धरती ही डिटेक्टर: डार्क मैटर की खोज में जापान, CERN और नए प्रयोग
डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight... MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी) सिद्धांत, जो डार्क मैटर के बिना गुरुत्वाकर्षण में संशोधन का प्रस्त...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight...
MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी) सिद्धांत, जो डार्क मैटर के बिना गुरुत्वाकर्षण में संशोधन का प्रस्ताव करता है, को आकाशगंगा समूहों और बौनी आकाशगंगाओं के नए अध्ययनों से गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक नए विश्...
अगली पीढ़ी के डिटेक्टर जैसे DarkSide 20k, DARWIN/XLZD और PandaX xT डिजाइन या निर्माण चरण में हैं, जो डार्क मैटर की खोज की संवेदनशीलता को और बढ़ाएंगे।
What recent advances have been made in the search for dark matter, including the use of Earth as a giant detector by Japanese researchers, cConceptual illustration of the Earth-ionosphere cavity being used as a resonant detector for dark matter particles.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What recent advances have been made in the search for dark matter, including the use of Earth as a giant detector by Japanese researchers, c. Article summary: Let me do one targeted search for CERN-related dark matter detector advancesHere is a concise overview of recent advances across the three areas you asked about.. Topic tags: general. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as a
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डार्क मैटर की खोज का इतिहास बड़े-बड़े भूमिगत टैंकों और अत्यधिक ठंडे क्रिस्टल की कहानी रहा है। लेकिन 2025 और 2026 में इस कहानी ने कई नए मोड़ लिए हैं। शोधकर्ता अब पृथ्वी को ही एक डिटेक्टर के रूप में उपयोग करने, सुपरफ्लूड हीलियम को परम शून्य के करीब ठंडा करने और कोलाइडर प्रयोगों को उनकी सीमा तक धकेलने का प्रस्ताव कर रहे हैं। साथ ही, डार्क मैटर के प्रमुख वैकल्पिक सिद्धांत—MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी)—को अब तक की सबसे मजबूत पर्यवेक्षणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
पृथ्वी को एक विशाल डार्क मैटर डिटेक्टर के रूप में उपयोग करना
क्योटो विश्वविद्यालय, हिरोशिमा विश्वविद्यालय और निहोन विश्वविद्यालय की एक संयुक्त टीम ने पृथ्वी को ही डार्क मैटर के लिए एक विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव रखा है। यह दृष्टिकोण 5 अगस्त, 2026 को एक शोध समाचार विज्ञप्ति के रूप में प्रकाशित हुआ, जो डार्क मैटर कणों के दुर्लभ अंतःक्रियाओं को पकड़ने के लिए ग्रह के विशाल आयतन का दोहन करता है । "हमने खुद से पूछा कि क्या हम पृथ्वी को ही एक विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर सकते हैं," संबंधित लेखक अत्सुशी तारुया कहते हैं । पृथ्वी-आयनमंडल गुहा एक अनुनादी संरचना के रूप में कार्य करती है जो कमजोर संकेतों को प्रवर्धित कर सकती है।
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अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"धरती ही डिटेक्टर: डार्क मैटर की खोज में जापान, CERN और नए प्रयोग" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight... MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी) सिद्धांत, जो डार्क मैटर के बिना गुरुत्वाकर्षण में संशोधन का प्रस्ताव करता है, को आकाशगंगा समूहों और बौनी आकाशगंगाओं के नए अध्ययनों से गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक नए विश्...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
अगली पीढ़ी के डिटेक्टर जैसे DarkSide 20k, DARWIN/XLZD और PandaX xT डिजाइन या निर्माण चरण में हैं, जो डार्क मैटर की खोज की संवेदनशीलता को और बढ़ाएंगे।
धरती ही डिटेक्टर: डार्क मैटर की खोज में जापान, CERN और नए प्रयोग
डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight... MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी) सिद्धांत, जो डार्क मैटर के बिना गुरुत्वाकर्षण में संशोधन का प्रस्त...
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डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight...
MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी) सिद्धांत, जो डार्क मैटर के बिना गुरुत्वाकर्षण में संशोधन का प्रस्ताव करता है, को आकाशगंगा समूहों और बौनी आकाशगंगाओं के नए अध्ययनों से गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक नए विश्...
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डार्क मैटर की खोज का इतिहास बड़े-बड़े भूमिगत टैंकों और अत्यधिक ठंडे क्रिस्टल की कहानी रहा है। लेकिन 2025 और 2026 में इस कहानी ने कई नए मोड़ लिए हैं। शोधकर्ता अब पृथ्वी को ही एक डिटेक्टर के रूप में उपयोग करने, सुपरफ्लूड हीलियम को परम शून्य के करीब ठंडा करने और कोलाइडर प्रयोगों को उनकी सीमा तक धकेलने का प्रस्ताव कर रहे हैं। साथ ही, डार्क मैटर के प्रमुख वैकल्पिक सिद्धांत—MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी)—को अब तक की सबसे मजबूत पर्यवेक्षणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
पृथ्वी को एक विशाल डार्क मैटर डिटेक्टर के रूप में उपयोग करना
क्योटो विश्वविद्यालय, हिरोशिमा विश्वविद्यालय और निहोन विश्वविद्यालय की एक संयुक्त टीम ने पृथ्वी को ही डार्क मैटर के लिए एक विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग करने का प्रस्ताव रखा है। यह दृष्टिकोण 5 अगस्त, 2026 को एक शोध समाचार विज्ञप्ति के रूप में प्रकाशित हुआ, जो डार्क मैटर कणों के दुर्लभ अंतःक्रियाओं को पकड़ने के लिए ग्रह के विशाल आयतन का दोहन करता है । "हमने खुद से पूछा कि क्या हम पृथ्वी को ही एक विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर सकते हैं," संबंधित लेखक अत्सुशी तारुया कहते हैं । पृथ्वी-आयनमंडल गुहा एक अनुनादी संरचना के रूप में कार्य करती है जो कमजोर संकेतों को प्रवर्धित कर सकती है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"धरती ही डिटेक्टर: डार्क मैटर की खोज में जापान, CERN और नए प्रयोग" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज अब तक नहीं हुई है, लेकिन 2025 26 में तीन बड़ी प्रगति हुई है: जापानी टीमें पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को एक्सियॉन डार्क मैटर के लिए विशाल डिटेक्टर के रूप में उपयोग कर रही हैं; DFG ने DELight... MOND (संशोधित न्यूटनियन गतिकी) सिद्धांत, जो डार्क मैटर के बिना गुरुत्वाकर्षण में संशोधन का प्रस्ताव करता है, को आकाशगंगा समूहों और बौनी आकाशगंगाओं के नए अध्ययनों से गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक नए विश्...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
अगली पीढ़ी के डिटेक्टर जैसे DarkSide 20k, DARWIN/XLZD और PandaX xT डिजाइन या निर्माण चरण में हैं, जो डार्क मैटर की खोज की संवेदनशीलता को और बढ़ाएंगे।
अलग से, अत्सुशी निशिजावा (हिरोशिमा विश्वविद्यालय) के नेतृत्व में एक टीम ने अति-निम्न-आवृत्ति स्थलीय चुंबकीय क्षेत्र के उतार-चढ़ाव की निगरानी करके एक्सियॉन डार्क मैटर की खोज का प्रस्ताव रखा, जो पृथ्वी के प्राकृतिक चुंबकीय वातावरण को पता लगाने के माध्यम के रूप में मानता है । जब 1×10⁻¹⁵ eV और 1×10⁻¹³ eV के बीच द्रव्यमान वाले एक्सियॉन पृथ्वी से गुजरते हैं, तो सिद्धांत भविष्यवाणी करता है कि वे वैश्विक भू-चुंबकीय क्षेत्र के साथ अंतःक्रिया करेंगे, जिससे पता लगाने योग्य विद्युत चुम्बकीय तरंगें उत्पन्न होंगी ।
जापान खनिज-आधारित पहचान में भी अग्रणी है। तीसरी "मिनरल डिटेक्शन ऑफ़ न्यूट्रिनोज़ एंड डार्क मैटर" (MDνDM'25) बैठक मई 2025 में योकोहामा में आयोजित की गई थी, जो JAMSTEC द्वारा आयोजित की गई थी, जो खनिज भंडारों को प्राकृतिक, लंबे समय तक एक्सपोज़र वाले कण डिटेक्टरों के रूप में उपयोग करने पर केंद्रित थी ।
MOND की स्थिति: डार्क मैटर के प्रमुख विकल्प का सामना नए परीक्षणों से
MOND प्रस्ताव करता है कि गुरुत्वाकर्षण कम त्वरण पर अलग तरह से व्यवहार करता है, जिससे अदृश्य डार्क मैटर की आवश्यकता समाप्त हो जाती है । यह आकाशगंगा घूर्णन वक्रों की सफलतापूर्वक भविष्यवाणी करता है, लेकिन हाल के साक्ष्यों ने इसे काफी चुनौती दी है:
मई 2026 में मिल्की वे की गतिशीलता के एक अध्ययन में पाया गया कि डेटा संशोधित गुरुत्वाकर्षण मॉडल (MOND और STVG) पर डार्क मैटर का मजबूती से समर्थन करता है, MOND को >13σ और STVG को >4σ पर खारिज करता है । यह बेरियोनिक संरचना और गुरुत्वाकर्षण नियमों के बीच पिछली समानताओं को तोड़ता है ।
जून 2026 में बुलेट क्लस्टर के पुन: विश्लेषण में पाया गया कि अवलोकन अभी भी डार्क मैटर के बिना एक विकल्प के अनुरूप हो सकते हैं, लेकिन यदि डार्क मैटर मौजूद है, तो यह पहले के विचार से कम मात्रा में होने की संभावना है ।
मई 2025 की एक समीक्षा ने निष्कर्ष निकाला कि MOND आकाशगंगा घूर्णन वक्रों की सफलतापूर्वक व्याख्या करता है लेकिन आकाशगंगा समूहों के पैमाने पर विफल रहता है । सबसे गंभीर समस्या यह है कि आकाशगंगा समूह MOND का उपयोग करके विश्लेषण करने पर भी अवशिष्ट द्रव्यमान विसंगति दिखाते हैं ।
2025 के एक अलग अध्ययन में बौनी आकाशगंगाओं का उपयोग करते हुए पाया गया कि MOND की भविष्यवाणियां देखे गए व्यवहार को पुन: उत्पन्न करने में विफल रहती हैं, जबकि डार्क मैटर मॉडल स्वाभाविक रूप से डेटा की व्याख्या करते हैं ।
प्रचलित वैज्ञानिक सहमति यह है कि डार्क मैटर ब्रह्मांडीय और खगोलभौतिकीय डेटा की पूरी श्रृंखला के लिए संशोधित गुरुत्वाकर्षण की तुलना में एक स्पष्टीकरण के रूप में पसंद किया जाता है ।
नए डिटेक्टर प्रोजेक्ट: हीडलबर्ग में DELight
अप्रैल 2026 में, जर्मन रिसर्च फाउंडेशन (DFG) ने DELight प्रयोग के लिए €5.3 मिलियन के फंडिंग को मंजूरी दी—जो लक्ष्य सामग्री के रूप में सुपरफ्लूड हीलियम-4 का उपयोग करके प्रकाश डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज है । इस संघ का नेतृत्व हीडलबर्ग विश्वविद्यालय कर रहा है, जिसमें KIT (कार्लज़ूए) और फ्रीबर्ग विश्वविद्यालय के भागीदार हैं ।
DELight डार्क मैटर उम्मीदवारों के रूप में बहुत कम द्रव्यमान वाले कणों पर ध्यान केंद्रित करता है, प्रोफेसर कैथरीन वेलेरियस ने समझाया । डिटेक्टर बड़े क्षेत्र वाले चुंबकीय माइक्रोकैलोरीमीटर (LAMCALs) से सुसज्जित अल्ट्रा-कोल्ड सुपरफ्लूड हीलियम का उपयोग करता है, जो बहुत कम ऊर्जा जमा करने वाले बहुत कम द्रव्यमान वाले डार्क मैटर कणों का पता लगाने के लिए अनुकूलित है । हीलियम कई फायदे प्रदान करता है: इसका कम परमाणु द्रव्यमान और आंतरिक रेडियोप्यूरिटी इसे कम-थ्रेशोल्ड प्रयोगों के लिए आदर्श बनाती है, और यह स्केलेबल डिटेक्टर डिजाइनों को सक्षम बनाता है ।
हीडलबर्ग में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर न्यूक्लियर फिजिक्स (MPIK) में OMNIA अनुसंधान समूह भी माइक्रोलेंसिंग और एस्ट्रोपार्टिकल प्रयोगों के माध्यम से डार्क मैटर खोजों में सक्रिय है ।
CERN का FASER प्रयोग: डार्क फोटॉन खोजों की सीमाओं को आगे बढ़ाना
लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर में FASER (फॉरवर्ड सर्च एक्सपेरिमेंट) लगातार परिणाम दे रहा है। अप्रैल 2026 में, इसने LHC रन 3 से 177 fb⁻¹ प्रोटॉन-प्रोटॉन टकराव डेटा का उपयोग करके डार्क फोटॉनों के लिए नई खोजों की सूचना दी । डार्क फोटॉन एक छिपे हुए "डार्क सेक्टर" के काल्पनिक मध्यस्थ हैं जो डार्क मैटर की व्याख्या कर सकते हैं ।
FASER की नई खोज 2022 और 2024 के बीच एकत्र किए गए डेटा का उपयोग करती है, जो 13.6 TeV की केंद्र-द्रव्यमान ऊर्जा पर 177 fb⁻¹ की एकीकृत चमक के अनुरूप है । देखी गई सीमा लगभग 10 और 150 MeV के बीच द्रव्यमान और लगभग 10⁻⁵–10⁻⁴ के युग्मन वाले डार्क फोटॉनों को बाहर करती है, जो ब्रह्माण्ड संबंधी व्यवहार्य पैरामीटर स्थान के एक हिस्से को खारिज करती है । CERN के EP-News ने जून 2026 में प्रकाश डाला कि FASER ने डार्क सेक्टरों और TeV-पैमाने के न्यूट्रिनो भौतिकी दोनों में नई खिड़कियां खोली हैं ।
बड़ी तस्वीर
यह क्षेत्र कई मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है—पृथ्वी-पैमाने के प्राकृतिक डिटेक्टर (जापान), नए समर्पित क्रायोजेनिक प्रयोग (हीडलबर्ग में DELight), कोलाइडर-आधारित डार्क सेक्टर खोज (CERN में FASER), और डार्क मैटर प्रतिमान और संशोधित गुरुत्वाकर्षण विकल्पों के बीच निरंतर तनाव। प्रत्यक्ष पहचान ने अभी तक डार्क मैटर नहीं पाया है, लेकिन प्रयोगों की संवेदनशीलता तेजी से सुधर रही है । अगली पीढ़ी के डिटेक्टर जैसे DarkSide-20k, DARWIN/XLZD और PandaX-xT डिजाइन, अनुसंधान और विकास, या निर्माण चरणों में हैं ।
अलग से, अत्सुशी निशिजावा (हिरोशिमा विश्वविद्यालय) के नेतृत्व में एक टीम ने अति-निम्न-आवृत्ति स्थलीय चुंबकीय क्षेत्र के उतार-चढ़ाव की निगरानी करके एक्सियॉन डार्क मैटर की खोज का प्रस्ताव रखा, जो पृथ्वी के प्राकृतिक चुंबकीय वातावरण को पता लगाने के माध्यम के रूप में मानता है । जब 1×10⁻¹⁵ eV और 1×10⁻¹³ eV के बीच द्रव्यमान वाले एक्सियॉन पृथ्वी से गुजरते हैं, तो सिद्धांत भविष्यवाणी करता है कि वे वैश्विक भू-चुंबकीय क्षेत्र के साथ अंतःक्रिया करेंगे, जिससे पता लगाने योग्य विद्युत चुम्बकीय तरंगें उत्पन्न होंगी ।
जापान खनिज-आधारित पहचान में भी अग्रणी है। तीसरी "मिनरल डिटेक्शन ऑफ़ न्यूट्रिनोज़ एंड डार्क मैटर" (MDνDM'25) बैठक मई 2025 में योकोहामा में आयोजित की गई थी, जो JAMSTEC द्वारा आयोजित की गई थी, जो खनिज भंडारों को प्राकृतिक, लंबे समय तक एक्सपोज़र वाले कण डिटेक्टरों के रूप में उपयोग करने पर केंद्रित थी ।
MOND की स्थिति: डार्क मैटर के प्रमुख विकल्प का सामना नए परीक्षणों से
MOND प्रस्ताव करता है कि गुरुत्वाकर्षण कम त्वरण पर अलग तरह से व्यवहार करता है, जिससे अदृश्य डार्क मैटर की आवश्यकता समाप्त हो जाती है । यह आकाशगंगा घूर्णन वक्रों की सफलतापूर्वक भविष्यवाणी करता है, लेकिन हाल के साक्ष्यों ने इसे काफी चुनौती दी है:
मई 2026 में मिल्की वे की गतिशीलता के एक अध्ययन में पाया गया कि डेटा संशोधित गुरुत्वाकर्षण मॉडल (MOND और STVG) पर डार्क मैटर का मजबूती से समर्थन करता है, MOND को >13σ और STVG को >4σ पर खारिज करता है । यह बेरियोनिक संरचना और गुरुत्वाकर्षण नियमों के बीच पिछली समानताओं को तोड़ता है ।
जून 2026 में बुलेट क्लस्टर के पुन: विश्लेषण में पाया गया कि अवलोकन अभी भी डार्क मैटर के बिना एक विकल्प के अनुरूप हो सकते हैं, लेकिन यदि डार्क मैटर मौजूद है, तो यह पहले के विचार से कम मात्रा में होने की संभावना है ।
मई 2025 की एक समीक्षा ने निष्कर्ष निकाला कि MOND आकाशगंगा घूर्णन वक्रों की सफलतापूर्वक व्याख्या करता है लेकिन आकाशगंगा समूहों के पैमाने पर विफल रहता है । सबसे गंभीर समस्या यह है कि आकाशगंगा समूह MOND का उपयोग करके विश्लेषण करने पर भी अवशिष्ट द्रव्यमान विसंगति दिखाते हैं ।
2025 के एक अलग अध्ययन में बौनी आकाशगंगाओं का उपयोग करते हुए पाया गया कि MOND की भविष्यवाणियां देखे गए व्यवहार को पुन: उत्पन्न करने में विफल रहती हैं, जबकि डार्क मैटर मॉडल स्वाभाविक रूप से डेटा की व्याख्या करते हैं ।
प्रचलित वैज्ञानिक सहमति यह है कि डार्क मैटर ब्रह्मांडीय और खगोलभौतिकीय डेटा की पूरी श्रृंखला के लिए संशोधित गुरुत्वाकर्षण की तुलना में एक स्पष्टीकरण के रूप में पसंद किया जाता है ।
नए डिटेक्टर प्रोजेक्ट: हीडलबर्ग में DELight
अप्रैल 2026 में, जर्मन रिसर्च फाउंडेशन (DFG) ने DELight प्रयोग के लिए €5.3 मिलियन के फंडिंग को मंजूरी दी—जो लक्ष्य सामग्री के रूप में सुपरफ्लूड हीलियम-4 का उपयोग करके प्रकाश डार्क मैटर की प्रत्यक्ष खोज है । इस संघ का नेतृत्व हीडलबर्ग विश्वविद्यालय कर रहा है, जिसमें KIT (कार्लज़ूए) और फ्रीबर्ग विश्वविद्यालय के भागीदार हैं ।
DELight डार्क मैटर उम्मीदवारों के रूप में बहुत कम द्रव्यमान वाले कणों पर ध्यान केंद्रित करता है, प्रोफेसर कैथरीन वेलेरियस ने समझाया । डिटेक्टर बड़े क्षेत्र वाले चुंबकीय माइक्रोकैलोरीमीटर (LAMCALs) से सुसज्जित अल्ट्रा-कोल्ड सुपरफ्लूड हीलियम का उपयोग करता है, जो बहुत कम ऊर्जा जमा करने वाले बहुत कम द्रव्यमान वाले डार्क मैटर कणों का पता लगाने के लिए अनुकूलित है । हीलियम कई फायदे प्रदान करता है: इसका कम परमाणु द्रव्यमान और आंतरिक रेडियोप्यूरिटी इसे कम-थ्रेशोल्ड प्रयोगों के लिए आदर्श बनाती है, और यह स्केलेबल डिटेक्टर डिजाइनों को सक्षम बनाता है ।
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CERN का FASER प्रयोग: डार्क फोटॉन खोजों की सीमाओं को आगे बढ़ाना
लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर में FASER (फॉरवर्ड सर्च एक्सपेरिमेंट) लगातार परिणाम दे रहा है। अप्रैल 2026 में, इसने LHC रन 3 से 177 fb⁻¹ प्रोटॉन-प्रोटॉन टकराव डेटा का उपयोग करके डार्क फोटॉनों के लिए नई खोजों की सूचना दी । डार्क फोटॉन एक छिपे हुए "डार्क सेक्टर" के काल्पनिक मध्यस्थ हैं जो डार्क मैटर की व्याख्या कर सकते हैं ।
FASER की नई खोज 2022 और 2024 के बीच एकत्र किए गए डेटा का उपयोग करती है, जो 13.6 TeV की केंद्र-द्रव्यमान ऊर्जा पर 177 fb⁻¹ की एकीकृत चमक के अनुरूप है । देखी गई सीमा लगभग 10 और 150 MeV के बीच द्रव्यमान और लगभग 10⁻⁵–10⁻⁴ के युग्मन वाले डार्क फोटॉनों को बाहर करती है, जो ब्रह्माण्ड संबंधी व्यवहार्य पैरामीटर स्थान के एक हिस्से को खारिज करती है । CERN के EP-News ने जून 2026 में प्रकाश डाला कि FASER ने डार्क सेक्टरों और TeV-पैमाने के न्यूट्रिनो भौतिकी दोनों में नई खिड़कियां खोली हैं ।
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यह क्षेत्र कई मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है—पृथ्वी-पैमाने के प्राकृतिक डिटेक्टर (जापान), नए समर्पित क्रायोजेनिक प्रयोग (हीडलबर्ग में DELight), कोलाइडर-आधारित डार्क सेक्टर खोज (CERN में FASER), और डार्क मैटर प्रतिमान और संशोधित गुरुत्वाकर्षण विकल्पों के बीच निरंतर तनाव। प्रत्यक्ष पहचान ने अभी तक डार्क मैटर नहीं पाया है, लेकिन प्रयोगों की संवेदनशीलता तेजी से सुधर रही है । अगली पीढ़ी के डिटेक्टर जैसे DarkSide-20k, DARWIN/XLZD और PandaX-xT डिजाइन, अनुसंधान और विकास, या निर्माण चरणों में हैं ।