । उन्होंने जोर दिया कि यह कमी सिर्फ गर्मियों का मामला नहीं है, बल्कि पूरे 2026 के पहले छह महीनों का रुझान है । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि भागीदार देशों के पास मिसाइलों का भंडार है, लेकिन वे उन्हें दे नहीं रहे हैं । उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसके पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है – शायद यूक्रेन को 'ज़्यादा आज्ञाकारी' (compliant) बनाने का एक प्रयास । अमेरिका और यूरोपीय देशों का आधिकारिक स्पष्टीकरण यह है कि उनकी मिसाइलों को मध्य पूर्व (Middle East) की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डायवर्ट किया जा रहा है ।
4-5 अगस्त की रात, रूस ने यूक्रेनी वायु सेना के अनुसार, 28 मिसाइलों और 115 ड्रोनों के साथ एक बड़ा हमला किया । इनमें 24 इकंदर-एम (Iskander-M) बैलिस्टिक मिसाइलें और 4 जिरकोन/ओनिक्स (Zircon/Onyx) एंटी-शिप मिसाइलें शामिल थीं । मुख्य लक्ष्य कीव और उसके आसपास का क्षेत्र था । यूक्रेन ने 115 ड्रोनों में से 98 को मार गिराया, लेकिन एक भी मिसाइल को नहीं रोक पाया । इस हमले में कम से कम 17 नागरिक मारे गए और दर्जनों घायल हुए ।
यह कोई अकेला हादसा नहीं था। इससे सिर्फ चार दिन पहले, 1 अगस्त को एक अलग हमले में 27 बैलिस्टिक मिसाइलों में से केवल एक को इंटरसेप्ट किया जा सका था । 5 अगस्त का 'शून्य इंटरसेप्शन' का नतीजा बता रहा है कि यूक्रेन के पास पैट्रियट जैसे हाई-एंड सिस्टमों के लिए इंटरसेप्टर (मिसाइलें) खत्म हो गए हैं ।
कई रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने अपनी रणनीति बदल ली है। वह अब बैलिस्टिक और क्वासि-बैलिस्टिक मिसाइलों (जैसे इकंदर-एम, जिरकोन/ओनिक्स) से यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को संतृप्त (saturate) कर रहा है। इन मिसाइलों को पैट्रियट जैसी उन्नत प्रणालियों के बिना रोकना बेहद मुश्किल है । कीव इंडिपेंडेंट के अनुसार, एक नई रूसी रणनीति है – कम भंडार का फायदा उठाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों की सामूहिक बौछार (mass salvos) करना । रूस बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भी मिला रहा है, ताकि निशाना बनाना मुश्किल हो और बची-खुची मिसाइलें भी खत्म हो जाएं । इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने 4-5 अगस्त के ऑपरेशन को 'अपेक्षाकृत छोटा' हमला बताया, जो यूक्रेन की बैलिस्टिक खतरों से निपटने में असमर्थता के कारण सफल हुआ ।
ट्रंप का जुलाई में पलटना: पैट्रियट मोर्चे पर स्थिति अमेरिकी नीति की वजह से और भी जटिल है। जुलाई 2026 की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलें घरेलू स्तर पर बनाने की अनुमति देने का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था, "हम उन्हें पैट्रियट बनाने का अधिकार देंगे। हम उन्हें बनाना सिखाएंगे" । लेकिन 31 जुलाई को ट्रंप ने अपना रुख बदल दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने ऐसे किसी भी समझौते के लिए 'सहमति नहीं दी है' और उन्हें इस तकनीक को साझा करने में 'बहुत सावधान' रहना होगा । फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया कि एक हफ्ते पहले व्हाइट हाउस की बैठक में ट्रंप ने व्यक्तिगत रूप से ज़ेलेंस्की की सैकड़ों अतिरिक्त पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की मांग को खारिज कर दिया था। उन्होंने कम अमेरिकी भंडार और मध्य पूर्व की बढ़ती ज़रूरतों का हवाला दिया ।
व्हिटेकर का 3 अगस्त का बयान: नाटो में अमेरिकी राजदूत मैथ्यू व्हिटेकर ने 3 अगस्त को कहा कि यूक्रेन के साथ पैट्रियट इंटरसेप्टर के संयुक्त उत्पादन पर कोई भी दीर्घकालिक समझौता इस सर्दी तक नहीं हो पाएगा । व्हिटेकर ने जोर देकर कहा कि तत्काल प्राथमिकता सहयोगियों से मौजूदा इंटरसेप्टर भंडार को सुरक्षित करना या अमेरिकी कारखानों का उत्पादन बढ़ाना है । हालांकि, रॉयटर्स ने 5 अगस्त को बताया कि व्हिटेकर बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें यूक्रेन में पैट्रियट के पुर्जे बनाकर जर्मनी में असेंबल करने का विकल्प भी शामिल है । सबसे आशावादी स्थिति में भी, नई मिसाइलों को आने में कम से कम एक साल लगेगा ।
उपलब्ध स्रोतों में 5 अगस्त के हमले में उत्तर कोरियाई मिसाइलों के इस्तेमाल का कोई जिक्र नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस्तेमाल किए गए हथियार पूरी तरह से रूसी थे: 24 इकंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइलें, 4 जिरकोन/ओनिक्स मिसाइलें और 115 शाहद-प्रकार के ड्रोन ।
जहां तक चर्चा में आने वाली कुछ विशेष परियोजनाओं का सवाल है (जैसे FP7.X या फ्रेया प्रोजेक्ट), उपलब्ध स्रोतों में उनका कोई उल्लेख नहीं है। हालांकि, जो पक्का है वह यह है कि यूक्रेन इस समय अमेरिकी लाइसेंस के तहत पैट्रियट इंटरसेप्टर का स्थानीय उत्पादन, यूरोपीय भागीदारों के साथ सह-उत्पादन व्यवस्था और सहयोगियों से मौजूदा इंटरसेप्टर की तत्काल डिलीवरी पर जोर दे रहा है । कोई भी नया उत्पादन कम से कम एक साल दूर है । व्हिटेकर ने माना कि औद्योगिक आधार बढ़ाने के लिए यूक्रेनियों और यूरोपीय लोगों के साथ सह-उत्पादन के अवसर हैं, लेकिन ये सर्दियों से पहले मदद करने वाले दीर्घकालिक प्रयास हैं ।