इन Gigafactories को बड़े पैमाने के AI कंप्यूटिंग केंद्रों के रूप में देखा जा रहा है। यहां स्टार्टअप, शोधकर्ता और उद्योग अत्याधुनिक AI मॉडल को प्रशिक्षित कर सकेंगे।
इस योजना में शुरुआती रुचि भी उल्लेखनीय रही है। पहले किए गए गैर-बाध्यकारी expressions of interest आमंत्रण में 16 सदस्य देशों के 60 स्थलों को कवर करने वाले 76 प्रस्ताव मिले थे ।
AI Gigafactories जहां कंप्यूटिंग संसाधनों की समस्या को संबोधित करती हैं, वहीं Scaleup Europe Fund यूरोप की दूसरी बड़ी कमजोरी पर ध्यान देता है—late-stage financing gap।
कई यूरोपीय कंपनियां शुरुआती चरण में निवेश जुटा लेती हैं, लेकिन जब उन्हें वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए €100 मिलियन या उससे अधिक की जरूरत होती है, तो यूरोप में पर्याप्त बड़े और लंबे समय के निवेश विकल्प सीमित हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में कुछ कंपनियां अमेरिका में फंडिंग जुटाने या वहां अपना कॉर्पोरेट ढांचा बनाने का विकल्प चुनती हैं ।
यूरोपीय आयोग ने फंड में €1 अरब देने की प्रतिबद्धता जताई है। शेष राशि Novo Holdings, Allianz और डच pension fund ABP जैसे संस्थागत निवेशकों से जुटाई जानी है ।
इन पहलों को अलग-अलग परियोजनाओं के बजाय एक साझा रणनीति के दो हिस्सों के रूप में देखा जा सकता है।
Gigafactories AI स्टार्टअप्स को यूरोप में ही बड़े मॉडल प्रशिक्षित करने के लिए जरूरी कंप्यूटिंग उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती हैं। Scaleup Europe Fund उन्हें कारोबार बढ़ाने, नए बाजारों में जाने और बड़े निवेश दौर पूरे करने के लिए पूंजी देने की कोशिश करेगा।
यानी किसी कंपनी को पहले AI मॉडल विकसित करने के लिए अमेरिकी क्लाउड पर निर्भर होने और बाद में बड़े फंडिंग राउंड के लिए अमेरिका जाने की जरूरत कम हो सकती है।
दोनों पहलों का ध्यान AI, quantum और अन्य रणनीतिक deep-tech क्षेत्रों पर है। इससे एक संभावित pipeline बनती है: कंपनियां यूरोपीय कंप्यूटिंग ढांचे पर तकनीक विकसित करें और फिर यूरोप के भीतर ही बड़े growth rounds जुटाएं।
EU की चिंता केवल स्टार्टअप्स के स्थानांतरण तक सीमित नहीं है। अत्याधुनिक AI के लिए जरूरी चिप्स, डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग कुछ बड़ी वैश्विक कंपनियों और देशों में केंद्रित हैं। यूरोप अपनी क्षमता बढ़ाकर इस निर्भरता को कम करना चाहता है ।
दोनों योजनाएं यूरोप की दो वास्तविक कमियों को सीधे संबोधित करती हैं—कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और late-stage पूंजी। Gigafactories योजना में सार्वजनिक और निजी निवेश मिलाकर लगभग €30 अरब जुटाने का लक्ष्य है, जबकि Scaleup Europe Fund का लक्ष्य €5 अरब है ।
हालांकि, कंपनियों को यूरोप में बनाए रखने के लिए केवल पैसा और कंप्यूटिंग पर्याप्त नहीं होंगे। योजनाओं की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि Gigafactories कितनी जल्दी तैयार होती हैं, कंपनियों को कंप्यूटिंग तक कितनी आसानी से पहुंच मिलती है और फंड कितनी तेजी से बड़े निवेश कर पाता है। फिलहाल, EU ने कम-से-कम उन दो अड़चनों पर बड़ा दांव लगा दिया है, जिनकी वजह से यूरोपीय टेक कंपनियां अक्सर महाद्वीप से बाहर चली जाती हैं।